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Lalitpur News: कायाकल्प के दावों के बीच टाट-पट्टी पर पढ़ाई

Mon, 12 Oct 2026 11:53 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 12 Oct 2026 11:53 PM IST
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Studying on jute mats amidst claims of transformation
कक्षा में फर्स पर बैठकर पढ़ाई करते प्राथमिक विद्यालय के बच्चे।
ललितपुर। परिषदीय विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के दावों के बीच जिले के करीब एक हजार प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे अब भी टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। सर्दी का मौसम शुरू होने के साथ ही इन बच्चों की परेशानी बढ़ने की आशंका है। विभाग का दावा है कि इसी शैक्षिक सत्र में विद्यालयों में डेस्क-बेंच की व्यवस्था कर दी जाएगी।
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जिले में 1354 परिषदीय विद्यालयों में करीब 1.36 लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इनमें 866 प्राथमिक, 320 उच्च प्राथमिक और 171 कंपोजिट विद्यालय बताए गए हैं। सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं बेहतर करने के लिए ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 19 मानकों पर काम कराया गया। इनमें शौचालय, पेयजल, टाइल्स, बिजली कनेक्शन, दिव्यांग रैंप और बाउंड्रीवॉल जैसी सुविधाएं शामिल हैं। हालांकि, प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के बैठने के लिए डेस्क-बेंच की व्यवस्था अब भी अधूरी है।
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विभागीय जानकारी के मुताबिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में कक्षा छह से आठ तक के बच्चों के लिए डेस्क-बेंच उपलब्ध हैं। वहीं, करीब एक हजार प्राथमिक विद्यालयों के 70 से 80 हजार बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं।
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बाउंड्रीवॉल के लिए भी जुटाई जा रही जानकारी
ऑपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों में क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवॉल की मरम्मत और जहां दीवार नहीं है, वहां निर्माण कराया जाना है। कुछ विद्यालयों में काम पूरा हो चुका है, जबकि शेष विद्यालयों की स्थिति की जानकारी जुटाकर सूची तैयार की जा रही है।

आठ साल बाद भी जमीन पर पढ़ाई कर रहे हजारों बच्चे
ऑपरेशन कायाकल्प की शुरुआत जून 2018 में परिषदीय विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के उद्देश्य से हुई थी। इसके बावजूद ललितपुर के करीब एक हजार प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के बैठने के लिए डेस्क-बेंच की व्यवस्था नहीं हो सकी है। नतीजतन, हजारों बच्चे अब भी टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।


वर्जन
ऑपरेशन कायाकल्प के तहत उच्च प्राथमिक विद्यालयों में डेस्क-बेंच की व्यवस्था हो चुकी है। प्राथमिक विद्यालयों में भी यह सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हाल ही में सूची तैयार की गई है। इसी शैक्षिक सत्र में डेस्क-बेंच पहुंचाने का प्रयास है।
- भुवनेन्दु अरजरिया, प्रभारी बीएसए/खंड शिक्षा अधिकारी, जखौरा
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