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शहर में तीस प्रतिशत बिजली मीटर खराब
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 13 Aug 2016 12:55 AM IST
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ललितपुर। शहर में तीस फीसदी बिजली मीटर खराब हैं। इससे उपभोक्ताओं की बिलिंग प्रभावित हो रही है और बिजली विभाग को राजस्व की वसूली में परेशानी आ रही है। इसलिए नगर में आईडीएफ मीटर खत्म करने की कवायद शुरू कर दी गई है, ताकि विद्युत बिलिंग रीडिंग के अनुसार हो सके और उपभोक्ताओं को परेशान न होना पड़े। विभाग ने दो दिन में करीब पांच दर्जन मीटर बदले हैं।
विद्युत विभाग द्वारा शहर में 22,957 घरेलू, 3,853 वाणिज्यिक और 223 पावर कनेक्शन जारी किए गए हैं। विभाग द्वारा घरेलू कनेक्शन पर अब तक 20 हजार 603, वाणिज्यिक संयोजनों पर 3,034 पावर संयोजनों की ही बिलिंग की जा रही है। जबकि कनेक्शनों के सापेक्ष घरेलू कनेक्शन के 6517 मीटर आईडीएफ, 17 मीटर एडीएफ और 915 मीटर आडीएफ में गड़बड़ी वाले चल रहे हैं। इसी प्रकार कॉमर्शियल कनेक्शनों के 496 मीटर आइडीएफ, तीन मीटर एडीएफ और 95 मीटर आरडीएफ के तहत खराब चल रहे हैं। आइडीएफ में मीटर पूरी तरह से खराब दर्शाया जाता है, जबकि एडीएफ और आरडीएफ में बिलों में गड़बड़ी दर्शायी जाती है। इस प्रकार शहर में 27 हजार 33 कनेक्शनों के सापेक्ष 8 हजार 43 मीटर यानि तीस फीसदी मीटर खराब चल रहे हैं।
मीटर विभाग द्वारा बृहस्पतिवार को मीटर अभियान की शुरुआत की गई। अधिकारियों ने मीटर रीडर की सहायता से घर-घर जाकर मीटर बदले। दो दिनों में करीब पांच दर्जन उपभोक्ताओं के मीटर बदले जा चुके हैं। इससे पूर्व भी विद्युत नियामक आयोग द्वारा शहर में खराब मीटर समाप्त कर नए व पूर्ण इलेक्ट्रिक मीटर लगाने के निर्देश जारी किए थे। उस समय नियामक आयोग ने निर्धारित समय में मीटर नहीं बदलने पर आइडीएफ मीटर होने की स्थिति में विद्युत विभाग को ही उक्त उपभोक्ताओं के बिलों के भुगतान की बात कही थी। जिससे बिजली विभाग में हड़कंप मच गया था और मीटर बदलने में तेजी लाई गई थी।
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मीटर रीडरों की भूमिका संदिग्ध
विभागीय अधिकारियों की पड़ताल में बहुत से बिलों की रीडिंग गलत दर्शाए जाने से ही मीटर आइडीएफ या आरडीएफ कर दिए गए हैं। ऐसे में विभाग द्वारा मीटर रीडरों की भूमिका को संदिग्ध माना जा रहा है। यही कारण है कि शहर में तीस फीसदी मीटर खराब चल रहे हैं।
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विद्युत विभाग द्वारा शहर में 22,957 घरेलू, 3,853 वाणिज्यिक और 223 पावर कनेक्शन जारी किए गए हैं। विभाग द्वारा घरेलू कनेक्शन पर अब तक 20 हजार 603, वाणिज्यिक संयोजनों पर 3,034 पावर संयोजनों की ही बिलिंग की जा रही है। जबकि कनेक्शनों के सापेक्ष घरेलू कनेक्शन के 6517 मीटर आईडीएफ, 17 मीटर एडीएफ और 915 मीटर आडीएफ में गड़बड़ी वाले चल रहे हैं। इसी प्रकार कॉमर्शियल कनेक्शनों के 496 मीटर आइडीएफ, तीन मीटर एडीएफ और 95 मीटर आरडीएफ के तहत खराब चल रहे हैं। आइडीएफ में मीटर पूरी तरह से खराब दर्शाया जाता है, जबकि एडीएफ और आरडीएफ में बिलों में गड़बड़ी दर्शायी जाती है। इस प्रकार शहर में 27 हजार 33 कनेक्शनों के सापेक्ष 8 हजार 43 मीटर यानि तीस फीसदी मीटर खराब चल रहे हैं।
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मीटर विभाग द्वारा बृहस्पतिवार को मीटर अभियान की शुरुआत की गई। अधिकारियों ने मीटर रीडर की सहायता से घर-घर जाकर मीटर बदले। दो दिनों में करीब पांच दर्जन उपभोक्ताओं के मीटर बदले जा चुके हैं। इससे पूर्व भी विद्युत नियामक आयोग द्वारा शहर में खराब मीटर समाप्त कर नए व पूर्ण इलेक्ट्रिक मीटर लगाने के निर्देश जारी किए थे। उस समय नियामक आयोग ने निर्धारित समय में मीटर नहीं बदलने पर आइडीएफ मीटर होने की स्थिति में विद्युत विभाग को ही उक्त उपभोक्ताओं के बिलों के भुगतान की बात कही थी। जिससे बिजली विभाग में हड़कंप मच गया था और मीटर बदलने में तेजी लाई गई थी।
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मीटर रीडरों की भूमिका संदिग्ध
विभागीय अधिकारियों की पड़ताल में बहुत से बिलों की रीडिंग गलत दर्शाए जाने से ही मीटर आइडीएफ या आरडीएफ कर दिए गए हैं। ऐसे में विभाग द्वारा मीटर रीडरों की भूमिका को संदिग्ध माना जा रहा है। यही कारण है कि शहर में तीस फीसदी मीटर खराब चल रहे हैं।