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Lalitpur News: तालबेहट ब्लॉक प्रमुखी का फैसला आया राजदीप के पक्ष में
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद न्यायाधीश ने तालबेहट में ब्लाॅक प्रमुख के पद को लेकर फैसला सुना दिया है। उन्होंने राजदीप सिंह को ब्लॉक प्रमुख पद पर सफल उम्मीदवार घोषित किया है। साथ ही विजय सिंह का चुनाव शून्य घोषित किया है। न्यायालय के इस निर्णय से ब्लॉक प्रमुखी चुनाव में सत्ता बल का प्रयोग कर विजय सिंह के चुनाव जीतने की पुष्टि हुई है। लोकसभा चुनाव के ठीक पहले न्यायालय के आए इस फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा है।
ब्लॉक प्रमुख पद पर चुनाव के बाद मतगणना में छह अवैध मतों को लेकर न्यायालय में रिट दायर की गई थी। चुनाव में हारे हुए प्रत्याशी राजदीप सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए जिला न्यायाधीश ने मंगलवार को छह अवैध मत न्यायालय में मंगाए थे। अवैध मतों की जांच की गई तो उसमें एक मत राजदीप के पक्ष में वैध पाया गया। दोनों उम्मीदवारों के मत बराबर हो गए तो पर्ची निकाली गई थी। पर्ची वर्तमान ब्लॉक प्रमुख के नाम की निकली, जिससे उन्हें घोषित किया जा रहा था, लेकिन राजदीप के वकील गोविंद नारायण सक्सेना ने आपत्ति दर्ज कराई। साथ ही एक्ट प्रस्तुत किया, जिसमें यह उल्लेख था कि जिसके पक्ष में पर्ची निकलती है, उसे हारा घोषित किया जाता है। ऐसे में बुधवार को जनपद न्यायालय में विधिवत सुनवाई की गई। बृहस्पतिवार देर शाम इस संबंध में जनपद न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाया, जिसमें राजदीप सिंह को विजयी घोषित किया। विजय सिंह के पूर्व चुनाव परिणाम को शून्य घोषित कर दिया है।
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विजय सिंह उच्च न्यायालय जाएंगे
वर्तमान ब्लॉक प्रमुख के अधिवक्ता प्रकाशचंद्र लोहिया ने बताया कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर पूर्ण विश्वास है। वह जनपद न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।
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ललितपुर। जनपद न्यायाधीश ने तालबेहट में ब्लाॅक प्रमुख के पद को लेकर फैसला सुना दिया है। उन्होंने राजदीप सिंह को ब्लॉक प्रमुख पद पर सफल उम्मीदवार घोषित किया है। साथ ही विजय सिंह का चुनाव शून्य घोषित किया है। न्यायालय के इस निर्णय से ब्लॉक प्रमुखी चुनाव में सत्ता बल का प्रयोग कर विजय सिंह के चुनाव जीतने की पुष्टि हुई है। लोकसभा चुनाव के ठीक पहले न्यायालय के आए इस फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा है।
ब्लॉक प्रमुख पद पर चुनाव के बाद मतगणना में छह अवैध मतों को लेकर न्यायालय में रिट दायर की गई थी। चुनाव में हारे हुए प्रत्याशी राजदीप सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए जिला न्यायाधीश ने मंगलवार को छह अवैध मत न्यायालय में मंगाए थे। अवैध मतों की जांच की गई तो उसमें एक मत राजदीप के पक्ष में वैध पाया गया। दोनों उम्मीदवारों के मत बराबर हो गए तो पर्ची निकाली गई थी। पर्ची वर्तमान ब्लॉक प्रमुख के नाम की निकली, जिससे उन्हें घोषित किया जा रहा था, लेकिन राजदीप के वकील गोविंद नारायण सक्सेना ने आपत्ति दर्ज कराई। साथ ही एक्ट प्रस्तुत किया, जिसमें यह उल्लेख था कि जिसके पक्ष में पर्ची निकलती है, उसे हारा घोषित किया जाता है। ऐसे में बुधवार को जनपद न्यायालय में विधिवत सुनवाई की गई। बृहस्पतिवार देर शाम इस संबंध में जनपद न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाया, जिसमें राजदीप सिंह को विजयी घोषित किया। विजय सिंह के पूर्व चुनाव परिणाम को शून्य घोषित कर दिया है।
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विजय सिंह उच्च न्यायालय जाएंगे
वर्तमान ब्लॉक प्रमुख के अधिवक्ता प्रकाशचंद्र लोहिया ने बताया कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर पूर्ण विश्वास है। वह जनपद न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।