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Lalitpur News: आरोग्य मंदिरों पर नहीं मिला उपचार, बैरंग लौटे मरीज
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सोमवार को 94 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर सीएचओ की हड़ताल के चलते स्वास्थ्य सेवाएं ठप रहीं। मरीज बैरंग घर लौट गए।
शासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए हैं। इनमें एक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी की नियुक्ति की गई है। यह मरीजों की जांच व सामान्य उपचार करते हैं। इसके अलावा अन्य विभाग के राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं को चिह्नित कर रेफर करते हैं।
वर्तमान में विभिन्न मांगों को लेकर चल रही सीएचओ की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। सोमवार को 94 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पाईं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार लगभग एक हजार मरीज प्रतिदिन इन स्वास्थ्य इकाइयों पर आते हैं, लेकिन अब बंद होने से इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
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इन जांच की मिलती है सुविधा
- मलेरिया
- टाइफाइड
- किट से डेंगू
- मधुमेह
- रक्तचाप
- हीमोग्लोबिन
- सिलफिस
- क्षय रोग
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इन मांगों को लेकर चल रही हड़ताल
- सीएचओ पर एएमएस लागू न किया जाए।
- कैडर निर्धारित कर छह वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके कर्मियों को नियमित किया जाए।
अन्य राज्यों की तरह यहां के सीएचओ को 40 हजार रुपये दिया जाए।
- पीबीआई को सैलरी में मर्ज किया जाए, साथ ही 4800 ग्रेड पे के अनुसार वेतन निर्धारण किया जाए और महंगाई भत्ता प्रदान किया जाए।
- स्वैच्छिक स्थानांतरण का लाभ दिया जाए।
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ललितपुर। सोमवार को 94 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर सीएचओ की हड़ताल के चलते स्वास्थ्य सेवाएं ठप रहीं। मरीज बैरंग घर लौट गए।
शासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए हैं। इनमें एक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी की नियुक्ति की गई है। यह मरीजों की जांच व सामान्य उपचार करते हैं। इसके अलावा अन्य विभाग के राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं को चिह्नित कर रेफर करते हैं।
वर्तमान में विभिन्न मांगों को लेकर चल रही सीएचओ की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। सोमवार को 94 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पाईं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार लगभग एक हजार मरीज प्रतिदिन इन स्वास्थ्य इकाइयों पर आते हैं, लेकिन अब बंद होने से इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
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इन जांच की मिलती है सुविधा
- मलेरिया
- टाइफाइड
- किट से डेंगू
- मधुमेह
- रक्तचाप
- हीमोग्लोबिन
- सिलफिस
- क्षय रोग
इन मांगों को लेकर चल रही हड़ताल
- सीएचओ पर एएमएस लागू न किया जाए।
- कैडर निर्धारित कर छह वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके कर्मियों को नियमित किया जाए।
अन्य राज्यों की तरह यहां के सीएचओ को 40 हजार रुपये दिया जाए।
- पीबीआई को सैलरी में मर्ज किया जाए, साथ ही 4800 ग्रेड पे के अनुसार वेतन निर्धारण किया जाए और महंगाई भत्ता प्रदान किया जाए।
- स्वैच्छिक स्थानांतरण का लाभ दिया जाए।