फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Three accused sentenced to five years' imprisonment in a 12-year-old robbery case.

Lalitpur News: 12 साल पुराने लूट के मामले में तीन अभियुक्तों को पांच वर्ष का कारावास

Wed, 05 Aug 2026 02:13 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 05 Aug 2026 02:13 AM IST
विज्ञापन
Three accused sentenced to five years' imprisonment in a 12-year-old robbery case.
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

ललितपुर। थाना बानपुर अंतर्गत ग्राम गंगचारी में 12 वर्ष पुराने 50 पाइप, दस बोरा गेहूं और इंजन की बोलें लूट के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) की अदालत ने ग्रामीण व दंपती को दोषी पाते हुए पांच वर्ष का कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना बानपुर के ग्राम गंगचारी निवासी श्रीपत पुत्र बाबूलाल ने बारह वर्ष पहले तीन जून 2014 को न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था कि चार मई 2014 काे रात करीब ग्यारह बजे वह ग्राम चकौरा निवासी रमसू व उसके गांव के ही केहर सिंह के साथ अपनी गढ़ी के बाखर, जिसमें उसका गेहूं, पाइप व इंजन की बौलें रखे हुए थे, की रखवाली के लिए सोने जा रहा था। तभी उसे आवाज आई, जिस पर उसने गढ़ी के बाहर जाकर देखा तो उसके ही गांव के सोबरन, उसका पुत्र पवन और पत्नी गौरा उसकी बाखर में रखे पचास पाइप, दस बोरा गेहूं और इंजन की करीब आठ बौलों को ट्रैक्टर में लाद रहे थे। उनके साथ दो व्यक्ति और भी थे। उसने व उसके साथियों ने उन्हें ललकारा, तो वे सभी ट्रैक्टर में लदा हुआ उक्त सामान लेकर भाग गए। उसके चिल्लाने पर गांव के अन्य लोग भी आ गए और ट्रैक्टर से सामान ले जाते देखा। उसने कमरे में जाकर देखा तो उक्त पचास पाइप, दस बोरा गेहूं व आठ बौलें उक्त आरोपी लूटकर ले गए। आरोपी उन्हें रिपाेर्ट करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए भागे।
विज्ञापन

उसने इसकी शिकायत डाक रजिस्ट्री से पुलिस अधीक्षक को दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिस पर उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। इस पर न्यायालय ने उक्त मामले में परिवाद दर्ज कर आरोपियों को तलब किया। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। अब न्यायाधीश ने उक्त मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए उक्त मामले में सोबरन, पवन और गौरा को दोषी पाते हुए पांच वर्ष के कठोर कारावास और प्रत्येक को बीस-बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण बिहारी कुशवाहा ने बताया कि पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली थी, जिस पर न्यायालय ने परिवाद दर्ज किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed