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क्रांतिपथ से जुड़ेंगे तालबेहट व बालाबेहट का किला
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ललितपुर। जनपद में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पर्यटकों के रुझान को देखते हुए जिले में प्रमुख किलों को जोड़कर पर्यटकों के लिए क्रांतिपथ बनाया जाएगा। पर्यटन संवर्धन योजना के अंतर्गत पर्यटन स्थलों तक पहुंच मार्ग बनाकर मुख्य मार्गों से जोड़ा जाएगा, परिसर में लाइट और गाइड की व्यवस्था होगी। पहले चरण में तालबेहट और बालाबेहट का किला क्रांतिपथ से जुड़ेगा।जनपद में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। देवगढ़ का दशावतार मंदिर, जैन मंदिर, मुचकुंद गुफा, बौद्घ गुफाएं, धौर्रा क्षेत्र में चांदपुर-जहाजपुर, पाली के बंट के जंगलों में च्यवन आश्रम व झरना, करकरावल का झरना, पाली के श्री नील कंठेश्वरधाम मंदिर, पाली से दस किलोमीटर दूर बालाबेहट रोड पर दूधई में चंदेलकालीन सूर्य मंदिर, शिव मंदिर, विराट नृसिंह प्रतिमा आज भी स्थित हैं। वहीं, बालाबेहट में जैन अतिशय क्षेत्र एवं बरवासन देवी मंदिर स्थित हैं, जो धर्मिकता के साथ- साथ यहां का प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों को खूब लुभाता है। नाराहट क्षेत्र में पांडववन क्षेत्र महाभारत कालीन पांडवों के प्रतीक चिह्न, प्राकृतिक छटा को दर्शाती नदी व पहाड़ों का आकर्षण देखते ही बनता है। तालबेहट, बालाबेहट, बानपुर के किला भी पुरातत्व आकर्षण का केंद्र हैं।
प्रदेश शासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जनपद में 2015 से अब तक पर्यटकों की संख्या 12,70,727 से बढ़कर 52,26,251 तक हो गई है। यह हाल पूरे बुंदेलखंड का है, जहां पांच साल में पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ी है, इसमें झांसी सबसे आगे है। इसका कारण बुंदेलखंड के चित्रकूट, बांदा के कालिंजर एवं झांसी में पर्यटकों को लुभाने के लिए पर्यटन के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए काफी कार्य किए गए हैं। पर्यटन विभाग जगह-जगह साइनेज बोर्ड लगा रहा है। जहां पर्यटन स्थलों की दूरियों का दर्शाया गया है, ताकि पर्यटक वहां तक आसानी से पहुंच सकें। ललितपुर में पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने के कारण अब पर्यटन विभाग द्वारा क्रांतिपथ के अंतर्गत तालबेहट और बालाबेहट में पर्यटन विकास के लिए कार्य शुरु किए हैं। पर्यटन विभाग द्वारा जिले में संवर्धन योजना के तहत प्रत्येक ग्राम सभा में महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों के विकास पर कार्य करेगा। इसके लिए विभाग द्वारा सांसद और विधायकों की संस्तुति ली जाएगी और उस क्षेत्र का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। इसमें ट्रिपल-बी के तहत उस पर्यटन स्थल के विकास के लिए बड़ी संस्था को विकास का जिम्मा सौंपा जाएगा। इनमें मुख्य रुप से चांदपुर-जहाजपुर, तालबेहट का किला, करकरावल के अलावा अन्य पर्यटन महत्व के स्थलों को शामिल किया जाएगा। इसके तहत उन पर्यटन स्थलों तक पहुंचमार्ग, एप्रोच रोड मुख्य मार्ग से जोड़ा जाएगा। आसपास के स्थलों पर गेट, बिजली, पानी के साथ ही मुख्य रुप से गाइड की व्यवस्था की जाएगी।
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जिले में अधिकांश पर्यटन स्थलों पर सड़क, पानी और बिजली की सुविधाएं नहीं है। विष्णु मंदिर की ऐतिहासिकता बताने वाला कोई नहीं है। पुरा महत्व के स्थलों की प्राचीन एवं उसकी प्रमाणिकता के बारे में कोई गाइड या साइनबोर्ड नहीं लगाए गए हैं, जो बहुत जरुरी हैं, ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को उनकी जानकारी मिल सके। दशावतार मूर्ति पर केमिकल डालने के कारण उसका क्षरण हो रहा है, रखरखाव भी ठीक से नहीं हो रहा। जनप्रतिनिधियों को पर्यटन स्थलों के विकास के बारे में ध्यान देने की आवश्यकता है। 15 मार्च को झांसी के विकास भवन में पर्यटन को लेकर बैठक होनी है, जिसमें वह प्रतिभाग कर जिले के पर्यटन विकास की संभावनाओं पर अपनी राय रखेंगे।
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- संतोष शर्मा, इनटेक।
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बुंदेलखंड में पांच वर्षों में पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ी है। ललितपुर में पर्यटन विभाग द्वारा क्रांतिपथ एवं पर्यटन संबर्धन योजना के तहत पर्यटन स्थलों के विकास पर कार्य किया जा रहा है। सांसद व विधायकों से ग्राम सभा में स्थित पर्यटन स्थलों के विकास के संबंध में संस्तुति ली जाएगी, ताकि उन क्षेत्रों का विकास कार्य को प्राथमिकता के आधार पर किया जा सके।
- आरके रावत, उपनिदेशक पर्यटन।
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प्रदेश शासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जनपद में 2015 से अब तक पर्यटकों की संख्या 12,70,727 से बढ़कर 52,26,251 तक हो गई है। यह हाल पूरे बुंदेलखंड का है, जहां पांच साल में पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ी है, इसमें झांसी सबसे आगे है। इसका कारण बुंदेलखंड के चित्रकूट, बांदा के कालिंजर एवं झांसी में पर्यटकों को लुभाने के लिए पर्यटन के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए काफी कार्य किए गए हैं। पर्यटन विभाग जगह-जगह साइनेज बोर्ड लगा रहा है। जहां पर्यटन स्थलों की दूरियों का दर्शाया गया है, ताकि पर्यटक वहां तक आसानी से पहुंच सकें। ललितपुर में पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने के कारण अब पर्यटन विभाग द्वारा क्रांतिपथ के अंतर्गत तालबेहट और बालाबेहट में पर्यटन विकास के लिए कार्य शुरु किए हैं। पर्यटन विभाग द्वारा जिले में संवर्धन योजना के तहत प्रत्येक ग्राम सभा में महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों के विकास पर कार्य करेगा। इसके लिए विभाग द्वारा सांसद और विधायकों की संस्तुति ली जाएगी और उस क्षेत्र का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। इसमें ट्रिपल-बी के तहत उस पर्यटन स्थल के विकास के लिए बड़ी संस्था को विकास का जिम्मा सौंपा जाएगा। इनमें मुख्य रुप से चांदपुर-जहाजपुर, तालबेहट का किला, करकरावल के अलावा अन्य पर्यटन महत्व के स्थलों को शामिल किया जाएगा। इसके तहत उन पर्यटन स्थलों तक पहुंचमार्ग, एप्रोच रोड मुख्य मार्ग से जोड़ा जाएगा। आसपास के स्थलों पर गेट, बिजली, पानी के साथ ही मुख्य रुप से गाइड की व्यवस्था की जाएगी।
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जिले में अधिकांश पर्यटन स्थलों पर सड़क, पानी और बिजली की सुविधाएं नहीं है। विष्णु मंदिर की ऐतिहासिकता बताने वाला कोई नहीं है। पुरा महत्व के स्थलों की प्राचीन एवं उसकी प्रमाणिकता के बारे में कोई गाइड या साइनबोर्ड नहीं लगाए गए हैं, जो बहुत जरुरी हैं, ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को उनकी जानकारी मिल सके। दशावतार मूर्ति पर केमिकल डालने के कारण उसका क्षरण हो रहा है, रखरखाव भी ठीक से नहीं हो रहा। जनप्रतिनिधियों को पर्यटन स्थलों के विकास के बारे में ध्यान देने की आवश्यकता है। 15 मार्च को झांसी के विकास भवन में पर्यटन को लेकर बैठक होनी है, जिसमें वह प्रतिभाग कर जिले के पर्यटन विकास की संभावनाओं पर अपनी राय रखेंगे।
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- संतोष शर्मा, इनटेक।
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बुंदेलखंड में पांच वर्षों में पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ी है। ललितपुर में पर्यटन विभाग द्वारा क्रांतिपथ एवं पर्यटन संबर्धन योजना के तहत पर्यटन स्थलों के विकास पर कार्य किया जा रहा है। सांसद व विधायकों से ग्राम सभा में स्थित पर्यटन स्थलों के विकास के संबंध में संस्तुति ली जाएगी, ताकि उन क्षेत्रों का विकास कार्य को प्राथमिकता के आधार पर किया जा सके।
- आरके रावत, उपनिदेशक पर्यटन।