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हाईटेंशन मौत के नीचे बस रहीं जिंगदियां, लोगों ने बचाव की उठाई दीवार
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ललितपुर। बिजली विभाग के अफसरों की उदासीनता से शहर के मोहल्ला जुगपुरा और पिसनारी बाग में कई घरों के ऊपर से हाइटेंशन लाइन खतरे का सबब बनी हुई हैं। आलम यह है कि बारिश में इन घरों में रहने वाले लोगों को हरदम करंट फैलने का खतरा बना रहता है। हैरत की बात तो यह है कि कई बार विभागीय अफसरों से शिकायतें करने के बाद भी इन लाइनों को यहां से हटाया नहीं जा रहा है।
बिजली विभाग द्वारा सरकारी काम का हवाला देकर विद्युतीकरण के दौरान खाली पड़ी जमीनों व प्लाट के ऊपर से बिना भूमि स्वामी की अनुमति के जगह-जगह हाइटेंशन लाइनों का जाल बिछा दिया गया है। जब भूमि स्वामी द्वारा उस जगह पर मकान बनाया जाता है तो हाईटेंशन लाइनें अड़ंगा बनी हुई हैं। विभागीय नियमों के तहत लाइन शिफ़्टिंग की कठिन प्रक्रिया के चलते वह लाइनों के नीचे ही मकान का निर्माण कर लेते हैं। शहर के मोहल्ला पिसनारी बाग में नहर के पास और मोहल्ला जुगपुरा में एचटी लाइनों को हटाने के लिए लंबे चौड़े स्टीमेट की प्रक्रिया के चलते तारों के नीचे ही दर्जनों मकान बन गए हैं और अब यहां यह स्थिति है कि मकानों की छतों के ठीक ऊपर से निकली एचटी लाइनें लोगों की जिंदगी के खतरा बन गई हैं। खासतौर पर बारिश के दिनों में फाल्ट होने पर एचटी लाइन के तार छत पर गिर जाते हैं, जिससे पूरे मकानों में करंट फैल जाता है। इनमें करीब चार वर्ष पहले मोहल्ला पिसनारी बाग में नहर किनारे एक मकान में किराये पर रह रहे राजघाट निवासी एक युवक की छत पर निकले तार को छू जाने से मौत हो गई थी। जबकि, यहां मकानों के निर्माण के दौरान भी मजदूरों को करंट लग चुका है। वहीं, मोहल्ला जुगपुरा में भी करीब चार वर्ष पहले एक महिला की छत से निकली हाईटेंशन लाइन का तार छू जाने से उसकी मौत हो गई थी और एक मकान में छत पर रखे सामान में आग तक लग गई थी। जबकि, करंट लगने की छुटपुट घटनाएं भी यहां हर वर्ष होती रहती हैं। इसके बाद भी बिजली विभाग, जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन द्वारा यहां मकानों के ऊपर से निकली हाइटेंशन लाइनों को हटाने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे अब बारिश का समय आने पर फिर से इन क्षेत्रों में मकानों के ऊपर निकली हाइटेंशन लाइनों में फाल्ट के दौरान करंट की आशंका बनी हुई है और लोगों में भय बना हुआ है।
हाईटेंशन लाइनें हटाने के लिए बिजली विभाग में मोहल्ला वाले कई बार ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन अब तक हाइटेंशन लाइनें नहीं हटाई गईं हैं। इसके चलते अब छत पर जहां से तार निकले हैं, वहां से पहले दीवार बना दी है, ताकि घर के सदस्य तारों तक नहीं पहुंच सकें।
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-दीपक साहू, जुगपुरा।
खतरा सभी को है, बारिश में करंट का डर अधिक रहता है
मकानों के ऊपर से हाइटेंशन लाइनों को हटवाना जरूरी है। यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। बारिश में तो हर समय डर बना रहता है, कहीं तार नहीं टूट जाएं। बच्चों को छत पर नहीं जाने देते हैं। खतरा सभी को है, ऐसे में विभाग व जिला प्रशासन को हाईटेंशन लाइनें हटाने के लिए उपाय करना चाहिए।
काफी वर्ष पहले खाली जमीन में बिजली की लाइनें बिछाई गई थीं। अब लोगों ने वहां मकान बना लिए हैं। अब बिजली विभाग द्वारा एचटी लाइनें हटाने का ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
-राकेश कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड प्रथम।
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बिजली विभाग द्वारा सरकारी काम का हवाला देकर विद्युतीकरण के दौरान खाली पड़ी जमीनों व प्लाट के ऊपर से बिना भूमि स्वामी की अनुमति के जगह-जगह हाइटेंशन लाइनों का जाल बिछा दिया गया है। जब भूमि स्वामी द्वारा उस जगह पर मकान बनाया जाता है तो हाईटेंशन लाइनें अड़ंगा बनी हुई हैं। विभागीय नियमों के तहत लाइन शिफ़्टिंग की कठिन प्रक्रिया के चलते वह लाइनों के नीचे ही मकान का निर्माण कर लेते हैं। शहर के मोहल्ला पिसनारी बाग में नहर के पास और मोहल्ला जुगपुरा में एचटी लाइनों को हटाने के लिए लंबे चौड़े स्टीमेट की प्रक्रिया के चलते तारों के नीचे ही दर्जनों मकान बन गए हैं और अब यहां यह स्थिति है कि मकानों की छतों के ठीक ऊपर से निकली एचटी लाइनें लोगों की जिंदगी के खतरा बन गई हैं। खासतौर पर बारिश के दिनों में फाल्ट होने पर एचटी लाइन के तार छत पर गिर जाते हैं, जिससे पूरे मकानों में करंट फैल जाता है। इनमें करीब चार वर्ष पहले मोहल्ला पिसनारी बाग में नहर किनारे एक मकान में किराये पर रह रहे राजघाट निवासी एक युवक की छत पर निकले तार को छू जाने से मौत हो गई थी। जबकि, यहां मकानों के निर्माण के दौरान भी मजदूरों को करंट लग चुका है। वहीं, मोहल्ला जुगपुरा में भी करीब चार वर्ष पहले एक महिला की छत से निकली हाईटेंशन लाइन का तार छू जाने से उसकी मौत हो गई थी और एक मकान में छत पर रखे सामान में आग तक लग गई थी। जबकि, करंट लगने की छुटपुट घटनाएं भी यहां हर वर्ष होती रहती हैं। इसके बाद भी बिजली विभाग, जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन द्वारा यहां मकानों के ऊपर से निकली हाइटेंशन लाइनों को हटाने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे अब बारिश का समय आने पर फिर से इन क्षेत्रों में मकानों के ऊपर निकली हाइटेंशन लाइनों में फाल्ट के दौरान करंट की आशंका बनी हुई है और लोगों में भय बना हुआ है।
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हाईटेंशन लाइनें हटाने के लिए बिजली विभाग में मोहल्ला वाले कई बार ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन अब तक हाइटेंशन लाइनें नहीं हटाई गईं हैं। इसके चलते अब छत पर जहां से तार निकले हैं, वहां से पहले दीवार बना दी है, ताकि घर के सदस्य तारों तक नहीं पहुंच सकें।
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-दीपक साहू, जुगपुरा।
खतरा सभी को है, बारिश में करंट का डर अधिक रहता है
मकानों के ऊपर से हाइटेंशन लाइनों को हटवाना जरूरी है। यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। बारिश में तो हर समय डर बना रहता है, कहीं तार नहीं टूट जाएं। बच्चों को छत पर नहीं जाने देते हैं। खतरा सभी को है, ऐसे में विभाग व जिला प्रशासन को हाईटेंशन लाइनें हटाने के लिए उपाय करना चाहिए।
काफी वर्ष पहले खाली जमीन में बिजली की लाइनें बिछाई गई थीं। अब लोगों ने वहां मकान बना लिए हैं। अब बिजली विभाग द्वारा एचटी लाइनें हटाने का ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
-राकेश कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड प्रथम।