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Lalitpur News: टीम ने गोविंद सागर बांध की भंडारण क्षमता, पानी की आवक का किया आकलन

Thu, 28 Aug 2025 12:40 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 28 Aug 2025 12:40 AM IST
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The team assessed the storage capacity of Govind Sagar Dam and the inflow of water
ललितपुर। जनपद के सबसे पुराने बांधों में शुमार गोविंद सागर के भंडारण की क्षमता, इसकी गहराई, पानी की आवक सहित अन्य बिंदुओं का आकलन करने के लिए दिल्ली से तकनीकी टीम मौके पर पहुंची। टीम ने बांध की भौगोलिक स्थिति की जांच करते हुए नए स्पिल वे की संभावनाएं देखीं।
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विंध्याचल पर्वत की तलहटी में बसे ललितपुर को बांधों का जिला कहा जाता है। यहां 14 बांध परियोजनाएं हैं। गोविंद सागर बांध का निर्माण वर्ष 1952 में हुआ था। यह साइफन प्रणाली से सुसज्जित है। हवा का दबाव पड़ते ही साइफन के जरिये पानी की निकासी होने लगती है। यह बांध शहर के किनारे शहजाद नदी पर निर्मित है और हजारों लोगों के लिए अमृतदायनी है। बांध की कुल लंबाई करीब साढ़े तीन किलोमीटर है। इसका पूर्ण जलस्तर 363.93 और न्यूनतम जलस्तर 357.84 मीटर है।
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बांध से किसानों को सिंचाई और शहर के लोगों के लिए पेयजल की आपूर्ति की जाती है। लेकिन, बांध के 70 साल से अधिक पुराना होने के चलते इसमें सिल्ट और गाद जमा हो गई है। इस कारण बांध अपनी क्षमता के अनुसार जल संग्रहण नहीं कर पा रहा है। पूर्व में ऑपरेशन मैनुअल एवं डीएसआरपी टीम ने बैथमैट्रिक सर्वे की आवश्यकता बताई थी। सिंचाई विभाग ने गोविंद सागर बांध का बैथमैट्रिक सर्वे, टोपाेग्राफिक, ड्रोन सर्वे कराने की कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी थी। इस बीच मंगलवार को दिल्ली से एक तकनीकी टीम जनपद आई और गोविंद सागर बांध का भ्रमण किया।
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अधिकारियों के मुताबिक टीम ने बांध में संग्रहीत होने वाले पानी की क्षमता और गहराई के बारे में जांच पड़ताल की। इसके साथ मानसून सीजन में बांध में पानी की आवक के बारे में भी गहनता से जांच की। बांध के भराव क्षेत्र की सीमा की जानकारी जुटाई। वहीं, बांध पर सुधार की संभावनाओं को तलाशा। अधिकारियों के मुताबिक टीम की जांच रिपोर्ट के बाद बांध का सुधार होने की उम्मीद है।
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निचले क्षेत्र में शहजाद नदी का किया निरीक्षण : गोविंद सागर बांध से शहजाद नदी निकलती है। यह नदी डाउन स्ट्रीम में शहर से होकर गुजरती है। इस नदी के किनारे नदीपुरा, गोविंद नगर, डोंडाघाट, रावतयाना मोहल्ले हैं। दिल्ली की टीम ने मवेशी बाजार स्थित शहजाद नदी पुल के पास नदी का निरीक्षण किया।

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गोविंद सागर बांध एक नजर में
- 96.84 एमसीएम पानी की क्षमता
- 190 किलोमीटर नहर प्रणाली
- 367.78 वर्ग किलोमीटर कैचमेंट एरिया
- 10820 हेक्टेयर भूमि सिंचित क्षमता
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बांध का तकनीकी टीम ने भ्रमण किया। पानी की क्षमता, गहराई के बारे में जांच की। मानसून सीजन में बांध में पानी की आवक के बारे में जानकारी ली। बांध के भराव क्षेत्र की सीमा की जानकारी जुटाई। यहां नए स्पिल वे की संभावना को भी देखा।
शैलेष कुमार, अधिशासी अभियंता, राजघाट निर्माण खंड
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