फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   The algae in the water reveals the truth behind the claim of purity.

Lalitpur News: पानी में पड़ी काई बता रही शुद्धता के दावे की हकीकत

Wed, 14 Jan 2026 01:04 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 14 Jan 2026 01:04 AM IST
विज्ञापन
The algae in the water reveals the truth behind the claim of purity.
अफसर कर रहे शुद्ध पेयजल का दावा, जल शोधन संयंत्र में दिख रही गंदगी और तैर रही है काई
विज्ञापन

24 गांवों के सापेक्ष 18 गांव के घरों तक होती है जलापूर्ति, छह गांवों में नहीं पहुंच रहा पानी
ग्राउंड रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
पुलवारा। मथुराडांग पेयजल परियोजना के तहत घरों तक पहुंचने वाले पानी के शुद्ध होने का दावा भले ही अफसर कर रहे हों लेकिन जल शोधन संयंत्र में पड़ी गंदगी और काई इसकी पोल खोल रही है। यहां से 35 हजार की आबादी को जलापूर्ति की जाती है। इसके बाद भी स्वच्छता के मानकों की अनदेखी की जा रही है।
ब्लॉक बार अंतर्गत ग्राम बरौदाडांग में मथुराडांग पेयजल परियोजना स्थापित है। यहां पर जल शोधन संयंत्र के साथ-साथ पंप हाउस, स्वच्छ जलाशय बने हुए हैं। छह मोटरों के जरिये यहां से 24 गांवों में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। इससे ब्लॉक तालबेहट के 12 गांव और ब्लॉक बार के 12 गांवों में आपूर्ति की जाती थी लेकिन वर्तमान में जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते परियोजना दम तोड़ती नजर आ रही है।
विज्ञापन

लोगों के घरों तक जाने वाले पानी के शोधन संयंत्र की सफाई व्यवस्था बदहाल है। प्लांट पर सफाई करने की तिथि 11 सितंबर 2025 अंकित है लेकिन वहां गंदगी और काई देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि धरातल पर महज औपचारिकता ही पूरी की जा रही है। यहां पर जल शोधन संयंत्र के टैंक में काई तैर रही है। साथ ही जगह-जगह दूषित पानी पड़ा हुआ है। टैंक में सफाई न होने से गंदगी बजबजा रही है। लोगों का कहना है कि कई बार नलों में दूषित पानी तक आता है। इसके चलते पानी से बदबू आती है। इसके बाद भी जिम्मेदार मौन बने हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



छह गांवों में ठप पड़ी पेजयल आपूर्ति
मथुराडांग पेयजल परियोजना से 12 गांव को नियमित पानी मिल पा रहा है। छह गांव में कई दिनों के अंतराल में पानी मिल पा रहा है। वहीं, छह गांव में पेयजल आपूर्ति ठप है। इनमें खैरा, खिरिया, खैरी, गड़िया, बस्तगुवां व चुनगी में सप्लाई ठप है। कारण यह है कि संयंत्र में छह में से चार मोटरें खराब पड़ी हुई हैं।


एचटी पैनल भी 5 वर्ष से पड़े खराब
मथुराडांग पेयजल परियोजना के सुरक्षित संचालन के लिए एचटी पैनल लगाए गए थे। इनके माध्यम से मोटरों को संचालित किया जा रहा था लेकिन बीते पांच वर्ष से पैनल खराब पड़े हुए हैं। इस कारण खुले तारों के सहारे चलाया जा रहा है। ऐसे में करंट का भय बना हुआ है।



इन गांवों में की गई है पेयजल आपूर्ति की सुविधा
ब्लॉक बार अंतर्गत ग्राम पुलवारा, धमना, गैंदोरा, लड़वारी, बरौदाडांग, पारौन, भैलोनी सूबा, मथुराडांग, सेमराडांग, बस्तगुवां, गड़िया व ब्लॉक तालबेहट के रमपुरा-कठवर, संसुआ, खैरीडांग, खैराडांग, खिरियाडांग, कंगीरपुरा, ककरेला, सुनपुरा, वसवाहा, जिजरवारा, रजपुरा, मनपुरा, चुनगी आदि गांवों में सप्लाई करने की सुविधा की गई है। इन गांवों में सप्लाई के लिए पुलवारा, लड़वारी, बरौदा डांग, पारौन व सेमरा डांग में टंकी का निर्माण किया गया है।





वर्जन
मथुराडांग पेयजल परियोजना के जल शोधन संयंत्र में काई होने की जानकारी हुई है। इसकी जल्द ही सफाई कराई जाएगी। - मुंशीलाल, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed