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स्वकर का सर्वे शुरू, तीन माह में होगा पूरा

Sat, 28 Nov 2015 01:34 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Sat, 28 Nov 2015 01:34 AM IST
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Survey assessment system started , completed in three months
ललितपुर। नगर पालिका में बहुप्रतीक्षित स्वकर प्रणाली का सर्वे कार्य शुरू हो गया है। पहले दिन मुहल्ला गांधी नगर से इसकी शुरूआत हुई। अभियान तीन माह में पूरा कर लिया जाएगा।
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नगर पालिका शहर में रहने वालों को स्ट्रीट लाइट, सड़क, नाली, सफाई आदि सुविधाएं देती है। इसके बदले में शहरवासियों से गृहकर वसूल करती है। गृहकर में बहुत से लोगों की मनमानी चलती है, जिससे मकानों का क्षेत्रफल अधिक होने के बाद भी बहुत कम गृहकर लिया जाता है।
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वर्तमान में शहर में सालाना गृहकर करीब 40 लाख रुपये वसूला जाता है, लेकिन शहर में गांव के लोग निवास करने से शहरों की सीमाओं का दायरा बढ़ता जा रहा है। इससे विकास कार्यों की ज्यादा से ज्यादा जरूरत महसूस की जा रही है। इसे देखते हुए शासन ने स्वकर प्रणाली मंजूर कर दी है।
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इसमें गृहस्वामी अपने मकान पर लगने वाले हाउस टैक्स का स्वयं जिम्मेदार होता है। स्वकर में एक फार्म पर गृहस्वामी को मकान से संबंधित आवश्यक जानकारियां भरनी पड़ती हैं, उसी हिसाब से नगर पालिका गृहस्वामी पर गृहकर लगा देती है। इसमें कर्मचारियों द्वारा किसी का कम और किसी का अधिक गृहकर लगाए जाने के आरोप- प्रत्यारोप समाप्त हो जाते हैं।

कर्मचारियों की कमी के कारण लंबे समय से शहर में स्वकर का सर्वे पेंडिंग पड़ा था, लेकिन अब यह सर्वे कार्य शुरू हो गया है। शुक्रवार को पहले दिन सर्वे टीम ने मुहल्ला गांधी नगर की पड़ताल की। स्वकर का सर्वे कार्य तीन माह में पूरा कर लिया जाएगा। नगर पालिका में कर्मचारियों की कमी को देखते हुए अलीगढ़ की जोनटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सड़क की चौड़ाई के हिसाब से लगेगा कर
मकानों पर लगाए जाने वाले स्वकर में सबसे महत्वपूर्ण सड़क की चौड़ाई रहेगी। जिस गली में गृह स्वामी का मकान है, उस गली की चौड़ाई के हिसाब से ही उसे स्वकर देना होगा। गलियों की तीन श्रेणी बनाई गई हैं, जिसमें तीन मीटर से कम चौड़ी गली, तीन मीटर से बारह मीटर चौड़ा रास्ता, बारह मीटर से चौबीस मीटर चौड़ा रास्ता और 24 मीटर से अधिक चौड़ा रास्ता में बने मकानों पर अलग-अलग दरों पर स्वकर वसूला जाएगा।

मकान की बनावट होगी शामिल
स्वकर निर्धारण करने में मकान की बनावट का भी महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। इसके लिए मकानों की कैटेगिरी तय कर दी गई है। इसके अंतर्गत यदि कंक्रीट (सीसी) छत सहित पक्का मकान है और फर्श में मोजेक, मारबल आदि लगा है तो स्वकर सबसे अधिक होगा। इसके बाद अच्छी श्रेणी का पक्का मकान आएगा, जिसमें फर्श में मारबल आदि नहीं लगा होगा। इसके बाद कच्चा मकान, खपरैल और टिनशेड की कैटेगिरी तय की गई है।

खाली प्लाट पर भी लगेगा टैक्स
यदि शहर की सीमा के अंदर किसी का प्लाट है और वह खाली पड़ा है, तो उसको भी गृहकर देना पड़ेगा। इसकी भी केटेगिरी निर्धारित की गई हैं। इसमें 12 मीटर से कम चौड़ी सड़क, 12 मीटर से 24 मीटर चौड़ी सड़क और 24 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क के हिसाब से प्लाट पर गृहकर आरोपित किया जाएगा।

इस दर से लगेगा गृहकर
स्वकर में गृहकर निर्धारण के लिए दरों की कैटेगरी तय कर दी गई है। इसमें अधिकतम 78 पैैसे प्रति वर्ग फुट के हिसाब से स्वकर निर्धारित किया जाएगा। वहीं, न्यूनतम दर 15 पैसे प्रति वर्ग फुट के हिसाब से गृहकर जमा करना होगा।

वार्ड के हिसाब से लगेंगी दरें
स्वकर में सभी बार्डों की अलग-अलग कैटेगरी बनाई गई है। इसमें शहर के सबसे विकसित बार्डों का स्वकर सबसे अधिक होगा और कम विकसित बार्डों में रहने वाले गृहस्वामियों को अलग दर के हिसाब से स्वकर जमा करना होगा।

फार्म में भरना होंगी जानकारियां
स्वकर का सर्वे कर रही एजेंसी के कर्मचारी शहर के सभी गृहस्वामियों से एक फार्म भरवाएंगे। इस फार्म में मुहल्ले का नाम, पुराना मकान नंबर, नया मकान नंबर, जल संयोजन का प्रकार, स्वयं रहते हैं या किराएदार रहता है, यदि किराएदार रहता है

तो उसके कब्जे वाला क्षेत्र, प्लाट का क्षेत्रफल, कवर्ड क्षेत्रफल, खाली प्लाट का क्षेत्रफल, कितने मंजिल का मकान है, सभी मंजिलों पर निर्माण की स्थिति, मकान में खुला भाग, मकान के सामने सड़क की चौड़ाई, भवन निर्माण की प्रकृति, भवन निर्माण का वर्ष, वार्षिक गृहकर आदि जानकारियां भरनी होंगी। इस तरह फार्म में मकान से संबंधित सभी जानकारियां भरनी पड़ेगी, जिससे मकान के संबंध में पूरा विस्तृत ब्योरा नगर पालिका में उपलब्ध हो जाएगा।


मकानों की संख्या बढ़ेगी
वर्तमान में नगर पालिका में लगभग 24,367 मकान पंजीकृत हैं, जबकि शहर का दायरा दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। साथ ही नए मकान बनते जा रहे हैं। नगर पालिका का मानना है कि मकानों की वास्तविक संख्या और पालिका में दर्ज मकानों में भारी अंतर है। स्वकर सर्वे से यह अंतर भी सामने आ जाएगा। इससे नगर पालिका के राजस्व की आय में वृद्धि होगी।

इनका कहना है,
सभी शहरवासी स्वकर में सहयोग करें, ताकि स्वकर सर्वे ठीक तरह से पूरा हो सके।
- राकेश कुमार
अधिशासी अधिकारी
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