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हत्यारोपी को आजीवन कारावास
lalitpur
Updated Thu, 27 Oct 2016 01:04 AM IST
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न्याय
- फोटो : demo pic
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ललितपुर। तालबेहट अंतर्गत ग्राम हर्षपुर के मजरा साठिया में डेढ़ वर्ष पूर्व खेत पर आम उठाने को लेकर बच्चों के विवाद में युवक की हत्या के अभियुक्त को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट हरकेश कुमार की अदालत ने आजीवन कारावास और बीस हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी भोगना होगा। फास्ट ट्रैक न्यायाधीश द्वारा शीघ्र न्याय दिलाने की तर्ज पर मात्र डेढ़ वर्ष में ही उक्त मामले में निर्णय सुनाया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता लखन यादव के अनुसार तालबेहट के ग्राम हर्षपुर अंतर्गत मजरा साठिया निवासी शिवदयाल पुत्र सुकरु ढीमर ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसका 22 वर्षीय पुत्र पातीराम 27 मई 2015 को तला वाले कुआं पर आम के पेड़ की छाया के नीचे सो रहा था। इससे कुछ दिन पहले आंधी भी आई थी, जिस पर बगल वाले खेत में गांव के ही दशरथ ढीमर का आम का पेड़ था। आंधी में कुछ आम गिर गए थे, जिसमें से कुछ आमों को उसके नातियों ने उठा लिया था। उसी बात को उसके पुत्र पातीराम और गांव के दशरथ में कहा सुनी हो गई थी। दशरथ ने पातीराम को देख लेने की ठान ली थी, उसी के चलते 27 मई 2015 को दोपहर एक बजे दशरथ अपने हाथ में कुल्हाड़ी लेकर आया और उसने खेत में कुछ दूर सो रहे उसके पुत्र पातीराम पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए, जिससे उसके पुत्र की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। घटना के दौरान वह खुद खेत में दूसरे पुत्र बृगभान व कालीचरन के साथ कुएं पर काम कर रहे थे। वह व उसका दूसरा पुत्र व अन्य साथी तत्काल मौके पर दौड़े और दशरथ को कुल्हाड़ी समेत पकड़ लिया। परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से हत्यारोपी दशरथ को लेकर थाने पहुंचे और पुलिस को तहरीर देकर पूरी घटना बताई। जिस पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की और विवेचना उपरांत न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था।
बुधवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने हत्या के उक्त मामले में हर्षपुर के मजरा साठिया निवासी दशरथ ढीमर को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही बीस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया, अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगी। उक्त अभियुक्त घटना के समय से ही न्यायिक अभिरक्षा में जेल में निरुद्घ चल रहा है। अभियुक्त द्वारा अर्थदंड की धनराशि अदा करने पर पचास प्रतिशत धनराशि मृतक पातीराम के परिवार को प्रतिकर के रूप में दिए जाने के भी आदेश दिए गए।
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घटना से कुछ दिन पूर्व दिल्ली से लौटा था हत्यारोपी
ललितपुर। हत्यारोपी दशरथ दिल्ली में काम करता था। घटना के कुछ दिन पूर्व ही हत्यारोपी को परिजनों ने विवाद की जानकारी देकर बुलाया था, जिस पर आते ही दशरथ और पातीराम का विवाद हुआ था। इसके कुछ दिन बाद मौका पाकर दशरथ ने हत्या की इस घटना को अंजाम दिया था।
घटना से दस दिन पूर्व जन्मी थी बालिका
ललितपुर। मामूली आम के विवाद में अपने प्राण गंवाने वाले मृतक पातीराम के यहां घटना से 10 दिन पूर्व ही बालिका का जन्म हुआ था। वह बिना पिता के ही परिजनों की मदद से पल-बढ़ रही है।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता लखन यादव के अनुसार तालबेहट के ग्राम हर्षपुर अंतर्गत मजरा साठिया निवासी शिवदयाल पुत्र सुकरु ढीमर ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसका 22 वर्षीय पुत्र पातीराम 27 मई 2015 को तला वाले कुआं पर आम के पेड़ की छाया के नीचे सो रहा था। इससे कुछ दिन पहले आंधी भी आई थी, जिस पर बगल वाले खेत में गांव के ही दशरथ ढीमर का आम का पेड़ था। आंधी में कुछ आम गिर गए थे, जिसमें से कुछ आमों को उसके नातियों ने उठा लिया था। उसी बात को उसके पुत्र पातीराम और गांव के दशरथ में कहा सुनी हो गई थी। दशरथ ने पातीराम को देख लेने की ठान ली थी, उसी के चलते 27 मई 2015 को दोपहर एक बजे दशरथ अपने हाथ में कुल्हाड़ी लेकर आया और उसने खेत में कुछ दूर सो रहे उसके पुत्र पातीराम पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए, जिससे उसके पुत्र की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। घटना के दौरान वह खुद खेत में दूसरे पुत्र बृगभान व कालीचरन के साथ कुएं पर काम कर रहे थे। वह व उसका दूसरा पुत्र व अन्य साथी तत्काल मौके पर दौड़े और दशरथ को कुल्हाड़ी समेत पकड़ लिया। परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से हत्यारोपी दशरथ को लेकर थाने पहुंचे और पुलिस को तहरीर देकर पूरी घटना बताई। जिस पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की और विवेचना उपरांत न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था।
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बुधवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने हत्या के उक्त मामले में हर्षपुर के मजरा साठिया निवासी दशरथ ढीमर को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही बीस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया, अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगी। उक्त अभियुक्त घटना के समय से ही न्यायिक अभिरक्षा में जेल में निरुद्घ चल रहा है। अभियुक्त द्वारा अर्थदंड की धनराशि अदा करने पर पचास प्रतिशत धनराशि मृतक पातीराम के परिवार को प्रतिकर के रूप में दिए जाने के भी आदेश दिए गए।
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घटना से कुछ दिन पूर्व दिल्ली से लौटा था हत्यारोपी
ललितपुर। हत्यारोपी दशरथ दिल्ली में काम करता था। घटना के कुछ दिन पूर्व ही हत्यारोपी को परिजनों ने विवाद की जानकारी देकर बुलाया था, जिस पर आते ही दशरथ और पातीराम का विवाद हुआ था। इसके कुछ दिन बाद मौका पाकर दशरथ ने हत्या की इस घटना को अंजाम दिया था।
घटना से दस दिन पूर्व जन्मी थी बालिका
ललितपुर। मामूली आम के विवाद में अपने प्राण गंवाने वाले मृतक पातीराम के यहां घटना से 10 दिन पूर्व ही बालिका का जन्म हुआ था। वह बिना पिता के ही परिजनों की मदद से पल-बढ़ रही है।