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Lalitpur News: शहजाद बांध की कंक्रीट दीवार से हो रहा पानी का रिसाव खोजेगी टीम
Thu, 07 Sep 2023 01:01 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Thu, 07 Sep 2023 01:01 AM IST
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रिसाव का स्थान मिलने के बाद इसे बंद करने की प्रक्रिया शुरू होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शहजाद बांध की कंक्रीट दीवार में पानी का रिसाव हो रहा है। पानी का रिसाव कहां से हो रहा है, एक विभागीय टीम जल्द ही इसकी तकनीकी जांच करेगी। इसके बाद रिसाव बंद करने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
वर्ष 1973 में तहसील तालबेहट क्षेत्र में शहजाद नदी पर शहजाद बांध का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। वर्ष 1992 में बांध बनकर तैयार हुआ। बांध का पूर्ण जलस्तर 322.00 मीटर है। इससे 116.60 किमी नहरों के जरिए 14403 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई की जाती है। करीब 200 मीटर पत्थर के खंडे व सीमेंट से इसकी दीवार बनाई गई है। लेकिन कुछ वर्ष से इस कंक्रीट की दीवार के जरिए बांध से पानी का रिसाव हो रहा है।
सिंचाई विभाग के इंजीनियरों ने इस रिसाव को खोजने का काफी प्रयास किया। लेकिन रिसाव के स्थान का सही पता नहीं किया जा सका। बांध की सुरक्षा को लेकर सिंचाई विभाग ने एक सर्वे भी कराया था। इसके बाद बांध का रिसाव खोजने के लिए तकनीक के जरिए इसका पता लगाने की कार्ययोजना तैयार की गई। इसमें बांध का एक प्रकार से एक्स-रे किया जाएगा। जिसमें बांध के किस हिस्से में दरार है और कहां से पानी का रिसाव हो रहा है इसकी सटीक जानकारी मिल जाएगी।
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यह सर्वे दिल्ली की एक कंपनी के द्वारा किए जाने की संभावना है। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही शहजाद बांध का सर्वे हो जाएगा और इसके बाद सिंचाई विभाग के इंजीनियर इस रिसाव को बंद करने का काम शुरू करवा देंगे।
िस्प्रंकलर पाइप योजना का निर्माण अंतिम चरण में
कुछ वर्ष पूर्व किसानों को सिंचाई के लिए पानी आसानी से उपलब्ध कराने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत करीब 90 करोड़ रुपये की लागत से बांध पर िस्प्रंकलर पाइप योजना का निर्माण शुरू हुआ था। इसके लिए जून माह में कॉफर डैम को हटाने के लिए बांध को खाली किया गया था। वर्तमान में योजना निर्माण का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। जल्द ही इसका लाभ किसानों को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
शहजाद बांध की कंक्रीट दीवार जोकि पत्थर के खंडे व सीमेंट से निर्मित है, उससे पानी का रिसाव हो रहा है। इसे बंद करने के लिए प्राथमिक सर्वे किया जा चुका है। अब बांध का डोमोग्राफिक सर्वे कराया जाएगा। जोकि जल्द ही होगा। इससे बांध के रिसाव होने के सटीक स्थान का पता चल जाएगा। इसके बाद इस रिसाव को बंद कर दिया जाएगा।
-इं. नंदराम, सहायक अभियंता, राजघाट निर्माण खंड
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शहजाद बांध की कंक्रीट दीवार में पानी का रिसाव हो रहा है। पानी का रिसाव कहां से हो रहा है, एक विभागीय टीम जल्द ही इसकी तकनीकी जांच करेगी। इसके बाद रिसाव बंद करने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
वर्ष 1973 में तहसील तालबेहट क्षेत्र में शहजाद नदी पर शहजाद बांध का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। वर्ष 1992 में बांध बनकर तैयार हुआ। बांध का पूर्ण जलस्तर 322.00 मीटर है। इससे 116.60 किमी नहरों के जरिए 14403 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई की जाती है। करीब 200 मीटर पत्थर के खंडे व सीमेंट से इसकी दीवार बनाई गई है। लेकिन कुछ वर्ष से इस कंक्रीट की दीवार के जरिए बांध से पानी का रिसाव हो रहा है।
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सिंचाई विभाग के इंजीनियरों ने इस रिसाव को खोजने का काफी प्रयास किया। लेकिन रिसाव के स्थान का सही पता नहीं किया जा सका। बांध की सुरक्षा को लेकर सिंचाई विभाग ने एक सर्वे भी कराया था। इसके बाद बांध का रिसाव खोजने के लिए तकनीक के जरिए इसका पता लगाने की कार्ययोजना तैयार की गई। इसमें बांध का एक प्रकार से एक्स-रे किया जाएगा। जिसमें बांध के किस हिस्से में दरार है और कहां से पानी का रिसाव हो रहा है इसकी सटीक जानकारी मिल जाएगी।
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यह सर्वे दिल्ली की एक कंपनी के द्वारा किए जाने की संभावना है। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही शहजाद बांध का सर्वे हो जाएगा और इसके बाद सिंचाई विभाग के इंजीनियर इस रिसाव को बंद करने का काम शुरू करवा देंगे।
िस्प्रंकलर पाइप योजना का निर्माण अंतिम चरण में
कुछ वर्ष पूर्व किसानों को सिंचाई के लिए पानी आसानी से उपलब्ध कराने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत करीब 90 करोड़ रुपये की लागत से बांध पर िस्प्रंकलर पाइप योजना का निर्माण शुरू हुआ था। इसके लिए जून माह में कॉफर डैम को हटाने के लिए बांध को खाली किया गया था। वर्तमान में योजना निर्माण का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। जल्द ही इसका लाभ किसानों को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
शहजाद बांध की कंक्रीट दीवार जोकि पत्थर के खंडे व सीमेंट से निर्मित है, उससे पानी का रिसाव हो रहा है। इसे बंद करने के लिए प्राथमिक सर्वे किया जा चुका है। अब बांध का डोमोग्राफिक सर्वे कराया जाएगा। जोकि जल्द ही होगा। इससे बांध के रिसाव होने के सटीक स्थान का पता चल जाएगा। इसके बाद इस रिसाव को बंद कर दिया जाएगा।
-इं. नंदराम, सहायक अभियंता, राजघाट निर्माण खंड