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विभिन्न आरोपों में घिरे सहकारी बैंक अध्यक्ष
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- फोटो : gov office.jpg
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ललितपुर। जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष कई तरह के आरोपों में घिर गए हैं। सहकारिता विभाग एवं बैंक के कर्मचारियों की शिकायत पर उन पर जांच बैठा दी गई है। पुलिस अधीक्षक ने इसकी जांच नई बस्ती चौकी प्रभारी को सौंपी है। विभाग और बैंक के पीड़ित कर्मचारियों ने उनके खिलाफ मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र भेजकर उत्पीड़न का आरोप लगाया था, जिसे मुख्यमंत्री ने संज्ञान में लिया है। आरोप है भी है कि वह गबन करने वाले सहकारी समिति के सचिव को भी बचा रहे हैं।
बीते दिनों मुख्यमंत्री को भेजे शिकायत पत्र में सहकारिता विभाग एवं बैंक के पीड़ित कर्मचारियों ने आरोप लगाया था कि जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष की शिकायत की जाती है तो शिकायत करने वालों को धमकाया जाता है। इसके चलते कर्मचारी मानसिक तनाव में हैं। वे गबन करने वाले सहकारी समिति के सचिव का बचाव कर रहे हैं। जो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, उसमें बाधा उत्पन्न कर रहे हैं, जिससे कार्रवाई किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रही है। अध्यक्ष द्वारा कई जांचों को दबाया गया है। मुख्यमंत्री ने इसे संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक को जांच करने के निर्देश दिए। इसमें जांच अधिकारी नई बस्ती चौकी प्रभारी को बनाया गया है। हालांकि, जांच को अभी गति नहीं मिल पाई है। इसकी वजह शिकायत पत्र पर किसी शिकायतकर्ता का नाम नहीं होना है। इससे पुलिस इस दिशा में भी काम कर रही है कि पर्दे के पीछे कोई और इस मामले को हवा दे रहा है।
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समिति के अध्यक्ष और सचिव में चल रही तनातनी
शहर स्थित सहकारी समिति के अध्यक्ष और सचिव में लंबे समय से खींचतान चल रही है। इस लड़ाई में कई लोगों के नाम जुड़ रहे हैं। इन्हीं में से एक जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष भी हैं, जिन पर समिति के सचिव के साथ खड़े होने का आरोप लगा है।
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मेरी छवि बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। शिकायत पत्र पर किसी का नाम भी नहीं लिखा है। जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
हरीराम निरंजन, अध्यक्ष, जिला सहकारी बैंक
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बीते दिनों मुख्यमंत्री को भेजे शिकायत पत्र में सहकारिता विभाग एवं बैंक के पीड़ित कर्मचारियों ने आरोप लगाया था कि जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष की शिकायत की जाती है तो शिकायत करने वालों को धमकाया जाता है। इसके चलते कर्मचारी मानसिक तनाव में हैं। वे गबन करने वाले सहकारी समिति के सचिव का बचाव कर रहे हैं। जो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, उसमें बाधा उत्पन्न कर रहे हैं, जिससे कार्रवाई किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रही है। अध्यक्ष द्वारा कई जांचों को दबाया गया है। मुख्यमंत्री ने इसे संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक को जांच करने के निर्देश दिए। इसमें जांच अधिकारी नई बस्ती चौकी प्रभारी को बनाया गया है। हालांकि, जांच को अभी गति नहीं मिल पाई है। इसकी वजह शिकायत पत्र पर किसी शिकायतकर्ता का नाम नहीं होना है। इससे पुलिस इस दिशा में भी काम कर रही है कि पर्दे के पीछे कोई और इस मामले को हवा दे रहा है।
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समिति के अध्यक्ष और सचिव में चल रही तनातनी
शहर स्थित सहकारी समिति के अध्यक्ष और सचिव में लंबे समय से खींचतान चल रही है। इस लड़ाई में कई लोगों के नाम जुड़ रहे हैं। इन्हीं में से एक जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष भी हैं, जिन पर समिति के सचिव के साथ खड़े होने का आरोप लगा है।
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मेरी छवि बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। शिकायत पत्र पर किसी का नाम भी नहीं लिखा है। जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
हरीराम निरंजन, अध्यक्ष, जिला सहकारी बैंक