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मैजिक चालक की हत्या में तीन अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा
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- फोटो : jail 2.jpg
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ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम शबिस्तां आकिल ने बृहस्पतिवार को जाखलौन थाना क्षेत्र में करीब सात साल पहले मैजिक चालक की लाठी व कुल्हाड़ी मारकर हत्या के मामले में तीन अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
थाना जाखलौन के ग्राम बम्हौरीकलां निवासी जगदीश तिवारी ने सात वर्ष पहले थाना पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसके रिश्ते के चाचा सुखदेव चौबे अपनी मैजिक गाड़ी चलाकर परिवार का भरण पोषण करते थे। चार जनवरी 2014 को दोपहर 12 बजे वह बम्हौरीकलां से सवारी लेकर ललितपुर गए थे। उस मैजिक में गांव का संतोष सहरिया भी बैठा था। किराया मांगने पर संतोष से सुखदेव की कहासुनी हो गई थी। संतोष ने गांव में पहुंचने पर जान से मारने की धमकी दी थी। शाम को उसके चाचा सुखदेव सवारियां लेकर वापस गांव पहुंचे। जैसे ही वह मैजिक लेकर पूर्व प्रधान प्रवेश सहरिया के मकान के पास पहुंचे तो रोड पर पत्थर रखे दिखे और रामदास सहरिया, जगभान सहरिया एवं संतोष सहरिया वहां खड़े थे। उन्होंने मैजिक को रोका। इस पर सुखदेख नीचे उतर आया। तभी तीनों ने लाठी व कुल्हाड़ी से हमलाकर दिया।
घटना शाम को लगभग 4.45 बजे की है। मैजिक में बैठे लोग चिल्लाए तो हमलावर धमकी देते हुए भाग गए। उसके चाचा गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही गिर पड़े। परिजन उसे उपचार को जिला अस्पताल ले गए हालत गंभीर देख डॉक्टर ने उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां उसकी मौत हो गई।
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थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया था। विवेचक ने अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। मुकदमे में न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए तीनों आरोपियों को सुखदेव की हत्या में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक पर दो-दो हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। आरोपी संतोष वारंट में जेल में था। जबकि दो अन्य आरोपी जमानत पर थे। मामले में पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव लिटौरिया ने की।
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थाना जाखलौन के ग्राम बम्हौरीकलां निवासी जगदीश तिवारी ने सात वर्ष पहले थाना पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसके रिश्ते के चाचा सुखदेव चौबे अपनी मैजिक गाड़ी चलाकर परिवार का भरण पोषण करते थे। चार जनवरी 2014 को दोपहर 12 बजे वह बम्हौरीकलां से सवारी लेकर ललितपुर गए थे। उस मैजिक में गांव का संतोष सहरिया भी बैठा था। किराया मांगने पर संतोष से सुखदेव की कहासुनी हो गई थी। संतोष ने गांव में पहुंचने पर जान से मारने की धमकी दी थी। शाम को उसके चाचा सुखदेव सवारियां लेकर वापस गांव पहुंचे। जैसे ही वह मैजिक लेकर पूर्व प्रधान प्रवेश सहरिया के मकान के पास पहुंचे तो रोड पर पत्थर रखे दिखे और रामदास सहरिया, जगभान सहरिया एवं संतोष सहरिया वहां खड़े थे। उन्होंने मैजिक को रोका। इस पर सुखदेख नीचे उतर आया। तभी तीनों ने लाठी व कुल्हाड़ी से हमलाकर दिया।
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घटना शाम को लगभग 4.45 बजे की है। मैजिक में बैठे लोग चिल्लाए तो हमलावर धमकी देते हुए भाग गए। उसके चाचा गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही गिर पड़े। परिजन उसे उपचार को जिला अस्पताल ले गए हालत गंभीर देख डॉक्टर ने उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां उसकी मौत हो गई।
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थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया था। विवेचक ने अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। मुकदमे में न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए तीनों आरोपियों को सुखदेव की हत्या में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक पर दो-दो हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। आरोपी संतोष वारंट में जेल में था। जबकि दो अन्य आरोपी जमानत पर थे। मामले में पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव लिटौरिया ने की।