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अगस्त तक तीसरी लाइन पर फर्राटा भरने लगेगीं ट्रेनें
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ललितपुर। मथुरा-बीना रेलवे लाइन पर अगस्त अंत तक ट्रेनें फर्राटा भरना शुरू कर देंगी। झांसी से बबीना के बीच 24 किलोमीटर ट्रैक पर इंटरलॉकिंग का काम पूरा कर लिया गया। अब रेलवे संरक्षा आयुक्त के जल्द निरीक्षण के बाद हरी झंडी मिलते ही ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जाएगी। इससे झांसी से ललितपुर, भोपाल और मुंबई की तरफ दौड़ने वाली ट्रेनों को रफ्तार मिलेगी। लेटलतीफी भी पूरी तरह खत्म होगी। पूरा काम डीआरएम संदीप माथुर की देखरेख में हो रहा है।
वर्तमान में रेलवे मथुरा से बीना के बीच 426 किमी लंबी तीसरी रेलवे लाइन डाल रहा है, जिस पर कुल 6867 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। इसमें झांसी से धौलपुर, झांसी से बीना और धौलपुर से मथुरा तक अलग-अलग खंडों में काम चल रहा है। रेल विकास निगम मौजूदा दौर में झांसी से धौलपुर के बीच डबरा से आंतरी और बिरला नगर से बानमोर के बीच पटरियां बिछाने का काम शुरू कर चुका है। वहीं, झांसी से बबीना के बीच भी काम पूरा हो चुका है। सोमवार को इस रूट पर इंटरलॉकिंग का काम कर लिया गया। साथ ही इस 24 किमी क्षेत्र में कई ब्रिज भी बन चुके हैं। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक अगस्त के अंत तक रेलवे संरक्षा आयुक्त के निरीक्षण के बाद ट्रैक पर ट्रेन दौड़ाने को हरी झंडी मिल सकती है। इसके बाद ट्रेनों की रफ्तार बढ़ने के साथ लेटलतीफी कम होगी। इधर, झांसी से दतिया के बीच पटरी बिछाने का काम भी शुरू हो चुका है।
सुविधाओं से रहेगा लैस
यह प्रणाली अत्याधुनिक व फायर अलार्म सिस्टम से लैस है। इससे 86 रूट की उपलब्धता होगी। इसके साथ ही 31 प्वाइंट्, शंट लाइन के 20 और लाइन के 24 सिग्नल को जोड़ा गया है। कोरोना के चलते काम में हुई देरी केंद्र सरकार ने तीन साल पहले मथुरा से बीना तक तीसरी रेलवे लाइन के निर्माण को हरी झंडी दी थी। विभिन्न रेलखंड में रेलवे के कई विभाग मिलकर निर्माण में जुटे हैं। पहले यह निर्माण मार्च 2020 तक पूरा होना था, लेकिन कोरोना के चलते काम बाधित होने से देरी हुई है। कोरोना के बाद फिर से काम ने रफ्तार पकड़ ली है। जल्द ही पूरा काम होने की उम्मीद है।
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यह भी जानिए
मथुरा से झांसी के बीच 273.80 किलोमीटर और झांसी से बीना के बीच 152.57 किलोमीटर की तीसरी रेल लाइन को मंजूरी मिली थी। तीसरी नई रेल लाइन बिछाने में मथुरा-झांसी के बीच 4377 करोड़ और झांसी-बीना के मध्य 2490 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें रेल विकास निगम लिमिटेड मथुरा से झांसी के बीच, झांसी से ललितपुर के बीच रेलवे का निर्माण संगठन और ललितपुर और बीना के बीच इंजीनियरिंग विभाग को नया ट्रैक डालना है।
ट्रैफिक नहीं होगा बाधित
तीसरी लाइन बिछने के बाद दुर्घटना होने पर ट्रैफिक बाधित नहीं होगा। क्योंकि आपात स्थिति में तीसरी लाइन से ट्रेनों को निकाला जा सकेगा। रेलवे प्राइवेट ट्रेनों को चलवा रहा है। इसके चलते तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछवाई जानी है। नई रेलवे बिछने से ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी। साथ ही देश में एक हिस्से दूसरे हिस्से में मालगाड़ी भी तेजी से माल ढुलाई का काम कर सकेंगी।
तीसरी रेलवे लाइन का निर्माण कार्य तेजी के साथ चल रहा है। झांसी से बबीना के बीच इंटरलॉकिंग का काम पूरा कर लिया गया है। नई रेल लाइन के बाद ट्रेनों की देरी कम होगी। साथ ही ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ेगी। ट्रेनों का संचालन और बेहतर तरीके से हो सकेगा।
मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, झांसी मंडल
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वर्तमान में रेलवे मथुरा से बीना के बीच 426 किमी लंबी तीसरी रेलवे लाइन डाल रहा है, जिस पर कुल 6867 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। इसमें झांसी से धौलपुर, झांसी से बीना और धौलपुर से मथुरा तक अलग-अलग खंडों में काम चल रहा है। रेल विकास निगम मौजूदा दौर में झांसी से धौलपुर के बीच डबरा से आंतरी और बिरला नगर से बानमोर के बीच पटरियां बिछाने का काम शुरू कर चुका है। वहीं, झांसी से बबीना के बीच भी काम पूरा हो चुका है। सोमवार को इस रूट पर इंटरलॉकिंग का काम कर लिया गया। साथ ही इस 24 किमी क्षेत्र में कई ब्रिज भी बन चुके हैं। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक अगस्त के अंत तक रेलवे संरक्षा आयुक्त के निरीक्षण के बाद ट्रैक पर ट्रेन दौड़ाने को हरी झंडी मिल सकती है। इसके बाद ट्रेनों की रफ्तार बढ़ने के साथ लेटलतीफी कम होगी। इधर, झांसी से दतिया के बीच पटरी बिछाने का काम भी शुरू हो चुका है।
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सुविधाओं से रहेगा लैस
यह प्रणाली अत्याधुनिक व फायर अलार्म सिस्टम से लैस है। इससे 86 रूट की उपलब्धता होगी। इसके साथ ही 31 प्वाइंट्, शंट लाइन के 20 और लाइन के 24 सिग्नल को जोड़ा गया है। कोरोना के चलते काम में हुई देरी केंद्र सरकार ने तीन साल पहले मथुरा से बीना तक तीसरी रेलवे लाइन के निर्माण को हरी झंडी दी थी। विभिन्न रेलखंड में रेलवे के कई विभाग मिलकर निर्माण में जुटे हैं। पहले यह निर्माण मार्च 2020 तक पूरा होना था, लेकिन कोरोना के चलते काम बाधित होने से देरी हुई है। कोरोना के बाद फिर से काम ने रफ्तार पकड़ ली है। जल्द ही पूरा काम होने की उम्मीद है।
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मथुरा से झांसी के बीच 273.80 किलोमीटर और झांसी से बीना के बीच 152.57 किलोमीटर की तीसरी रेल लाइन को मंजूरी मिली थी। तीसरी नई रेल लाइन बिछाने में मथुरा-झांसी के बीच 4377 करोड़ और झांसी-बीना के मध्य 2490 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें रेल विकास निगम लिमिटेड मथुरा से झांसी के बीच, झांसी से ललितपुर के बीच रेलवे का निर्माण संगठन और ललितपुर और बीना के बीच इंजीनियरिंग विभाग को नया ट्रैक डालना है।
ट्रैफिक नहीं होगा बाधित
तीसरी लाइन बिछने के बाद दुर्घटना होने पर ट्रैफिक बाधित नहीं होगा। क्योंकि आपात स्थिति में तीसरी लाइन से ट्रेनों को निकाला जा सकेगा। रेलवे प्राइवेट ट्रेनों को चलवा रहा है। इसके चलते तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछवाई जानी है। नई रेलवे बिछने से ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी। साथ ही देश में एक हिस्से दूसरे हिस्से में मालगाड़ी भी तेजी से माल ढुलाई का काम कर सकेंगी।
तीसरी रेलवे लाइन का निर्माण कार्य तेजी के साथ चल रहा है। झांसी से बबीना के बीच इंटरलॉकिंग का काम पूरा कर लिया गया है। नई रेल लाइन के बाद ट्रेनों की देरी कम होगी। साथ ही ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ेगी। ट्रेनों का संचालन और बेहतर तरीके से हो सकेगा।
मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, झांसी मंडल