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Lalitpur News: शिकायत के बाद भी समस्या का नहीं हो रहा निस्तारण
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संवाद न्यूज एजेंसी
महरौनी। तहसील के ग्राम जरावली के लोगों ने डीएम को प्रार्थनापत्र देकर बताया कि कई बार शिकायत करने के बाद भी उनकी समस्या का निस्तारण नहीं कराया गया। अब 15 फरवरी से तहसील मुख्यालय पर धरना देंगे, फिर भी निस्तारण न हुआ तो जिला मुख्यालय पर 25 फरवरी से आमरण अनशन करेंगे।
ग्राम जरावली के बाशिंदों ने बताया कि भावनी बांध भरने से गांव डूब गया है। इसकी शिकायत कई बार कर चुके, लेकिन न तो आज तक मुआवजा दिया गया और न ही पुनर्वास किया गया। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को समस्या के निस्तारण के आदेश दिए।
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भावनी बांध भरने से गांव पानी में डूब गया है। सिंचाई विभाग सहित उच्चाधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र लिखकर दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई भी अधिकारी हमारे गांव तक नहीं पहुंचा।-ब्रजभान सिंह, जरावली।
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जरावली गांव भावनी बांध के पानी में तीन साल से डूबा है। आज तक मकानों का न तो मुआवजा और न पुनर्वास दिया गया। कई बार प्रार्थनापत्र और सिंचाई विभाग के दफ्तर के सामने धरना दिया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।-मुन्नालाल, जरावली।
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जरावली गांव वालों को मकानों का मुआवजा, पुनर्वास, पेड़ का मुआवजा शीघ्र नहीं मिला तो 15 फरवरी से तहसील मुख्यालय पर क्रमिक अनशन और फिर जिला मुख्यालय पर आमरण अनशन करेंगे। नाथूराम पाल, समाज सेवी।
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महरौनी। तहसील के ग्राम जरावली के लोगों ने डीएम को प्रार्थनापत्र देकर बताया कि कई बार शिकायत करने के बाद भी उनकी समस्या का निस्तारण नहीं कराया गया। अब 15 फरवरी से तहसील मुख्यालय पर धरना देंगे, फिर भी निस्तारण न हुआ तो जिला मुख्यालय पर 25 फरवरी से आमरण अनशन करेंगे।
ग्राम जरावली के बाशिंदों ने बताया कि भावनी बांध भरने से गांव डूब गया है। इसकी शिकायत कई बार कर चुके, लेकिन न तो आज तक मुआवजा दिया गया और न ही पुनर्वास किया गया। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को समस्या के निस्तारण के आदेश दिए।
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भावनी बांध भरने से गांव पानी में डूब गया है। सिंचाई विभाग सहित उच्चाधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र लिखकर दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई भी अधिकारी हमारे गांव तक नहीं पहुंचा।-ब्रजभान सिंह, जरावली।
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जरावली गांव भावनी बांध के पानी में तीन साल से डूबा है। आज तक मकानों का न तो मुआवजा और न पुनर्वास दिया गया। कई बार प्रार्थनापत्र और सिंचाई विभाग के दफ्तर के सामने धरना दिया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।-मुन्नालाल, जरावली।
जरावली गांव वालों को मकानों का मुआवजा, पुनर्वास, पेड़ का मुआवजा शीघ्र नहीं मिला तो 15 फरवरी से तहसील मुख्यालय पर क्रमिक अनशन और फिर जिला मुख्यालय पर आमरण अनशन करेंगे। नाथूराम पाल, समाज सेवी।