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कहीं दस तो कहीं 15 फीसदी ही मिले छात्र
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 14 May 2016 01:00 AM IST
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school niricchn , lalitpur news
- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। विद्यालयों में लगातार निरीक्षण होने के बाद भी बच्चों की उपस्थिति नहीं बढ़ पा रही है। शिक्षकों का तर्क रहता है कि ज्यादातर बच्चे अपने अभिभावकों के साथ रोजी रोटी की तलाश में गांव से बाहर चले गए हैं। ऐसे में जब अफसर निरीक्षण को जाते हैं तो गांव में संचालित परिषदीय विद्यालयों में दस से 15 फीसदी छात्र ही उपस्थित मिलते हैं।
जिला सेवायोजन अधिकारी चंद्रचूड दुबे ने न्याय पंचायत रौंड़ा के ग्राम सिवनी खुर्द के प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल का निरीक्षण किया। प्राथमिक विद्यालय सिवनी खुर्द के निरीक्षण के समय कक्षा 01 एवं 02 के छात्र- छात्राएं एक ही कक्ष में पढ़ते हुए मिले। कक्षा 01 में 24 व कक्षा 02 में 43 छात्रांकन के मुकाबले दोनों कक्षाओं में 08 बच्चे उपस्थित मिले। कक्षा 03 में 20 के मुकाबले 11 बच्चे मिले। कक्षा 04 एवं 05 में 66 बच्चों के मुकाबले 24 बच्चे मिले।
उन्होंने बच्चों से गुणा-भाग तथा जोड़-घटाना कराकर देखा। शिक्षा की गुणवत्ता अच्छी पाई गई। प्रधानाध्यापक विनोद कुमार ने बताया कि नियमित रुप से अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को स्कूल भेजने हेतु प्रेरित किया जा रहा है।
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प्राथमिक विद्यालय सिवनी खुर्द के परिसर में बनाए जा रहे मध्याह्न भोजन का निरीक्षण किया। इसके बाद जूनियर हाईस्कूल सिवनी खुर्द का निरीक्षण किया गया।
यहां बच्चों के पानी पीने हेतु रखा गया घड़ा काफी छोटा था, जिस पर बड़ा घड़ा रखने के निर्देश दिए। कक्षा 06 में 24 के मुकाबले 09 छात्र-छात्राएं उपस्थित मिले। सहायक अध्यापिका सरोज शर्मा ने बताया कि छात्र-छात्राएं प्राइमरी स्तर से कमजोर हैं, जिस कारण उन्हें हिंदी भाषा व व्याकरण से संबंधित विषयों का ज्ञान कराना पड़ता है।
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जिला सेवायोजन अधिकारी चंद्रचूड दुबे ने न्याय पंचायत रौंड़ा के ग्राम सिवनी खुर्द के प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल का निरीक्षण किया। प्राथमिक विद्यालय सिवनी खुर्द के निरीक्षण के समय कक्षा 01 एवं 02 के छात्र- छात्राएं एक ही कक्ष में पढ़ते हुए मिले। कक्षा 01 में 24 व कक्षा 02 में 43 छात्रांकन के मुकाबले दोनों कक्षाओं में 08 बच्चे उपस्थित मिले। कक्षा 03 में 20 के मुकाबले 11 बच्चे मिले। कक्षा 04 एवं 05 में 66 बच्चों के मुकाबले 24 बच्चे मिले।
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उन्होंने बच्चों से गुणा-भाग तथा जोड़-घटाना कराकर देखा। शिक्षा की गुणवत्ता अच्छी पाई गई। प्रधानाध्यापक विनोद कुमार ने बताया कि नियमित रुप से अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को स्कूल भेजने हेतु प्रेरित किया जा रहा है।
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प्राथमिक विद्यालय सिवनी खुर्द के परिसर में बनाए जा रहे मध्याह्न भोजन का निरीक्षण किया। इसके बाद जूनियर हाईस्कूल सिवनी खुर्द का निरीक्षण किया गया।
यहां बच्चों के पानी पीने हेतु रखा गया घड़ा काफी छोटा था, जिस पर बड़ा घड़ा रखने के निर्देश दिए। कक्षा 06 में 24 के मुकाबले 09 छात्र-छात्राएं उपस्थित मिले। सहायक अध्यापिका सरोज शर्मा ने बताया कि छात्र-छात्राएं प्राइमरी स्तर से कमजोर हैं, जिस कारण उन्हें हिंदी भाषा व व्याकरण से संबंधित विषयों का ज्ञान कराना पड़ता है।