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आर्थिक तंगी से गुजर रहीं हैं रसोइयों को छह माह से नहीं मिली पगार

Thu, 29 Sep 2022 10:54 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 29 Sep 2022 10:54 PM IST
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The cooks did not get honorarium for six months
मड़ावरा। परिषदीय विद्यालयों में 1500 रुपये मासिक मानदेय पर भोजन पका कर खिलाने की जिम्मेवारी निभाने वाली रसोइयों को छह माह से मानदेय नहीं मिलने से आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। परिषदीय विद्यालयों में स्कूली छात्रों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन पकाने के लिए विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों में से ही रसोइयों का चयन किया जाता है। स्कूल में खाना बनाने व रसोईघर की साफ- सफाई, गेहूं की धुलाई - सफाई, पिसाई समेत तमाम काम के लिए सुबह आठ से दोपहर 12 बजे तक काम करना पड़ता है, जिसके एवज में महज पंद्रह सौ रुपये परिवार चलाने में नाकाफी साबित हो रहे हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालय कंपोजिट मड़ावरा की प्रधानाध्यापिका आशा कुशवाहा बताती हैं कि उनके स्कूल में 335 छात्र संख्या के सापेक्ष चार रसोइयां कार्यरत हैं, रोटी-सब्जी बनने वाले दिन उन्हें पांच घंटे लगातार काम करना पड़ता है। बगैर कन्वर्जन कास्ट के शिक्षकों व मानदेय नहीं मिलने से रसोइयों को दिक्कत उठाना पड़ रही है।
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क्वारंटीन सेंटर पर भी किया था काम
कोरोना काल में तहसील मुख्यालय पर अस्थाई क्वारंटीन सेंटर पर कस्बे के विभिन्न विद्यालयों के रसोइयों को खाना बनाने के लिए लगाया गया था। इस दौरान रसोइयों द्वारा दिन में दो-दो बार खाना तैयार किया गया। विपरीत हालातों में की गई मजदूरी का मेहनताना भी आज तक उन्हें नहीं दिया गया।
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परिवार में दो बेटियां और तीन बेटे हैं। छह महीने से मानदेय नहीं मिलने से गुजारा मुश्किल से हो पा रहा है। -ऊषा राय, रसोईया कंपोजिट विद्यालय मड़ावरा
खेती की जमीन उनके पास हैं नहीं स्कूल में काम करके जीवन यापन कर रही हैं। समय से मानदेय नहीं आने पर राशन पर मिले चावल बेचकर घर चल रहा है।- शीला देवी, रसोइया
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स्कूल में पांच घंटे काम के बाद उन्हें कहीं और काम भी नहीं मिलता। काफी कम मानदेय समय से नहीं मिलने पर परिवार चलाना काफी मुश्किल हो रहा है।-ममता, रसोइया

त्योहार सिर पर हैं, हाथ में पैसा नहीं है, कैसे मनाए त्योहार पाएंगे? बच्चों के आगे शर्मिंदा होना पड़ता है।- वंदना रैकवार, रसोइया उच्च प्राथमिक स्कूल
कल ही शासन से ग्रांट प्राप्त हुई है, रसोइयों का मानदेय व परिवर्तन लागत संबंधित के खातों में भेजे जाने के लिए आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई। - कपिल दुबे, जिला समन्वयक मध्याह्न भोजन योजना
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