{"_id":"5e99f0308ebc3e6fca0063ad","slug":"social-disturbing-rules-is-not-followed-in-agriculture-form-lalitpur-news-jhs1647720200","type":"story","status":"publish","title_hn":"कृषि फार्म पर नहीं हो रहा सामाजिक दूरी का पालन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कृषि फार्म पर नहीं हो रहा सामाजिक दूरी का पालन
विज्ञापन
महरौनी। विकासखंड महरौनी के अंतर्गत मड़ावरा रोड पर स्थित 28 सौ एकड़ वाले राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र सैदपुर फार्म में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा रहा है। मजदूरों को ट्रक में लादकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा है। विरोध करने पर पूरे महीने के काम पर लाइन खींच दी जा रही है।
सैदपुर कृषि फार्म को पांच ब्लाकों में बांटा गया हैं। जहां पर जई, बरसीम और कुछ रकबे में अन्य फसलें बोई जाती हैं। कोरोना को लेकर सोशल डिस्टेंस का पालन करने पर जोर दिया जा रहा है। शासन के निर्देश हैं कि किसी मजदूर का पैसा नहीं काटा जाएगा। लेकिन, कृषि फार्म पर इसका पालन नहीं किया जा रहा है। मजदूरों को इकट्ठा करके हाजरी ली जाती है। इकट्ठे मजदूरों को ब्लाकों पर भेजा जाता है। सोशल डिस्टेंस के पालन करने की बात कहने पर मजदूरों को दबाने का काम किया जाता है।
छोटे ट्रक से अनाज ढोने का काम होता है, उसी ट्रक में मजदूरों को एक साथ बैठाकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाता है। यदि कोई मजदूर विरोध करता है तो सीजनल चिट्ठा (हाजिरी रजिस्टर) पर पूरे महीने की लाइन खींच दी जाती है, जिससे वह अनुपस्थित मान लिया जाता है। ऐसे में मजदूरों के सामने रोजी- रोटी चलाने का संकट आ गया है।
विज्ञापन
करीब सौ एकड जमीन पर बरसीम बोई गई थी। बरसीम की क्यारियों की मेड़ पर सरसों की बुवाई की गई। सरसों की देखरेख में सरकारी मशीनरी, कर्मचारियों और मजदूरों का उपयोग कटाई, मड़ाई व थ्रेसिंग में किया गया। मजदूरों ने बताया कि बड़ा मात्रा में सरसों की पैदावार हुई। जबकि, स्टाक रजिस्टर में दो क्विंटल सरसों की पैदावार का ब्योरा दर्ज किया गया। लेकिन, भूसा देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि दो क्विंटल का है अथवा इससे अधिक।
सरकार कहती है कि घर बैठकर खाओ। लोगों से दूरी बनाकर रखो, लेकिन कृषि फार्म के अधिकारी 15 फिट लंबे और 8 फिट चौडे ट्रक में कई मजदूरों को भर देते हैं। सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक काम लिया जाता है। विरोध करने पर वे भड़क जाते हैं। मजदूरों द्वारा विरोध करने पर पूरे महीने के लिए काम से हटा दिया जाता है। हमें इस महीने काम नहीं मिलेगा, बल्कि अगले महीने का भी काम मिलने का भरोसा नहीं है। अब हमारे सामने रोजी- रोटी का संकट आ गया।
- मुलायम कुशवाहा, ग्राम मुड़िया सैदपुर
जरा सी गलती या अपने हित की बात करने पर कर्मचारी भड़कते हैं। मैने ट्रक में एक साथ जाने से मना किया तो मेरे सीजनल चिट्ठा पर पूरे महीने की लाइन खींच दी। मेरा क्या कसूर, मैंने तो सिर्फ सोशल डिस्टेंस की बात कही थी।
- संतोष, फार्म पर काम करने वाला मजदूर
इस समय फार्म पर फसल का ज्यादा काम चल रहा है। इस कारण मजदूरों से ज्यादा काम लिया जा रहा है। सोशल डिस्टेंस के लिए निर्देश मजदूरों को समय-समय पर दिए जाते हैं। फ़ार्म पर इस समय जई की फसल की कटाई चल रही है। सरसों दो क्विंटल हुई, जिसको स्टाक रजिस्टर में दर्ज कर दिया है। मजदूरों के हितों का ध्यान रखा जाता है।
- उपेंद्र नाथ सिंह, फार्म मैनेजर
राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र
विज्ञापन
सैदपुर कृषि फार्म को पांच ब्लाकों में बांटा गया हैं। जहां पर जई, बरसीम और कुछ रकबे में अन्य फसलें बोई जाती हैं। कोरोना को लेकर सोशल डिस्टेंस का पालन करने पर जोर दिया जा रहा है। शासन के निर्देश हैं कि किसी मजदूर का पैसा नहीं काटा जाएगा। लेकिन, कृषि फार्म पर इसका पालन नहीं किया जा रहा है। मजदूरों को इकट्ठा करके हाजरी ली जाती है। इकट्ठे मजदूरों को ब्लाकों पर भेजा जाता है। सोशल डिस्टेंस के पालन करने की बात कहने पर मजदूरों को दबाने का काम किया जाता है।
विज्ञापन
छोटे ट्रक से अनाज ढोने का काम होता है, उसी ट्रक में मजदूरों को एक साथ बैठाकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाता है। यदि कोई मजदूर विरोध करता है तो सीजनल चिट्ठा (हाजिरी रजिस्टर) पर पूरे महीने की लाइन खींच दी जाती है, जिससे वह अनुपस्थित मान लिया जाता है। ऐसे में मजदूरों के सामने रोजी- रोटी चलाने का संकट आ गया है।
विज्ञापन
करीब सौ एकड जमीन पर बरसीम बोई गई थी। बरसीम की क्यारियों की मेड़ पर सरसों की बुवाई की गई। सरसों की देखरेख में सरकारी मशीनरी, कर्मचारियों और मजदूरों का उपयोग कटाई, मड़ाई व थ्रेसिंग में किया गया। मजदूरों ने बताया कि बड़ा मात्रा में सरसों की पैदावार हुई। जबकि, स्टाक रजिस्टर में दो क्विंटल सरसों की पैदावार का ब्योरा दर्ज किया गया। लेकिन, भूसा देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि दो क्विंटल का है अथवा इससे अधिक।
सरकार कहती है कि घर बैठकर खाओ। लोगों से दूरी बनाकर रखो, लेकिन कृषि फार्म के अधिकारी 15 फिट लंबे और 8 फिट चौडे ट्रक में कई मजदूरों को भर देते हैं। सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक काम लिया जाता है। विरोध करने पर वे भड़क जाते हैं। मजदूरों द्वारा विरोध करने पर पूरे महीने के लिए काम से हटा दिया जाता है। हमें इस महीने काम नहीं मिलेगा, बल्कि अगले महीने का भी काम मिलने का भरोसा नहीं है। अब हमारे सामने रोजी- रोटी का संकट आ गया।
- मुलायम कुशवाहा, ग्राम मुड़िया सैदपुर
जरा सी गलती या अपने हित की बात करने पर कर्मचारी भड़कते हैं। मैने ट्रक में एक साथ जाने से मना किया तो मेरे सीजनल चिट्ठा पर पूरे महीने की लाइन खींच दी। मेरा क्या कसूर, मैंने तो सिर्फ सोशल डिस्टेंस की बात कही थी।
- संतोष, फार्म पर काम करने वाला मजदूर
इस समय फार्म पर फसल का ज्यादा काम चल रहा है। इस कारण मजदूरों से ज्यादा काम लिया जा रहा है। सोशल डिस्टेंस के लिए निर्देश मजदूरों को समय-समय पर दिए जाते हैं। फ़ार्म पर इस समय जई की फसल की कटाई चल रही है। सरसों दो क्विंटल हुई, जिसको स्टाक रजिस्टर में दर्ज कर दिया है। मजदूरों के हितों का ध्यान रखा जाता है।
- उपेंद्र नाथ सिंह, फार्म मैनेजर
राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र