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Lalitpur News: पुलिस टीम पर हमला कर पिस्टल छीनने के प्रयास में तीन दोषी
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ललितपुर। कोतवाली तालबेहट की पुलिस पीआरवी टीम पर हमला करने और पिस्टल छीनने के प्रयास के इस मामले में अपर जिला एवं सत्र/विशेष न्यायाधीश सुनील सिंह की अदालत ने तीन अभियुक्तों को दोष सिद्ध करार दिया है। अब न्यायालय इस मामले में सजा के प्रश्न पर नौ अक्तूबर को सुनवाई कर सजा सुनाएगा।
यह घटना नौ वर्ष पहले 25 फरवरी 2017 को रात 9.40 बजे हुई थी। कोतवाली तालबेहट में तैनात तत्कालीन पीआरवी प्रभारी अमृत सिंह ने तहरीर दी थी। उन्हें इवेंट नंबर 8157 पर एमडीटी एवं मोबाइल मैसेज से सूचना मिली थी। सूचनाकर्ता नवीन ने बताया था कि पारस सिंह परिहार आदि उसे लंका ग्राउंड में पीट रहे हैं। पीआरवी टीम हमराही के साथ लंका ग्राउंड तालबेहट पहुंची। वहां नवीन शिवहरे मिला, जिसने बताया कि आरोपी अपने घर की ओर भाग गए हैं। पुलिस टीम नवीन को साथ लेकर पारस के मकान के सामने पहुंची। रात करीब साढ़े दस बजे जैसे ही वे गाड़ी से उतरे, वहीं पारस सिंह परिहार, भूरे परिहार, राज परिहार, रागी परिहार मौजूद थे। उनके साथ नवीन शिवहरे के परिवार के सदस्य उदय प्रकाश शिवहरे, कमल प्रकाश शिवहरे और चिंटू शिवहरे भी थे। इन सभी ने एक राय होकर पुलिस टीम को गालियां दीं और मारपीट करने लगे। उन्होंने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए पिस्टल छीनने का प्रयास किया और जान से मारने की धमकी भी दी। इस दौरान दोनों पक्षों में मारपीट हुई, जिसमें चोटें आईं।
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अभियुक्तों को दोष सिद्ध
कोतवाली पुलिस ने इस मामले में आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे। अब अदालत ने जिला चित्रकूट के पारस सिंह परिहार, तालबेहट के रग्गी उर्फ राघवेंद्र परिहार और गंज तालबेहट के नवीन उर्फ पोपो शिवहरे को दोषी ठहराया है। सहायक शासकीय अधिवक्ता कृष्ण बिहारी कुशवाहा ने बताया कि न्यायालय नौ अक्तूबर को सजा पर सुनवाई करेगा। तीनों आरोपी जमानत पर रिहा चल रहे थे, जिन्हें अब हिरासत में लेकर जिला कारागार भेज दिया गया है।
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यह घटना नौ वर्ष पहले 25 फरवरी 2017 को रात 9.40 बजे हुई थी। कोतवाली तालबेहट में तैनात तत्कालीन पीआरवी प्रभारी अमृत सिंह ने तहरीर दी थी। उन्हें इवेंट नंबर 8157 पर एमडीटी एवं मोबाइल मैसेज से सूचना मिली थी। सूचनाकर्ता नवीन ने बताया था कि पारस सिंह परिहार आदि उसे लंका ग्राउंड में पीट रहे हैं। पीआरवी टीम हमराही के साथ लंका ग्राउंड तालबेहट पहुंची। वहां नवीन शिवहरे मिला, जिसने बताया कि आरोपी अपने घर की ओर भाग गए हैं। पुलिस टीम नवीन को साथ लेकर पारस के मकान के सामने पहुंची। रात करीब साढ़े दस बजे जैसे ही वे गाड़ी से उतरे, वहीं पारस सिंह परिहार, भूरे परिहार, राज परिहार, रागी परिहार मौजूद थे। उनके साथ नवीन शिवहरे के परिवार के सदस्य उदय प्रकाश शिवहरे, कमल प्रकाश शिवहरे और चिंटू शिवहरे भी थे। इन सभी ने एक राय होकर पुलिस टीम को गालियां दीं और मारपीट करने लगे। उन्होंने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए पिस्टल छीनने का प्रयास किया और जान से मारने की धमकी भी दी। इस दौरान दोनों पक्षों में मारपीट हुई, जिसमें चोटें आईं।
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अभियुक्तों को दोष सिद्ध
कोतवाली पुलिस ने इस मामले में आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे। अब अदालत ने जिला चित्रकूट के पारस सिंह परिहार, तालबेहट के रग्गी उर्फ राघवेंद्र परिहार और गंज तालबेहट के नवीन उर्फ पोपो शिवहरे को दोषी ठहराया है। सहायक शासकीय अधिवक्ता कृष्ण बिहारी कुशवाहा ने बताया कि न्यायालय नौ अक्तूबर को सजा पर सुनवाई करेगा। तीनों आरोपी जमानत पर रिहा चल रहे थे, जिन्हें अब हिरासत में लेकर जिला कारागार भेज दिया गया है।
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