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अतिक्रमण की चपेट में शहीद स्मारक

Sun, 14 Aug 2016 01:08 AM IST
lalitpur
lalitpur Updated Sun, 14 Aug 2016 01:08 AM IST
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sheed smarak
administration - फोटो : amar ujala
ललितपुर। शहर में शहीद स्मारक व मूर्ति स्थल अतिक्रमण की चपेट में हैं। स्वतंत्रता दिवस पर साज सज्जा की तैयारियों तक सीमित नगर प्रशासन द्वारा इन स्थानों की उपेक्षा की जा रही है। स्थलों की सुरक्षा को प्रशासन अब तक कोई खास कदम भी नहीं उठाए गए हैं। यह शहीदों व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का अपमान है।
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शहर के मुख्य चौराहा सावरकर चौराहा पर वीर सावरकर, घंटाघर से स्टेेशन रोड तिराहे पर सरदार बल्लभ भाई पटेल स्थल, तुवन चौराहा पर परमानंद जैसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के मूर्ति स्थल हैं। वहीं, महावीर प्याऊ से लगा हुआ शहीद स्मारक भी है। इस स्मारक की शिला पर कई स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम लिखे हुए हैं। लेकिन यह स्थल हमेशा से ही उपेक्षा का शिकार बना रहा। राष्ट्रीय पर्वों पर ही कुछ राजनैतिक संगठनों द्वारा फूल-मालाएं चढ़ाकर याद कर लिया जाता है, इसके बाद साल के बाकी दिनों में यह अतिक्रमण की चपेट में बना रहता है। यहां तक कि इस स्थल के एक ओर तो अस्थाई मूत्रालय तक बन गया है। जबकि राष्ट्रीय पर्वों पर शहीदों की कुर्बानियों को याद तक देश सेवा की कसमें खाई जाती हैं। ऐसा ही कुछ हाल सरदार बल्लभ भाई पटेल मूूर्तिस्थल का है, यह भी अतिक्रमण की चपेट में रहता है।
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 नगर पालिका प्रशासन द्वारा पूर्व में यहां से अतिक्रमण हटाने और सौंदर्यीकरण कराए जाने को सर्वे तो किया, लेकिन यह सर्वे अब तक अमल में नहीं लाया जा सका है। शहर में कल स्वतंत्रता दिवस भव्य तरीके से मनाए जाने की तैयारियां की जा रही हैं, पालिका द्वारा सबसे बड़ा तिरंगा भी एक सप्ताह पूर्व से ही लहरा दिया गया है। पुलिस लाइन में भी भव्य आयोजन होंगे। घंटाघर को पूरी साफ-सफाई के साथ रंगीन रोशनी से सजाया जा रहा है। स्कूलों, सरकारी व प्राइवेट संस्थानों, घंटाघर, नगरपालिका पर स्वतंत्रता दिवस भव्यता के साथ मनाया जाएगा। लेकिन घंटाघर और सावरकर चौक के मध्य महावीर प्याऊ स्थित शहीदी स्मारक स्थल पर किसी कोई ध्यान नहीं है और न ही कभी यहां कोई सरकारी आयोजन ही किए जाते हैं, जिसके चलते यह हमेशा से अतिक्रमण और उपेक्षा का शिकार बना हुआ है।
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