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Lalitpur News: विद्यालय न आने वाले बच्चों को चिह्नित करेंगे शिक्षक
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। स्कूल न आने वाले बच्चों का एडमिशन कराने के लिए हर दिन स्कूल आएं अभियान चलाया जाएगा। छह से 14 वर्ष के ऐसे बच्चे जो किन्हीं कारणों से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, उनका प्रवेश कराने के लिए शिक्षक लोगों के घर, आसपास ढाबा, होटल सहित अन्य स्थानों पर जाकर सर्वेक्षण कर चिह्नित करेंगे।
जिले में 1354 परिषदीय व कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में करीब डेढ़ लाख बच्चे पंजीकृत हैं। छह से 14 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों को शिक्षित करने के लिए शासन की ओर से तमाम प्रयास और कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके साथ सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए किताबें, ड्रेस, कॉपी, जूता, मोजा, बैग, स्वेटर और मध्याह्न भोजन की व्यवस्था की गई है। बावजूद इसके कुछ बच्चे ऐसे हैं, जोकि स्कूलों में प्रवेश लेने से वंचित चल रहे हैं। ऐसे बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिलाने के लिए स्कूल चलो अभियान और हर दिन स्कूल आएं अभियान चलाया जा रहा है।
अब 17 जून से हर दिन स्कूल आएं अभियान के पहले चरण की शुरुआत की जाएगी। इसके तहत शिक्षक लोगों के घर, आसपास ढाबा-होटलों सहित अन्य स्थानों पर जाएंगे और ऐसे बच्चों को चिह्नित करेंगे जोकि विद्यालय नहीं आ रहे हैं। अभियान को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। बीएसए हरिकेश यादव ने बताया कि विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को इस संबंध में निर्देशित कर दिया गया है।
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ललितपुर। स्कूल न आने वाले बच्चों का एडमिशन कराने के लिए हर दिन स्कूल आएं अभियान चलाया जाएगा। छह से 14 वर्ष के ऐसे बच्चे जो किन्हीं कारणों से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, उनका प्रवेश कराने के लिए शिक्षक लोगों के घर, आसपास ढाबा, होटल सहित अन्य स्थानों पर जाकर सर्वेक्षण कर चिह्नित करेंगे।
जिले में 1354 परिषदीय व कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में करीब डेढ़ लाख बच्चे पंजीकृत हैं। छह से 14 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों को शिक्षित करने के लिए शासन की ओर से तमाम प्रयास और कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके साथ सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए किताबें, ड्रेस, कॉपी, जूता, मोजा, बैग, स्वेटर और मध्याह्न भोजन की व्यवस्था की गई है। बावजूद इसके कुछ बच्चे ऐसे हैं, जोकि स्कूलों में प्रवेश लेने से वंचित चल रहे हैं। ऐसे बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिलाने के लिए स्कूल चलो अभियान और हर दिन स्कूल आएं अभियान चलाया जा रहा है।
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अब 17 जून से हर दिन स्कूल आएं अभियान के पहले चरण की शुरुआत की जाएगी। इसके तहत शिक्षक लोगों के घर, आसपास ढाबा-होटलों सहित अन्य स्थानों पर जाएंगे और ऐसे बच्चों को चिह्नित करेंगे जोकि विद्यालय नहीं आ रहे हैं। अभियान को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। बीएसए हरिकेश यादव ने बताया कि विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को इस संबंध में निर्देशित कर दिया गया है।
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