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छह महीने से खराब पड़ा सोलर प्लांट, अंधेरे में लखंजर गांव
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मड़ावरा(ललितपुर)। ग्रामीण अंचल में बिजली, पानी और सड़क समेत रोजगार मुहैया कराए जाने के दावे विकासखंड मड़ावरा की ग्राम पंचायत कुर्रट के गांव लखंजर में हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। लखंजरवासी बिजली के अभाव में अंधकार में जीने को मजबूर हैं। विद्युत आपूर्ति के लिए गांव में कहने के लिए यूपीनेडा द्वारा 21 किलोवाट का सोलर प्लांट स्थापित कराया गया है, लेकिन छह महीने से अधिक समय से प्लांट से बिजली नहीं मिल रही, खंभों पर तार महज देखने के लिए ही झूल रहे हैं।
ग्राम पंचायत कुर्रट में बिजली आपूर्ति के लिए वर्ष 2015-16 में यूपीनेडा द्वारा सोलर प्लांट स्थापित किया गया और लगातार पांच वर्षों तक रखरखाव कर आपूर्ति सुनिश्चित की गई। स्थापना के पांच वर्ष के बाद से रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत के पास है, लेकिन सोलर प्लांट खराब पड़ा है। ग्राम पंचायत ने इसकी मरम्मत के लिये अब तक कोई खास प्रयास नहीं किया गया।
सोलर प्लांट के सामने ही स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में बच्चों की सुविधा के लिए विद्युत वायरिंग, ट्यूब लाइट एवं पंखे आदि लगे हुये हैं, लेकिन स्कूल में बिजली नहीं होने से सभी सुविधाएं सफेद हाथी साबित हो रही हैं। परिषदीय स्कूल में बच्चों को स्वच्छ पानी और मध्यान्ह भोजन भी नहीं मिल रहा। विद्यालय परिसर में लगा हैंडपंप पिछले एक वर्ष से खराब पड़ा है। कंपोजिट विद्यालय में 150 छात्रों के सापेक्ष महज दो शिक्षक एवं एक शिक्षामित्र ही तैनात हैं।
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एक साल से खराब है हैंडपंप
स्कूल का हैंडपंप बीते एक वर्ष से भी ज्यादा समय से खराब पड़ा है। बच्चों को पानी पीने के लिए गांव में लगे हैंडपंप पर जाना पड़ता है।
-सुखराम, छात्र प्राथमिक विद्यालय लखंजर
शौचालय में भी नहीं है पानी
स्कूल के शौचालय में भी पानी का कोई इंतजाम नहीं है। छात्रों को शौच आदि के लिए बाहर खेतों या नदी किनारे जाना पड़ता है।
-शुभ यादव, छात्र
छह माह से नहीं मिली बिजली
बीते छह महीनों से अधिक समय से उनके गांव में बिजली की आपूर्ति ठप पड़ी है। गांव विद्युत बहाली के लिये न तो ग्राम पंचायत सुन रही और न ही कोई अधिकारी हालचाल लेने आते हैं। बगैर बिजली के जंगली इलाके में अंधेरे में जीवन गुजारना काफी कठिन हो रहा है।
-राजाराम, ग्रामीण
ग्राम लखंजर में स्थापित सोलर प्लांट को सही करा दिया गया था, लेकिन ओवरलोड के चलते समस्या आ रही है। स्थापना के पांच वर्ष बाद प्लांट के रखरखाव एवं मरम्मत की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है। जिसके लिए ग्राम प्रधान द्वारा ध्यान दिया जाना चाहिए।
-एमए खान, परियोजना अधिकारी, यूपी नेडा
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ग्राम पंचायत कुर्रट में बिजली आपूर्ति के लिए वर्ष 2015-16 में यूपीनेडा द्वारा सोलर प्लांट स्थापित किया गया और लगातार पांच वर्षों तक रखरखाव कर आपूर्ति सुनिश्चित की गई। स्थापना के पांच वर्ष के बाद से रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत के पास है, लेकिन सोलर प्लांट खराब पड़ा है। ग्राम पंचायत ने इसकी मरम्मत के लिये अब तक कोई खास प्रयास नहीं किया गया।
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सोलर प्लांट के सामने ही स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में बच्चों की सुविधा के लिए विद्युत वायरिंग, ट्यूब लाइट एवं पंखे आदि लगे हुये हैं, लेकिन स्कूल में बिजली नहीं होने से सभी सुविधाएं सफेद हाथी साबित हो रही हैं। परिषदीय स्कूल में बच्चों को स्वच्छ पानी और मध्यान्ह भोजन भी नहीं मिल रहा। विद्यालय परिसर में लगा हैंडपंप पिछले एक वर्ष से खराब पड़ा है। कंपोजिट विद्यालय में 150 छात्रों के सापेक्ष महज दो शिक्षक एवं एक शिक्षामित्र ही तैनात हैं।
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एक साल से खराब है हैंडपंप
स्कूल का हैंडपंप बीते एक वर्ष से भी ज्यादा समय से खराब पड़ा है। बच्चों को पानी पीने के लिए गांव में लगे हैंडपंप पर जाना पड़ता है।
-सुखराम, छात्र प्राथमिक विद्यालय लखंजर
शौचालय में भी नहीं है पानी
स्कूल के शौचालय में भी पानी का कोई इंतजाम नहीं है। छात्रों को शौच आदि के लिए बाहर खेतों या नदी किनारे जाना पड़ता है।
-शुभ यादव, छात्र
छह माह से नहीं मिली बिजली
बीते छह महीनों से अधिक समय से उनके गांव में बिजली की आपूर्ति ठप पड़ी है। गांव विद्युत बहाली के लिये न तो ग्राम पंचायत सुन रही और न ही कोई अधिकारी हालचाल लेने आते हैं। बगैर बिजली के जंगली इलाके में अंधेरे में जीवन गुजारना काफी कठिन हो रहा है।
-राजाराम, ग्रामीण
ग्राम लखंजर में स्थापित सोलर प्लांट को सही करा दिया गया था, लेकिन ओवरलोड के चलते समस्या आ रही है। स्थापना के पांच वर्ष बाद प्लांट के रखरखाव एवं मरम्मत की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है। जिसके लिए ग्राम प्रधान द्वारा ध्यान दिया जाना चाहिए।
-एमए खान, परियोजना अधिकारी, यूपी नेडा