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Lalitpur News: शहजाद स्प्रिंकलर और कचनौंदा बांध के अवशेष कार्यों की परियोजनाएं पूरी
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- मुख्यमंत्री के जिले में संभावित दौरे पर लोकार्पण कराने की तैयारी में जुटा विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। देवगढ़ में 2 फरवरी को आयोजित होने वाले नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल के अवसर पर मुख्यमंत्री के आने की संभावनाओं को देखते हुए विभागों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसीक्रम में सिंचाई विभाग ने करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हुई शहजाद स्प्रिंकलर परियोजना और कचनौंदा बांध के अवशेष कार्यों की परियोजना का लोकार्पण कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
बानपुर क्षेत्र में वर्ष 2007-08 में सजनाम नदी पर कचनौंदा बांध परियोजना की शुरूआत की गई थी। इस परियोजना की लागत करीब तीन सौ करोड़ रुपये तय की गई थी। बांध परियोजना वर्ष 2012 तक पूरी होनी थी। लेकिन बांध परियोजना को वर्ष 2013 में इसी स्तर पर बंद कर दिया था। इसके बाद दूसरे चरण में कचनौंदा बांध के अवशेष कार्यों की 200 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना को स्वीकृति मिली। जिसमें 17 गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए नहर, माइनर सहित अन्य सुविधाएं कराने सहित पेयजल के लिए की सुविधा उपलब्ध कराया जाना शामिल था। इस कारण से कचनौंदा बांध परियोजना की लागत बढ़कर करीब 594 करोड़ तक पहुंच गई थी। इसके बाद इस बांध से करीब 40 किलोमीटर लंबी दो मुख्य नहरें और माइनर बनाए गए। हाल ही में कचनौंदा बांध के अवशेष कार्यों की यह परियोजना 31 दिसंबर 2025 को पूरी हुई। वहीं, बुंदेलखंड पैकेज फेज-3 के अंतर्गत वर्ष 2018-19 में 89.88 करोड़ की लागत से शहजाद बांध पर स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजना का निर्माण शुरू हुआ था। इस परियोजना 1740 हेक्टेयर भूमि सिंचित करने का लक्ष्य रखा गया था। करीब सात साल बाद यह परियोजना पूरी हुई। 2 फरवरी को देवगढ़ में आयोजित होने वाले नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल में मुख्यमंत्री के आने की संभावना है। इस संभावना को देखते हुए जिला व पुलिस प्रशासन तैयारियां कराने में जुटा हुआ है। जनपद में मुख्यमंत्री के आने पर सिंचाई विभाग इन दोनों पूरी हुई परियोजनाओं का लोकार्पण उनके माध्यम से कराने की तैयारी कर रहा है। जिसके लिए दोनों परियोजनाओं की बुकलेट व शिला पट्टिका बनवाई जा रही है।
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कचनौंदा बांध अवशेष कार्य परियोजना
इस परियोजना से जनपद के तहसील महरौनी के 17 गांव गुगरवारा, नगरा, टोरिया, मिर्चवारा, बिल्ला, सेमराभागनगर, बुरौगांव, कचनौंदाकलां, समेरा बुजुर्ग, पुरा पाचौनी, करमई, डुलावन, टोड़ी, भैलोनीलोध, बार, बछरावनी, बम्हौरीसहना गांव लाभांवित होंगे। इन गांव के 11989 किसानों की 10850 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इसके अलावा परियोजना से 8.23 एमसीएम पानी पेयजल के लिए आरक्षित है, जिससे करीब 1.46 लाख लोग लाभान्वित होंगे।
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शहजाद बांध स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजना
तालबेहट तहसील क्षेत्र में शहजाद बांध पर 89.88 करोड़ रुपये की लागत से शहजाद स्प्रिंकलर परियोजना बनाई गई। इसमें बांध के दांयी तरफ पंप हाउस बनाया गया। प्रेसराइज पाइप लाइन बिछाकर स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली तैयार की गई। इस प्रणाली से तालबेहट तहसील के बरौदाडांग, पारौन, रजपुरा, बटवाहा में रबी व खरीफ के सीजन में कुल 1740 हेक्टेयर भूमि सिंचित की जाएगी। इससे करीब 1500 किसानों को लाभ मिलेगा।
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फैक्ट फाइल
- 341.70 मीटर कचनौंदा बांध का पूर्ण जलस्तर
- 334.75 मीटर न्यूनतम जलस्तर
- नौ गेट आधुनिक मशीनों से सुसज्जित
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कचनौंदा बांध के अवशेष कार्यों की परियोजना और शहजाद स्प्रिकंलर परियोजना पूरी हो चुकी है। जिले में मुख्यमंत्री के आने की संभावना है। इस पर इन दोनों परियोजनाओं का लोकार्पण उनके जरिए करवाने की तैयारी की जा रही है।-अजय कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड प्रथम
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। देवगढ़ में 2 फरवरी को आयोजित होने वाले नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल के अवसर पर मुख्यमंत्री के आने की संभावनाओं को देखते हुए विभागों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसीक्रम में सिंचाई विभाग ने करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हुई शहजाद स्प्रिंकलर परियोजना और कचनौंदा बांध के अवशेष कार्यों की परियोजना का लोकार्पण कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
बानपुर क्षेत्र में वर्ष 2007-08 में सजनाम नदी पर कचनौंदा बांध परियोजना की शुरूआत की गई थी। इस परियोजना की लागत करीब तीन सौ करोड़ रुपये तय की गई थी। बांध परियोजना वर्ष 2012 तक पूरी होनी थी। लेकिन बांध परियोजना को वर्ष 2013 में इसी स्तर पर बंद कर दिया था। इसके बाद दूसरे चरण में कचनौंदा बांध के अवशेष कार्यों की 200 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना को स्वीकृति मिली। जिसमें 17 गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए नहर, माइनर सहित अन्य सुविधाएं कराने सहित पेयजल के लिए की सुविधा उपलब्ध कराया जाना शामिल था। इस कारण से कचनौंदा बांध परियोजना की लागत बढ़कर करीब 594 करोड़ तक पहुंच गई थी। इसके बाद इस बांध से करीब 40 किलोमीटर लंबी दो मुख्य नहरें और माइनर बनाए गए। हाल ही में कचनौंदा बांध के अवशेष कार्यों की यह परियोजना 31 दिसंबर 2025 को पूरी हुई। वहीं, बुंदेलखंड पैकेज फेज-3 के अंतर्गत वर्ष 2018-19 में 89.88 करोड़ की लागत से शहजाद बांध पर स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजना का निर्माण शुरू हुआ था। इस परियोजना 1740 हेक्टेयर भूमि सिंचित करने का लक्ष्य रखा गया था। करीब सात साल बाद यह परियोजना पूरी हुई। 2 फरवरी को देवगढ़ में आयोजित होने वाले नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल में मुख्यमंत्री के आने की संभावना है। इस संभावना को देखते हुए जिला व पुलिस प्रशासन तैयारियां कराने में जुटा हुआ है। जनपद में मुख्यमंत्री के आने पर सिंचाई विभाग इन दोनों पूरी हुई परियोजनाओं का लोकार्पण उनके माध्यम से कराने की तैयारी कर रहा है। जिसके लिए दोनों परियोजनाओं की बुकलेट व शिला पट्टिका बनवाई जा रही है।
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कचनौंदा बांध अवशेष कार्य परियोजना
इस परियोजना से जनपद के तहसील महरौनी के 17 गांव गुगरवारा, नगरा, टोरिया, मिर्चवारा, बिल्ला, सेमराभागनगर, बुरौगांव, कचनौंदाकलां, समेरा बुजुर्ग, पुरा पाचौनी, करमई, डुलावन, टोड़ी, भैलोनीलोध, बार, बछरावनी, बम्हौरीसहना गांव लाभांवित होंगे। इन गांव के 11989 किसानों की 10850 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इसके अलावा परियोजना से 8.23 एमसीएम पानी पेयजल के लिए आरक्षित है, जिससे करीब 1.46 लाख लोग लाभान्वित होंगे।
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शहजाद बांध स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजना
तालबेहट तहसील क्षेत्र में शहजाद बांध पर 89.88 करोड़ रुपये की लागत से शहजाद स्प्रिंकलर परियोजना बनाई गई। इसमें बांध के दांयी तरफ पंप हाउस बनाया गया। प्रेसराइज पाइप लाइन बिछाकर स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली तैयार की गई। इस प्रणाली से तालबेहट तहसील के बरौदाडांग, पारौन, रजपुरा, बटवाहा में रबी व खरीफ के सीजन में कुल 1740 हेक्टेयर भूमि सिंचित की जाएगी। इससे करीब 1500 किसानों को लाभ मिलेगा।
फैक्ट फाइल
- 341.70 मीटर कचनौंदा बांध का पूर्ण जलस्तर
- 334.75 मीटर न्यूनतम जलस्तर
- नौ गेट आधुनिक मशीनों से सुसज्जित
कचनौंदा बांध के अवशेष कार्यों की परियोजना और शहजाद स्प्रिकंलर परियोजना पूरी हो चुकी है। जिले में मुख्यमंत्री के आने की संभावना है। इस पर इन दोनों परियोजनाओं का लोकार्पण उनके जरिए करवाने की तैयारी की जा रही है।-अजय कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड प्रथम