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Lalitpur News: तीन वर्ष बाद भी शुरू नहीं हो सका गंभीर रोगियों का उपचार
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मेडिकल काॅलेज में गंभीर रोगियों के उपचार की सुविधा अब तक शुरू नहीं हो सकी है। शासन ने स्वास्थ्य विभाग से क्रिटिकल केयर यूनिट की स्थापना के लिए प्रस्ताव मांगा था, जमीन न मिलने से भवन का निर्माण शुरू नहीं हो सका। इससे गंभीर रोगियों को उपचार के लिए महानगरों का रुख करना पड़ रहा है।
जिले में अब तक मरीजों को सामान्य उपचार ही मिल पा रहा है। सड़क दुर्घटना या अन्य कारणों के गंभीर मरीजों को उपचार के लिए झांसी, भोपाल व ग्वालियर पर निर्भर रहना पड़ता है। समय पर उपचार न मिलने से कई मरीजों की जान तक चली जाती है। इन मरीजों को समय पर जिले में ही उपचार मिले, शासन ने क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए स्वास्थ्य विभाग से जमीन चिह्नित कर 2022 में प्रस्ताव मांगा था। क्रिटिकल केयर यूनिट निर्माण के लिए लगभग 3200 स्क्वायर फीट भूमि की आवश्यकता है। यूनिट का निर्माण तीन मंजिला में किया जाना है, इसमें 60 बेड की सुविधा होनी है।
लेकिन, तीन वर्ष बाद भी क्रिटिकल केयर यूनिट की स्थापना के लिए जमीन ही चिह्नित नहीं की जा सकी। अधिकारियों का कहना है कि भूमि के लिए शिक्षा विभाग को पत्राचार किया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद यूनिट की स्थापना की जाएगी। यूनिट का निर्माण होने के बाद गंभीर रोगियों को उपचार के लिए महानगरों का रुख नहीं करना होगा।
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ये होंगी सुविधाएं
क्रिटिकल केयर यूनिट के संचालित होने से हृदय रोग, सांस, हेड इंजरी, चोट, सर्जरी समेत अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों का इलाज हो सकेगा। आपात स्थिति में सर्जरी से प्रसव की सुविधा भी होगी। यूनिट में ऑपरेशन थिएटर, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, आईसीयू, लिफ्ट, आपातकालीन वार्ड, आर्थो विंग, सर्जरी विंग सहित अन्य सुविधाएं 24 घंटे मुहैया करवाई जाएंगी।
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ललितपुर। मेडिकल काॅलेज में गंभीर रोगियों के उपचार की सुविधा अब तक शुरू नहीं हो सकी है। शासन ने स्वास्थ्य विभाग से क्रिटिकल केयर यूनिट की स्थापना के लिए प्रस्ताव मांगा था, जमीन न मिलने से भवन का निर्माण शुरू नहीं हो सका। इससे गंभीर रोगियों को उपचार के लिए महानगरों का रुख करना पड़ रहा है।
जिले में अब तक मरीजों को सामान्य उपचार ही मिल पा रहा है। सड़क दुर्घटना या अन्य कारणों के गंभीर मरीजों को उपचार के लिए झांसी, भोपाल व ग्वालियर पर निर्भर रहना पड़ता है। समय पर उपचार न मिलने से कई मरीजों की जान तक चली जाती है। इन मरीजों को समय पर जिले में ही उपचार मिले, शासन ने क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए स्वास्थ्य विभाग से जमीन चिह्नित कर 2022 में प्रस्ताव मांगा था। क्रिटिकल केयर यूनिट निर्माण के लिए लगभग 3200 स्क्वायर फीट भूमि की आवश्यकता है। यूनिट का निर्माण तीन मंजिला में किया जाना है, इसमें 60 बेड की सुविधा होनी है।
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लेकिन, तीन वर्ष बाद भी क्रिटिकल केयर यूनिट की स्थापना के लिए जमीन ही चिह्नित नहीं की जा सकी। अधिकारियों का कहना है कि भूमि के लिए शिक्षा विभाग को पत्राचार किया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद यूनिट की स्थापना की जाएगी। यूनिट का निर्माण होने के बाद गंभीर रोगियों को उपचार के लिए महानगरों का रुख नहीं करना होगा।
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ये होंगी सुविधाएं
क्रिटिकल केयर यूनिट के संचालित होने से हृदय रोग, सांस, हेड इंजरी, चोट, सर्जरी समेत अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों का इलाज हो सकेगा। आपात स्थिति में सर्जरी से प्रसव की सुविधा भी होगी। यूनिट में ऑपरेशन थिएटर, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, आईसीयू, लिफ्ट, आपातकालीन वार्ड, आर्थो विंग, सर्जरी विंग सहित अन्य सुविधाएं 24 घंटे मुहैया करवाई जाएंगी।