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किसान सम्मान दिवस पर रही सूखे की छाया
ब्यूरो
Updated Thu, 24 Dec 2015 12:08 AM IST
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ललितपुर। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह कजा जन्मदिवस किसान सम्मान दिवस के रूप में मनाया गया। इस दौरान विभागीय योजनाओं के प्रति किसानों की बेरुखी देखी गई।
अधिकांश स्टालों पर सन्नाटा पसरा रहा तो इक्का-दुक्का किसान योजनाओं को जानने के लिए उत्सुक दिखे। गोष्ठी में भी बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली पड़ी रही। किसानों ने समस्याएं नहीं सुने जाने पर नाराजी भी व्यक्त की।
पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह ने हमेशा किसानों के दर्द को समझते हुए उनके हित में अनेक कार्य किए। कृषि विभाग उनकी जयंती को किसान सम्मान दिवस के रूप में मनाता है। बुधवार को कंपनी बाग में इसका आयोजन किया गया। इस दौरान मत्स्य पालक अभिकरण, राजकीय फल संरक्षण और प्रशिक्षण, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, पशुपालन विभाग, इफको, कृषि विभाग आदि ने योजेनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए स्टाल लगाए थे।
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लेकिन, अधिकतर स्टालों पर सन्नाटा पसरा रहा। इक्का-दुक्का किसान ही स्टाल पर योजनाओं की जानकारी लेने पहुंचे। पंडाल में भी अपेक्षा से कम किसान पहुंचे। बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली पड़ी रहीं।
किसानों ने समस्याओं की सुनवाई नहीं होने पर अपनी नाराजी व्यक्त की। इस पर परियोजना निदेशक डीआरडीए सुरेश चंद्र मिश्र ने कहा कि किसानों की समस्याओं को सुनने के लिए प्रशासन तत्पर है। लेकिन, गोष्ठी में विद्युत और कोआपरेटिव विभाग के अधिकारियों की गैरमौजूदगी चिंताजनक है। उन्होंने गैर मौजूद अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। किसान संघ के प्रांतीय नेता केहर सिंह बुंदेला ने अपने संबोधन में नहरों के परिचालन में अधिकारियों की मनमानी का मुद्दा उठाया।
इससे पहले एसडीएम रमेश चंद्र ने गोष्ठी का शुभारंभ किया। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष आल्हा प्रसाद निरंजन ने कहा कि कृषकों को सिंचाई के लिए विद्युत की आवश्यकता है। इसे ध्यान में रखकर और विद्युत प्लांट लगाने की मांग शासन से की गई है। उन्होंने कृषि से संबंधित समस्याओं को शासन तक पहुंचाने का भरोसा दिया। उप कृषि निदेशक हंसराज और जिला कृषि अधिकारी ब्रजेश कुमार ने भी विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। अध्यक्षता लखनलाल त्रिपाठी ने की।
इस मौके पर लाखन सिंह पटेल, पहाड़ सिंह, राजेश, द्वारिका प्रसाद, रामदयाल, कांशीराम, नूर मोहम्मद, लच्छूू, गंगाराम, कनईलाल, बालचंद, कृष्णस्वरूप, विनोद कुमार, पुनु आदि कृषकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष लाखन सिंह, राजपाल सिंह, मधुसूदन त्रिपाठी, शब्बीर खां, उदल सिंह, जिला उद्यान अधिकारी सुघर सिंह उपस्थित रहे।
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अधिकांश स्टालों पर सन्नाटा पसरा रहा तो इक्का-दुक्का किसान योजनाओं को जानने के लिए उत्सुक दिखे। गोष्ठी में भी बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली पड़ी रही। किसानों ने समस्याएं नहीं सुने जाने पर नाराजी भी व्यक्त की।
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पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह ने हमेशा किसानों के दर्द को समझते हुए उनके हित में अनेक कार्य किए। कृषि विभाग उनकी जयंती को किसान सम्मान दिवस के रूप में मनाता है। बुधवार को कंपनी बाग में इसका आयोजन किया गया। इस दौरान मत्स्य पालक अभिकरण, राजकीय फल संरक्षण और प्रशिक्षण, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, पशुपालन विभाग, इफको, कृषि विभाग आदि ने योजेनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए स्टाल लगाए थे।
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लेकिन, अधिकतर स्टालों पर सन्नाटा पसरा रहा। इक्का-दुक्का किसान ही स्टाल पर योजनाओं की जानकारी लेने पहुंचे। पंडाल में भी अपेक्षा से कम किसान पहुंचे। बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली पड़ी रहीं।
किसानों ने समस्याओं की सुनवाई नहीं होने पर अपनी नाराजी व्यक्त की। इस पर परियोजना निदेशक डीआरडीए सुरेश चंद्र मिश्र ने कहा कि किसानों की समस्याओं को सुनने के लिए प्रशासन तत्पर है। लेकिन, गोष्ठी में विद्युत और कोआपरेटिव विभाग के अधिकारियों की गैरमौजूदगी चिंताजनक है। उन्होंने गैर मौजूद अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। किसान संघ के प्रांतीय नेता केहर सिंह बुंदेला ने अपने संबोधन में नहरों के परिचालन में अधिकारियों की मनमानी का मुद्दा उठाया।
इससे पहले एसडीएम रमेश चंद्र ने गोष्ठी का शुभारंभ किया। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष आल्हा प्रसाद निरंजन ने कहा कि कृषकों को सिंचाई के लिए विद्युत की आवश्यकता है। इसे ध्यान में रखकर और विद्युत प्लांट लगाने की मांग शासन से की गई है। उन्होंने कृषि से संबंधित समस्याओं को शासन तक पहुंचाने का भरोसा दिया। उप कृषि निदेशक हंसराज और जिला कृषि अधिकारी ब्रजेश कुमार ने भी विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। अध्यक्षता लखनलाल त्रिपाठी ने की।
इस मौके पर लाखन सिंह पटेल, पहाड़ सिंह, राजेश, द्वारिका प्रसाद, रामदयाल, कांशीराम, नूर मोहम्मद, लच्छूू, गंगाराम, कनईलाल, बालचंद, कृष्णस्वरूप, विनोद कुमार, पुनु आदि कृषकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष लाखन सिंह, राजपाल सिंह, मधुसूदन त्रिपाठी, शब्बीर खां, उदल सिंह, जिला उद्यान अधिकारी सुघर सिंह उपस्थित रहे।