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ट्रांसफार्मर में तेल कम तो देने होंगे चालीस रुपये

Sat, 13 Aug 2016 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 13 Aug 2016 12:53 AM IST
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ललितपुर। विद्युत स्टोर विभाग ने ट्रांसफार्मर खराब होने की दशा में तेल की पूर्ति के लिए नियमों में संशोधन किया है। नए नियमों के तहत ट्रांसफार्मर में तेल कम निकलने पर विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को तेल की सत्तर प्रतिशत की बाध्यता से राहत देते हुए हर लीटर तेल पर चालीस रुपए अदा करने होंगे। इससे विभाग के राजस्व में वृद्धि होगी और तेल चोरी की घटनाओं में कमी होगी।
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जनपद में हर माह विभिन्न क्षमता के दर्जनों ट्रांसफार्मर तकनीकी या फिर अन्य कारणों के चलते खराब होते हैं। खराब ट्रांसफार्मर्स को उस क्षेत्र के अवर अभियंता के माध्यम से वर्कशॉप में जमा कराया जाता है। वर्कशॉप में ट्रांसफार्मर में डीटीसी (डैमेज ट्रांसफार्मर सर्टीफिकेट) जारी की जाती है, जिसमें खराब ट्रांसफार्मर की उन कमियों को दर्शाया जाता है, जिनके कारण ट्रांसफार्मर खराब हुआ। इसके बाद ट्रांसफार्मर को रिपेयर या बदलने के लिए विद्युत स्टोर द्वारा झांसी वर्कशॉप पहुंचाया जाता है और उक्त स्थान के लिए नया या रिपेयर किया हुआ ट्रांसफार्मर विद्युत स्टोर द्वारा जारी किया जाता है।
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वर्कशॉप में डीटीसी के दौरान खराब ट्रांसफार्मरों में नियमानुसार सत्तर प्रतिशत तेल होना चाहिए, जबकि अधिकांश ट्रांसफार्मरों में तेल कम निकलता है या फिर बहुत से ट्रांसफार्मरों में तो कई बार तेल की मात्रा शून्य तक मिल रही है। ट्रांसफार्मर में तेल कम होने पर जिम्मेदार विद्युत अवर अभियंता को ही ठहराया जाता है, जिसके लिए अभियंता को उचित कारण दर्शाना होता है। अब तक अभियंता की रिपोर्ट पर ही उस क्षेत्र के लिए ट्रांसर्फार जारी कर दिए जाते थे। लेकिन, अब विद्युत स्टोर विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव अग्रवाल द्वारा नियमों में संशोधन किया गया है, जिसके तहत नलकूप संयोजन या फिर अन्य निजी विद्युत संयोजन का ट्रांसफार्मर खराब होने पर तेल की मात्रा कम होने की दशा में उपभोक्ताओं से चालीस रुपए प्रति लीटर के हिसाब से रसीद कटवाकर राजस्व की वसूली की जाएगी। हालांकि उस क्षेत्र के अधिशासी अभियंता या फिर अवर अभियंता द्वारा ट्रांसफार्मर में तेल कम होने का उचित कारण दर्शाया जाता है, तब उपभोक्ता को रसीद कटवाने की बाध्यता से राहत भी मिल सकती है। हालांकि, यह उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ जरूर पड़ेगा, लेेकिन इससे विभाग के राजस्व में वृद्धि भी होगी और जानबूझकर तेल चोरी की घटनाओं में कमी लाई जा सकेगी।
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25 केवीए ट्रांसफार्मर में होता है 90 लीटर तेल
नलकूप संयोजन के लिए नए विद्युत ट्रांसफार्मर में 90 लीटर तेल भरा होता है, जिसका मेंटीनेंस विभाग द्वारा समय-समय पर किया जाता है। लेकिन अधिकांश ट्रांसफार्मर मेंटीनेंस के अभाव या फिर अन्य तकनीकी कारणों से खराब हो जाते हैं। खराब ट्रांसफार्मर जमा करने के दौरान यदि तेल की मात्रा शून्य होती है, तो ऐसे में उपभोक्ताओं से विभाग द्वारा चालीस रुपए प्रति लीटर के हिसाब से 4800 रुपए की राजस्व वसूली की जाएगी। अब तक विद्युत स्टोर द्वारा करीब एक दर्जन से अधिक उपभोक्ताओं की रसीद कटवाई जा चुकी है।
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