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Lalitpur News: कोर्ट ने अधिशासी अभियंता को किया तलब, नहीं आए तो कार्यालय होगा कुर्क
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आदेश का अनुपालन न होने पर पीड़ित ने न्यायालय में दायर किया है वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। स्थायी लोक अदालत के आदेश का अनुपालन न करने और कोर्ट के नोटिस के बाद भी बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता (शहरी क्षेत्र) कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। इस मामले में अब सिविल जूनियर डिवीजन न्यायालय ने अधिशासी अभियंता को चेतावनी नोटिस जारी कर 11 नवंबर को उपस्थित होने के आदेश दिए हैं। इसके बाद भी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए तो अधिशासी अभियंता कार्यालय कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी।
मोहल्ला आजादपुरा निवासी बलराम कुशवाहा ने 2018 को स्थायी लोक अदालत में एक मुकदमा दायर किया था। इसमें बताया था कि बिजली विभाग से एक किलोवाट का विद्युत कनेक्शन लिया था, जबकि उसे दो किलोवाट का कनेक्शन दिया गया और उसका बिल दो किलोवाट का आने लगा। शुरुआत में बिजली का बिल 10 हजार रुपये का आया, फिर डेढ़ माह बाद उसका बिल 18 हजार का आया। इसके बाद अगले माह उसका बिल 46 हजार और फिर 60 हजार आ गया।
इस पर उसने बिजली विभाग के चक्कर लगाए लेकिन बिल में सुधार नहीं किया गया। इस पर उसने स्थायी लोक अदालत में मुकदमा दायर किया। पीड़ित के साथ ही बिजली विभाग के अधिकारी भी कोर्ट में पेश हुए। न्यायालय के आदेश पर उपभोक्ता का बिल राष्ट्रीय लोक अदालत में सही कराने के लिए कहा गया। इसके बाद भी उसके बिल का निस्तारण नहीं किया गया।
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पीड़ित ने फिर से न्यायालय के आदेश का अनुपालन कराने के लिए स्थायी लोक अदालत में वाद दायर किया। इस पर स्थायी लोक अदालत ने यह मामला जिला जज की अदालत में आदेश का अनुपालन कराने के लिए भेज दिया। वहां से यह मामला सिविल जज जूनियर डिवीजन के न्यायालय में पहुंच गया। इस पर अदालत ने अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी किया लेकिन अधिशासी अभियंता या उनकी ओर से कोई भी अधिकारी कोर्ट में पेश नहीं हुआ। अब न्यायालय ने चेतावनी नोटिस जारी किया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। स्थायी लोक अदालत के आदेश का अनुपालन न करने और कोर्ट के नोटिस के बाद भी बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता (शहरी क्षेत्र) कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। इस मामले में अब सिविल जूनियर डिवीजन न्यायालय ने अधिशासी अभियंता को चेतावनी नोटिस जारी कर 11 नवंबर को उपस्थित होने के आदेश दिए हैं। इसके बाद भी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए तो अधिशासी अभियंता कार्यालय कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी।
मोहल्ला आजादपुरा निवासी बलराम कुशवाहा ने 2018 को स्थायी लोक अदालत में एक मुकदमा दायर किया था। इसमें बताया था कि बिजली विभाग से एक किलोवाट का विद्युत कनेक्शन लिया था, जबकि उसे दो किलोवाट का कनेक्शन दिया गया और उसका बिल दो किलोवाट का आने लगा। शुरुआत में बिजली का बिल 10 हजार रुपये का आया, फिर डेढ़ माह बाद उसका बिल 18 हजार का आया। इसके बाद अगले माह उसका बिल 46 हजार और फिर 60 हजार आ गया।
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इस पर उसने बिजली विभाग के चक्कर लगाए लेकिन बिल में सुधार नहीं किया गया। इस पर उसने स्थायी लोक अदालत में मुकदमा दायर किया। पीड़ित के साथ ही बिजली विभाग के अधिकारी भी कोर्ट में पेश हुए। न्यायालय के आदेश पर उपभोक्ता का बिल राष्ट्रीय लोक अदालत में सही कराने के लिए कहा गया। इसके बाद भी उसके बिल का निस्तारण नहीं किया गया।
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पीड़ित ने फिर से न्यायालय के आदेश का अनुपालन कराने के लिए स्थायी लोक अदालत में वाद दायर किया। इस पर स्थायी लोक अदालत ने यह मामला जिला जज की अदालत में आदेश का अनुपालन कराने के लिए भेज दिया। वहां से यह मामला सिविल जज जूनियर डिवीजन के न्यायालय में पहुंच गया। इस पर अदालत ने अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी किया लेकिन अधिशासी अभियंता या उनकी ओर से कोई भी अधिकारी कोर्ट में पेश नहीं हुआ। अब न्यायालय ने चेतावनी नोटिस जारी किया है।