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Lalitpur News: नाबालिग के अपहरण में दोषी को तीन वर्ष की सजा
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अदालत से...
न्यायालय ने पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नाबालिग के अपहरण के मामले में अपर सत्र विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट नवनीत कुमार भारती की अदालत ने दोषी को तीन वर्ष की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया और अर्थदंड अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भी भोगना होगा।
थाना जखौरा के एक गांव निवासी व्यक्ति ने सात वर्ष पहले थाने में तहरीर देकर बताया था कि 11 मई 2018 को उसकी 13 वर्षीय बेटी पड़ोसी की लड़की की शादी में गई थी। उसी रात करीब 12 बजे बेटी शादी समारोह से बाहर लघुशंका को गई, तभी सुरेश प्रजापति व उसके तीन अज्ञात साथी उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए। उसने बेटी को सब जगह तलाश किया, लेकिन कहीं पता नहीं चल सका। पिता की तहरीर पर थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली और विवेचना के दौरान पुलिस ने सुरेश व जगभान के खिलाफ विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर दिए। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। न्यायाधीश ने उक्त मामले में अभियुक्त को दोषी पाते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में एक माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। मामले में पैरवी विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह गौर ने की।
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न्यायालय ने पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नाबालिग के अपहरण के मामले में अपर सत्र विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट नवनीत कुमार भारती की अदालत ने दोषी को तीन वर्ष की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया और अर्थदंड अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भी भोगना होगा।
थाना जखौरा के एक गांव निवासी व्यक्ति ने सात वर्ष पहले थाने में तहरीर देकर बताया था कि 11 मई 2018 को उसकी 13 वर्षीय बेटी पड़ोसी की लड़की की शादी में गई थी। उसी रात करीब 12 बजे बेटी शादी समारोह से बाहर लघुशंका को गई, तभी सुरेश प्रजापति व उसके तीन अज्ञात साथी उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए। उसने बेटी को सब जगह तलाश किया, लेकिन कहीं पता नहीं चल सका। पिता की तहरीर पर थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली और विवेचना के दौरान पुलिस ने सुरेश व जगभान के खिलाफ विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर दिए। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। न्यायाधीश ने उक्त मामले में अभियुक्त को दोषी पाते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में एक माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। मामले में पैरवी विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह गौर ने की।
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