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मड़ावरा में हैंडपंप से बुझ रही 12 हजार लोगों की प्यास, वो भी आधे खराब

Sun, 06 Mar 2022 01:32 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 06 Mar 2022 01:32 AM IST
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The thirst of 12 thousand people is being quenched by hand pump in Madavara, that too half bad
मड़ावरा। गर्मी शुरू होते ही ब्लॉक क्षेत्र में पंयजल संकट गहराने लगा है। आबादी के सापेक्ष हैंडपंपों की संख्या भी काफी कम है, लेकिन जो हैंडपंप हैं उनमें से भी कई खराब हैं या सूख चुके हैं। हैरत की बात तो यह है कि पेयजल लाइन से भी केवल 25 फीसदी आबादी को ही पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। ऐसे में लोगों को पानी के लिए इधर उधर भटकना होता है।
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ब्लॉक क्षेत्र के अधिकांश गांव भी सेंडस्टोन समेत पथरीली जमीन पर बसे हैं। जहां पर स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता हमेशा ही एक समस्या बनी रहती है। मड़ावरा को तहसील का दर्जा मिले करीब पांच वर्ष बीत चुके हैं, फिर भी यहां पेयजल की समस्या कम नहीं हो रहीं हैं। करीब 15 हजार से अधिक आबादी वाले कस्बे में पेयजल की उपलब्धता के लिए महज एक ही पानी की टंकी है, जिसे जल संस्थान महरौनी द्वारा संचालित किया जाता है। पानी की टंकी से कस्बे की महज 25 प्रतिशत बस्ती को ही पानी उपलब्ध हो पाता है। कस्बे की शेष आबादी हैंडपंप एवं निजी नलकूपों के सहारे अपना काम चला रहे हैं, लेकिन नलकूपों की बहुतायत और भूमिगत जल के घटते जलस्तर से पानी की समस्या बनी ही रहती है।
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टौरिया मोहल्ले में पेयजल लाइन भी नहीं पड़ सकी
कस्बे के टौरिया मोहल्ला में पानी की समस्या सदैव ही बनी रहती है, जहां पर पेयजल आपूर्ति के लिए कोई पाइप लाइन नहीं है। साथ ही आबादी के सापेक्ष हैंडपंपों की संख्या भी काफी कम है एवं जो हैंडपंप हैं उनमें से भी कई खराब हैं या सूख चुके हैं। मोहल्ले में बीआरसी के पास ब्रजभान यादव के घर के सामने लगा हैंडपंप सूखा पड़ा है, तो वहीं मस्जिद के पास का हैंडपंप भी कई वर्ष से खराब है उसका सारा सामान, पाइप, हैड आदि मौके से गायब है। वहीं नीचेपुरा में हरपाल सिंह मास्टर के मकान के सामने का हैंडपंप भी महीनों से ख़राब पड़ा है। वहीं मुक्तिधाम के नजदीक अंबेडकर पार्क के सामने का हैंडपंप भी सूखा पड़ा हुआ है।
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वर्षो पुरानी पेयजल लाइन हो चुकी है जर्जर
कस्बा में टंकी से पेयजल सप्लाई के लिए डाली गई लाइन सालों पुरानी होने से जर्जर हो चुकी है। इस पाइप लाइन से पानी का लीकेज होने के कारण जहां प्रेशर नहीं मिल पा रहा, वहीं टोटियों से अक्सर गंदा और दूषित और बदबूदार पानी लोगों को मिलता है।
सरकारी संस्थानों में भी है पानी की कमी
गर्मी की बढ़ती तपिश के साथ ही कस्बे में आम नागरिक जहां पेयजल की किल्लत से दो चार हो रहे हैं, तो वहीं कस्बे में स्थित विभिन्न सरकारी संस्थानों में भी पानी की काफी किल्लत है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में तीन हैंडपंप सूखे पड़े हैं। जहां मरीजों एवं उनके तीमारदारों को पानी के लिए काफी परेशानी उठाना पड़ रही है। वहीं 33/11 केवीए विद्युत उपकेंद्र परिसर में स्थापित एकमात्र हैंडपंप महीनों से सूखा पड़ा है जहां विद्युत बिल जमा करने एवं अन्य समस्याओं के लिए आने वाले ग्रामीणों को पीने के पानी की किल्लत झेलना पड़ती है।

बोले जिम्मेदार
कस्बा में पानी की समस्या का निस्तारण कराया जाएगा। खराब हैंडपंपों को सही कराएंगे और जिन मोहल्लों में पानी नहीं पहुंच रहा वहां टैंकर से पानी उपलब्ध कराया जाएगा।- दीपेंद्र पांडेय, खंड विकास अधिकारी,मड़ावरा
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