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मां बाप के सामने ही उठी बेटे की अर्थी, तो हर आंख हुई नम
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- फोटो : accident.jpg
ललितपुर। थाना मड़ावरा के ग्राम साढ़ूमल में हुए हादसे में रविवार की रात तीन युवा व्यापारियों की मौत से गांव में शोक छा गया। मरने वालों में व्यापारी मोनू जैन की अर्थी सोमवार को उठी तो उसके बूढ़े मां-बाप बदहवास हो गए। पत्नी और बच्चों का भी बुरा हाल था। तीनों साथ मिलकर गेहूं खरीद का व्यापार करते थे। मोनू का पैतृक मकान साढ़ूमल में ही है, वह अपने दोनों व्यापारी साथियों के साथ होरा पार्टी करने और माता-पिता से मिलने गांव आया था, लेकिन लौटने के दौरान यह दुखद हादसा घटित हो गया, जिसमें तीनों की मौत हो गई।
ग्राम साढ़ूमल, हाल टीकमगढ़ निवासी मोनू उर्फ गौरव जैन अपने माता-पिता की अकेली संतान था, उसके छोटे भाई की करीब छह साल पहले किसी गंभीर बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। उसके परिवार में उसके बुजुर्ग माता-पिता और पत्नी एवं एक पुत्र व एक पुत्री है। रविवार की रात को मोनू की उसके दोनों साथियों समेत कार दुर्घटना में मौत हो गई। सोमवार को पोस्टमार्टम होने के बाद जब मोनू का शव उसके पैतृक गांव साढ़ूमल लाया गया तो इकलौते बेटे की अर्थी अपने सामने देख बूढ़े माता-पिता बदहवास हो गए। पत्नी और बच्चे भी बेसुध हो गए। उनकी हालत देख गांव के हर व्यक्ति की आंखें नम हो गई। उसकी अंतिम यात्रा में गांव के अलावा टीकमगढ़ और ललितपुर के बड़े व्यापारियों के अलावा मिलने-जुलने वाले सैकड़ों लोग शामिल हुए।
तीनों व्यापारी अच्छे दोस्त और व्यापार में पार्टनर थे
ललितपुर। जब घटना की जानकारी हुई तो कल्लू मोंगना और गुड्डू मलिक एवं मोनू जैन के करीबी सैकड़ों लोग ललितपुर पहुंच गए और उनके रिश्तेदार व व्यापारिक मित्रों का भी आना जाना लगा रहा। बताया गया कि तीनों मृतक अच्छे दोस्त के साथ ही पार्टनर में गेहूं खरीद का बड़ा कारोबार करते थे। इसके बाद रात में ही पुलिस ने तीनों के शव ललितपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस भेज दिए, जहां कोतवाली पुलिस ने तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। मृृतक गुड्डू मलिक चार भाइयों में सबसे छोटा था और उसके दो पुत्र हैं। तीसरा मृतक कल्लू दो भाइयों में सबसे छोटा था और उसके दो पुत्र और एक पुत्री है। गुड्डू मलिक टीकमगढ़ जिला अंजुमन सदर मोहम्मद रज्जाक का छोटा भाई था।
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ग्राम साढ़ूमल, हाल टीकमगढ़ निवासी मोनू उर्फ गौरव जैन अपने माता-पिता की अकेली संतान था, उसके छोटे भाई की करीब छह साल पहले किसी गंभीर बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। उसके परिवार में उसके बुजुर्ग माता-पिता और पत्नी एवं एक पुत्र व एक पुत्री है। रविवार की रात को मोनू की उसके दोनों साथियों समेत कार दुर्घटना में मौत हो गई। सोमवार को पोस्टमार्टम होने के बाद जब मोनू का शव उसके पैतृक गांव साढ़ूमल लाया गया तो इकलौते बेटे की अर्थी अपने सामने देख बूढ़े माता-पिता बदहवास हो गए। पत्नी और बच्चे भी बेसुध हो गए। उनकी हालत देख गांव के हर व्यक्ति की आंखें नम हो गई। उसकी अंतिम यात्रा में गांव के अलावा टीकमगढ़ और ललितपुर के बड़े व्यापारियों के अलावा मिलने-जुलने वाले सैकड़ों लोग शामिल हुए।
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तीनों व्यापारी अच्छे दोस्त और व्यापार में पार्टनर थे
ललितपुर। जब घटना की जानकारी हुई तो कल्लू मोंगना और गुड्डू मलिक एवं मोनू जैन के करीबी सैकड़ों लोग ललितपुर पहुंच गए और उनके रिश्तेदार व व्यापारिक मित्रों का भी आना जाना लगा रहा। बताया गया कि तीनों मृतक अच्छे दोस्त के साथ ही पार्टनर में गेहूं खरीद का बड़ा कारोबार करते थे। इसके बाद रात में ही पुलिस ने तीनों के शव ललितपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस भेज दिए, जहां कोतवाली पुलिस ने तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। मृृतक गुड्डू मलिक चार भाइयों में सबसे छोटा था और उसके दो पुत्र हैं। तीसरा मृतक कल्लू दो भाइयों में सबसे छोटा था और उसके दो पुत्र और एक पुत्री है। गुड्डू मलिक टीकमगढ़ जिला अंजुमन सदर मोहम्मद रज्जाक का छोटा भाई था।
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