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खेत में झोपड़ी में आग लगने से दो मासूम भाई-बहिन की जलकर मौत

Fri, 22 Jan 2021 07:38 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 22 Jan 2021 07:38 PM IST
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sibling burnt alive in amaukheda
अमऊखेड़ा में खेत के पास जली झोपड़ी में बिखरी राख - फोटो : LALITPUR
ललितपुर। थाना जाखलौन के अंतर्गत ग्राम अमऊखेड़ा में बृृहस्पतिवार की रात को खेत में बनी एक झोपड़ी में चूल्हे की आग भड़कने से मासूम भाई निकेत (2) और बहन कल्लो (13) जिंदा जल गए। हादसा रात तकरीबन डेढ़ बजे का है। उस वक्त बच्चों की मां के अलावा उसकी तीन बेटियां और एक बेटा झोपड़ी में सो रहे थे। आग भड़की तो बड़ी बेटी कल्लो की नींद खुल गई और उसने तुरंत मां और दोनों बहनों को जगाकर किसी तरह बाहर निकाला। वह सो रहे मासूम भाई को उठा रही थी तभी जलती हुई पूरी झोपड़ी उन दोनों के ऊपर गिर गई और दोनों की दर्दनाक मौत हो गई। चीख-पुकार सुनकर दूसरे खेत में रहने वाले परिजनों ने दूर गांव से पानी लाकर किसी तरह आग बुझाई लेकिन तब तक दोनों बच्चों की मौत हो चुकी थी। जानकारी मिलने पर थाना जाखलौन पुलिस, सीओ सिटी, एसडीएम सदर व नायब तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का जायजा लिया और दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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थाना जाखलौन के ग्राम माताखेड़ा, हाल धौर्रा निवासी 40 वर्षीय सीमा पत्नी स्व. हरीशंकर सहरिया दो माह से पास के ही ग्राम अमऊखेड़ा में खेतों की रखवाली कर रही थी। उसके पति की दो वर्ष पहले मौत हो चुकी है। इस कारण वह अकेले ही बच्चों का भरण पोषण कर रही थी। उसने वहीं खेत पर ही अपनी झोपड़ी बना रखी थी। जहां वह अपनी तीन पुत्रियों कल्लो (13), मोनिका (6), मंजू (4) और निकेत (2) के साथ रहती थी। उसकी सास और ननद का परिवार भी पास में ही दूसरे खेतों की रखवाली के लिए अलग-अलग झोपड़ी में बनाकर रह रहा था।
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सीमा ने बृहस्पतिवार की रात को झोपड़ी में ही रखे चूल्हे पर खाना बनाया और रोज की तरह चूल्हे की आग को ठंडा करने के लिए उसे राख से ढक दिया। इसके बाद खाना खाकर सभी लोग सो गए। रात करीब डेढ़ बजे चूल्हे की आग अचानक से सुलग गई। आग इतनी तेजी से भड़की कि झोपड़ी भी उसकी चपेट में आ गई। जब आग की लपटें ऊंची उठने लगी तो बड़ी बेटी कल्लो की आंख खुल गई। उसने चिल्लाते अपनी मां सीमा और दो बहनों मोनिका और मंजू को जगाकर किसी प्रकार बाहर निकाल दिया। इसके बाद रजाई में सो रहे छोटे भाई निकेत को भी उठाने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान जलती हुई झोपड़ी उन दोनों भाई-बहन के ऊपर गिर पड़ी, जिससे उन दोनों की झोपड़ी में ही जलकर दर्दनाक मौत हो गई।
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महिला और दोनों बच्चियों के चीखने चिल्लाना सुनकर पास में ही दूसरी झोपड़ी में सो रही उनकी दादी व ननद का परिवार भी दौड़कर वहां पहुंचा और दूर से पानी लाकर किसी तरह आग बुझाई, लेकिन तब तक झोपड़ी जलकर खाक हो चुकी थी और बहन-भाई भी दम तोड़ चुके थे। सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस, जाखलौन थाना पुलिस एवं सीओ सिटी केशवनाथ भी रात में ही मौके पर पहुंच गए और घटना की जानकारी लेकर शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सुबह होने पर एसडीएम सदर व नायब तहसीलदार ने भी घटना स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया और पीड़ितों को नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाने की बात कही।

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ग्राम अमऊखेड़ा में दुखद घटना घटी। झोपड़ी में एक महिला अपनी तीन बेटी व एक पुत्र के साथ रहती थी। रात में खाना बनाने के बाद चूल्हे की आग को छोड़ दिया, ताकि कुछ गर्मी झोपड़ी में बनी रहे। जब वह सो रहे थे तो आग भड़क गई, जिसमें महिला की 13 वर्षीय पुत्री कल्लो व दो वर्षीय पुत्र निकेत की उसमें जलकर मौत हो गई। जो भी सहायता राशि बनती है, उसके लिए प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
गिरजेश कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक

अमऊखेड़ा में आग में जली झोपड़ी के पास पसरा सन्नाटा

अमऊखेड़ा में आग में जली झोपड़ी के पास पसरा सन्नाटा- फोटो : LALITPUR

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