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टीजीटू कर्मी फिर बनेंगे विद्युत एसएसओ

Thu, 13 Apr 2017 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 13 Apr 2017 01:11 AM IST
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TGTU personnel will again become Power SSO
electricity meater - फोटो : demo
बिजली विभाग में विद्युत सब स्टेशनों पर अब फिर से टीजीटू कर्मियों की तैनाती एसएसओ के रूप में की जाएगी। एसएसओ के पद खाली होने पर टीजीटू के रूप में भरे जाएंगेे। अब तक सैनिक कल्याण निगम के तहत उक्त पदों पर एसएसओ कर्मी तैनात चल रहे हैं। 
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जनपद में 13 विद्युत सब स्टेशनों पर आधा सैकड़ा एसएसओ (सब स्टेशन ऑपरेटर) कर्मियों को तैनात किया गया है। एक सब स्टेशन पर कम से कम चार एसएसओ की तैनाती होती है, जिनसे विद्युत विभाग द्वारा शिफ्टवार सब स्टेशन पर ऑपरेटर का काम लिया जाता है। शहरी या ग्रामीण क्षेत्र में कहीं भी फाल्ट या विद्युत सुधार के दौरान लाइनमैन या विद्युत अवर अभियंता द्वारा सब स्टेशन ऑपरेटर से ही शटडाउन लिया जाता है। फाल्ट पर ओसीबी या वीसीबी मशीनों के ट्रिप होने और ट्रिपिंग के बाद फाल्ट सुधरने के बाद मशीनों का शटडाउन वापस कर बिजली सुचारु करने का काम एसएसओ ही करता है। यदि सब स्टेशन के यार्ड में स्थापित किसी उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर में भी खराबी आती है, तो उस सब स्टेशन पर तैनात एसएसओ अवर अभियंता के निर्देश पर उक्त ट्रांसफार्मर में प्राथमिक सुधार का कार्य सब स्टेशन स्टेशन ऑपरेटर ही करता है। विद्युत सब स्टेशनों पर एसएसओ की तैनाती बिजली द्वारा पूर्व सैनिकों या पूर्व सैनिकों के आश्रितों के रूप में सैनिक कल्याण निगम के अंतर्गत की जाती रही है। जबकि इससे पूर्व तक एसएसओ का काम बिजली विभाग में तैनात टीजीटू कर्मचारियों से ही लिया जाता था। लेकिन अब बिजली विभाग ने एक बार फिर से टीजीटू कर्मचारियों से एसएसओ के रूप में कार्य कराए जाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही बिजली विभाग को शीघ्र ही कई नये टीजीटू कर्मचारी की तैनाती मिलने वाली भी है, जिससे अब बिजली विभाग में टैक्नीकल ग्रेड के कर्मचारियों भी मिल सकेंगे। 
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वर्तमान में गल्ला मंडी स्थित 66 केवी सब स्टेशन के बगल में 33 केवी विद्युत सब स्टेशन भी स्थित है। एक ही परिसर में स्थित उक्त दोनों विद्युत सब स्टेशन में दो वर्षों से अलग-अलग एसएसओ की तैनाती की जाती रही है। लेकिन एक अप्रैल से उक्त 33 केवी सब स्टेशन पर तैनात एसएसओ की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इसके चलते दोनों सब स्टेशनों का भार एक ही विद्युत सब स्टेशन ऑपरेटर पर आ गया है। ऐसे में एक ही कर्मचारी दो सब स्टेशनों में स्थापित 11 फीडरों को एक साथ संचालित करना होता है। जबकि दोनों सब स्टेशनों के मध्य में एक अवर अभियंता के ऑफिस का कमरा भी है, जिससे विद्युत एसएसओ को मशीनों के ट्रिप होने पर एसएसओ को परेशानी उठानी पड़ती है। लेकिन अब फिर से टीजीटू कर्मचारियों को एसएसओ के रुप में सब स्टेशन का कार्य के लिए तैनात करने पर काफी हद तक राहत मिल सकेगी। हालांकि सैनिक कल्याण निगम के तहत एसएसओ के पदों को समाप्त नहीं किया जाएगा। 
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टीजीटू कर्मचारियों को विद्युत सब स्टेशन पर एसएसओ के रूप में तैनात किया जाएगा। पूूर्व में भी एसएसओ की तैनाती टीजीटू कर्मियों से ही जाती थी। हालांकि सैनिक कल्याण से एसएसओ का पद खत्म नहीं किया जा रहा है। जरुरत के हिसाब से टैक्नीकल कर्मियों से उक्त कार्य लिया जाएगा। 
- गौरव कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत।
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