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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   sufficient energy, irrigation department

बिजली की उपलब्धता भरपूर, फिर भी सिंचाई को पर्याप्त बिजली नहीं

Tue, 01 Dec 2020 01:59 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 01 Dec 2020 01:59 AM IST
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sufficient energy, irrigation department
bijli tower.jpg - फोटो : bijli tower.jpg
ललितपुर। जिले के किसानों को सिंचाई के लिए बिजली नहीं मिल पा रही है, जिससे विद्युत नलकूप संयोजनधारी किसान परेशान हो रहे हैं। वहीं, जनपद सहित अधिक क्षेत्रों में बिजली की खपत कम होने पर पावर प्लांट ने उत्पादन घटा दिया है।
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जनपद में उदयपुरा स्थित पावर प्लांट से तीन इकाईयों से 1800 मेगावाट बिजली उत्पादन होता है। जबकि जनपद में ही महर्रा व महरौनीखुर्द में दस-दस मेगावाट के तीन और तहसील महरौनी के ग्राम बारचौन व पठाविजयपुरा में बीस एवं दस मेगावाट के दो सौर ऊर्जा प्लांट से बिजली उत्पादन हो रहा है। वर्तमान में खपत कम होने पर पावर प्लांट से बिजली उत्पादन कम हो गया है। वहीं, दूसरी तरफ सिंचाई के लिए जनपद के अधिकांश क्षेत्रों में किसानों को मौके पर सात से आठ घंटे ही बिजली आपूर्ति मिल पा रही है। यदि महरौनी क्षेत्र के 33 केवी सब स्टेशन के अंतर्गत क्योलारी फीडर की बात की जाये तो विभाग द्वारा रात आठ से सुबह आठ बजे तक बिजली कटौती करके दिन में सुबह आठ से रात आठ बजे तक बिजली आपूर्ति की जा रही है। वहीं नाराहट क्षेत्र में भी ऐसा ही हाल है, जहां विभाग द्वारा किसानों को दस घंटे बिजली का लक्ष्य निर्धारित करके बिजली आपूर्ति होती है। जिससे आये दिन कभी लो-वोल्टेज तो कभी फाल्ट की समस्या बनी रहती है।
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सिंचाई के सीजन में आये दिन लो-वोल्टेज के कारण मोटरें नहीं चल पा रही है, जिससे डीजल मोटरें रखकर सिंचाई करनी पड़ रही है। इससे नलकूप कनेक्शन से फायदा तो नहीं हुआ और अलग से डीजल का खर्चा भी बढ़ गया।
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रामकंकन शास्त्री, किसान, डोंगराकलां।
दस या बारह घंटे बिजली तो आ जाती है, लेकिन लो-वोल्टेज की समस्या आ रही है। समक्ष किसान तो स्टैबलाइजर रखकर वोल्टेज की कमी को पूरा कर लेते है, लेकिन अधिकांश किसान को लो-वोल्टेज से परेशान होना पड़ रहा है। ऐसे में गांव में ही कई किसान उधारी लेकर डीजल पंप चला रहे हैं।
पुुष्पेंद्र सिंह बुंदेला, डोंगराकलां।
बिजली तो वैसे भी कम मिल रही है और जितना समय बिजली आने का होता है तो उस दौरान आधा घंटे या डेढ़ दो घंटे में बार-बार बिजली चली जाती है, ऐसे में लगातार बिजली नहीं मिलने से सिंचाई बाधित हो रही है।
गुलाब सिंह, किसान, ग्राम बरेजा।
ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह ओवरलोड की समस्या है, जिसके चलते उन क्षेत्रों में फीडरों को बांटकर सिंचाई के लिये दस-दस घंटे बिजली दी जा रही है। यदि कहीं समस्या ज्यादा है तो 1912 पर शिकायत भी की जा सकती है।

आकाश सचान, अधिशासी अभियंता, द्वितीय।
शहरी क्षेत्र में चौबीस घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में बीस घंटे बिजली रोस्टर के अनुसार सब स्टेशनों को बिजली आपूर्ति मुहैया करायी जा रही है। ठंडों में मांग घटने के कई कारण होते हैं, लेकिन अभी पावर प्लांट से बिजली मिल रही है।
विनोद कुमार जायसवाल, अधिशासी अभियंता, ट्रांसमिशन।
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