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स्ट्रेचर पर मरीज लेकर डीएम आवास पहुंचे परिजन

Thu, 22 Aug 2019 01:45 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 22 Aug 2019 01:45 AM IST
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Taking patient on stretcher family members reached DM residence
चिकित्सक द्वारा सही इलाज ना मिलने पर जिलाधिकारी आवास पर पहुंचा मरीज व परिजन। - फोटो : LALITPUR
स्ट्रेचर पर मरीज लेकर डीएम आवास पहुंचे परिजन
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ललितपुर। जिला अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों की मनमानी की शिकायतें आए दिन होती रहती हैं, लेकिन बुधवार को ऐसा हुआ कि जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की होगी। ग्राम सैदपुर निवासी एक परिवार बच्चे का उपचार ठीक नहीं होने से नाराज होकर उसे स्ट्रेचर पर लेकर डीएम आवास पहुंच गया। उनका आरोप है कि रॉड डालने के लिए पैसे की मांग की गई थी, उनकी मांग पूरी करने के बाद भी उपचार अधूरा छोड़ दिया।
बुधवार को दोपहर तीन बजे कचहरी चौराहे पर एक महिला व पुरुष बच्चे को स्ट्रेचर पर लिटाए हुए आगे बढ़ रहे थे। इस पर लोगों की नजर पड़ गई। देखते ही देखते खबरनवीस भी मौके पर पहुुंच गए। ग्राम सैदपुर निवासी मनोज का कहना है कि उसका 12 वर्षीय पुत्र देशराज 16 जून को पेड़ से गिर गया था। उसके दाहिने पैर में फ्रेक्चर हो गया था। इसके उपरांत उसने जिला अस्पताल में पुत्र को भर्ती कराया। यहां तैनात चिकित्सक ने बताया कि बच्चे के पैर में रॉड डाली जाएगी। इसकी कीमत करीब दस हजार रुपये होगी। इसकी पूर्ति के लिए अपना कच्चा मकान बेच दिया।
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जब बच्चे के पैर का एक्सरे कराया तो पता चला कि पैर में रॉड डाली ही नहीं गई। अब चिकित्सक रॉड डालने के लिए पांच हजार रुपये और मांग रहे हैं। जब उसने असमर्थता जताई तो उन्होंने कहा कि इसे चंदेरी ले जाओ। जहां हम फोन कर देंगे, जिससे उसका मुफ्त इलाज हो जाएगा। अब जिलाधिकारी से उचित उपचार कराने की मांग को लेकर उनके आवास पर जा रहे हैं। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने परिजनों की शिकायत पर जिला अस्पताल के सीएमएस को बुलाया। सीएमएस की गैर मौजूदगी पर प्रभारी सीएमएस डॉ. अमित चतुर्वेदी पहुंचे। उन्होंने चिकित्सक का पक्ष रखा।
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बता दें कि करीब छह माह पहले भी इसी तरह एक मरीज स्ट्रेचर पर लेटकर डीएम कार्यालय पहुंचा था। उस दौरान मामला कुछ ही दिनों बाद ठंडे बस्ते में पहुंच गया था। अब फिर नया प्रकरण चर्चा में है।
उपकरण की मदद से आपरेशन किया गया था। अब एक रॉड डालने के लिए पैसे की मांग की गई है, जबकि मरीज के परिजन मुफ्त में उपचार कराना चाहते हैं।
- डा. अमित चतुर्वेदी
प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल
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