{"_id":"6ad135440935bdde090b02a3","slug":"the-havoc-of-speed-road-accidents-have-increased-by-128-in-jhansi-and-by-286-in-lalitpur-lalitpur-news-c-11-1-jhs1040-898759-2026-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: रफ्तार का कहर... झांसी में 12.8% और ललितपुर में 28.6% सड़क हादसे बढ़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: रफ्तार का कहर... झांसी में 12.8% और ललितपुर में 28.6% सड़क हादसे बढ़े
विज्ञापन
- ब्लैक स्पॉट पर सुधार के दावों के बीच 2025 के मुकाबले इस साल सितंबर में बढ़ी दुर्घटनाएं
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। तेज रफ्तार के कहर के चलते 2025 की तुलना में इस साल सितंबर में झांसी और ललितपुर में दुर्घटनाओं की संख्या में इजाफा हुआ है। ब्लैक स्पॉट पर सुधार के दावों के बीच झांसी में 12.8 फीसदी तो ललितपुर में 28.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। ऐसे में घायलों की संख्या भी बढ़ गई है।
प्रदेश के सभी जनपदों में सितंबर में हुई सड़क दुर्घटनाओं को लेकर परिवहन आयुक्त की ओर से रिपोर्ट जारी की गई है। इसमें सितंबर 2025 की तुलना में सितंबर 2026 में प्रदेश स्तर पर सड़क हादसों में 5.8 फीसदी, मृतकों की संख्या में 6.3 प्रतिशत और घायलों की संख्या में 13 फीसदी की वृद्धि हुई है। वहीं, पिछले साल की तुलना में इस वर्ष सितंबर में झांसी में दुर्घटनाओं में घायलों की संख्या में 57.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि मृतकों की संख्या में 30 प्रतिशत की कमी आई। वहीं, ललितपुर में हुए हादसों में घायलों की संख्या में 25 प्रतिशत का इजाफा हुआ। यहां मृतकों की संख्या में कोई अंतर नहीं आया है।
जानकारों के मुताबिक सड़क हादसों की प्रमुख वजहों में तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी, शराब पीकर और लापरवाही से वाहन चलाना भी शामिल है। इसके अलावा खराब सड़क, अंधे मोड़ आदि भी दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ा सकते हैं।
विज्ञापन
ब्लैक स्पॉट पर बने डिवाइडर, लगाए संकेतक
जनपद में 28 ब्लैक स्पॉट हैं। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता और सड़क सुरक्षा समिति के सचिव इं. रजनीश गुप्ता ने बताया कि हादसों में कमी लाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। ब्लैक स्पॉट पर डिवाइडर बनवाए गए हैं। संकेतक भी लगवाए गए हैं। इसके अलावा स्पीड लिमिट को लेकर भी बोर्ड लगवाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा हादसे तेज रफ्तार में वाहन चलाने से होते हैं। उन्होंने चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और वाहन की गति नियंत्रित रखने की अपील की है।
यह है की स्थिति
...................
जनपद वर्ष हादसे मृत घायल
झांसी 2025 47 20 42
2026 53 14 66
.......................................................
ललितपुर 2025 21 13 16
2026 27 13 20
(नोट: तुलनात्मक आंकड़े सितंबर 2025 और 2026 के हैं।)
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। तेज रफ्तार के कहर के चलते 2025 की तुलना में इस साल सितंबर में झांसी और ललितपुर में दुर्घटनाओं की संख्या में इजाफा हुआ है। ब्लैक स्पॉट पर सुधार के दावों के बीच झांसी में 12.8 फीसदी तो ललितपुर में 28.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। ऐसे में घायलों की संख्या भी बढ़ गई है।
प्रदेश के सभी जनपदों में सितंबर में हुई सड़क दुर्घटनाओं को लेकर परिवहन आयुक्त की ओर से रिपोर्ट जारी की गई है। इसमें सितंबर 2025 की तुलना में सितंबर 2026 में प्रदेश स्तर पर सड़क हादसों में 5.8 फीसदी, मृतकों की संख्या में 6.3 प्रतिशत और घायलों की संख्या में 13 फीसदी की वृद्धि हुई है। वहीं, पिछले साल की तुलना में इस वर्ष सितंबर में झांसी में दुर्घटनाओं में घायलों की संख्या में 57.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि मृतकों की संख्या में 30 प्रतिशत की कमी आई। वहीं, ललितपुर में हुए हादसों में घायलों की संख्या में 25 प्रतिशत का इजाफा हुआ। यहां मृतकों की संख्या में कोई अंतर नहीं आया है।
विज्ञापन
जानकारों के मुताबिक सड़क हादसों की प्रमुख वजहों में तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी, शराब पीकर और लापरवाही से वाहन चलाना भी शामिल है। इसके अलावा खराब सड़क, अंधे मोड़ आदि भी दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ा सकते हैं।
विज्ञापन
ब्लैक स्पॉट पर बने डिवाइडर, लगाए संकेतक
जनपद में 28 ब्लैक स्पॉट हैं। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता और सड़क सुरक्षा समिति के सचिव इं. रजनीश गुप्ता ने बताया कि हादसों में कमी लाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। ब्लैक स्पॉट पर डिवाइडर बनवाए गए हैं। संकेतक भी लगवाए गए हैं। इसके अलावा स्पीड लिमिट को लेकर भी बोर्ड लगवाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा हादसे तेज रफ्तार में वाहन चलाने से होते हैं। उन्होंने चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और वाहन की गति नियंत्रित रखने की अपील की है।
यह है की स्थिति
...................
जनपद वर्ष हादसे मृत घायल
झांसी 2025 47 20 42
2026 53 14 66
.......................................................
ललितपुर 2025 21 13 16
2026 27 13 20
(नोट: तुलनात्मक आंकड़े सितंबर 2025 और 2026 के हैं।)