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रीडिंग नहीं करने पर एसडीओ व जेई होंगे जिम्मेदार
ललितपुर ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2015 02:04 AM IST
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ललितपुर। राजस्व वसूली के लिए विद्युत विभाग के अफसरों पर शिकंजा कस गया है। अब अधिक भार वाले उपभोक्ताओं की रीडिंग व वसूली नहीं होने पर उपखंड अधिकारियों व अवर अभियंताओं को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। शत- प्रतिशत वसूली के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा विद्युत भार के सापेक्ष रीडिंग कर वसूली की जाएगी।
विद्युत विभाग द्वारा शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में हर माह विद्युत मीटरों की रीडिंग करने के बाद उपभोक्ताओं को बिल मुहैया कराए जाते हैं। शहर में एक कार्यदाई संस्था द्वारा मीटर रीडरों के माध्यम से विद्युत बिलिंग का कार्य कराया जा रहा है। संस्था द्वारा हर माह करीब 20 से 30 प्रतिशत बिलिंग नहीं हो पा रही है, इसके कारण उपभोक्ताओं को एक साथ कई महीनों के बिल थमा दिए जाने से उन पर एकमुश्त हजारों रुपए का बिल जमा करने का संकट आ जाता है।
इस संबंध में विभाग द्वारा तमाम प्रयास के बाद अब तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हो सका है, जहां मीटर रीडरों द्वारा शत-प्रतिशत बिलिंग नहीं हो पा रही है, वहीं बिलिंग के प्रभावित बने रहने के कारण विभाग पर भी हर माह वसूली का भार बढ़ता जाता है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए अब विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा विद्युत भार के हिसाब से बिलिंग करने और राजस्व वसूली निर्धारित करने की जिम्मेदारी विभागीय अफसरों को सौंप दी है।
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अधिशासी अभियंता प्रशांत सिंह ने उपखंड अधिकारी व अवर अभियंताओं को मीटर में रीडिंग के अनुसार वसूली करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने निर्देशित किया है कि पांच किलोवाट से अधिक भार के विद्युत संयोजनों के हर माह शत-प्रतिशत रीडिंग के बिल निर्गत किए जाएं। मीटर खराब होने पर सभी संयोजनधारकों के मीटर तत्काल बदलवाए जाएं। मीटर लगवाने के बाद उनके सीलिंग फीड कराई जाए, साथ ही पांच किलोवाट से 50 किलोवाट तक विद्युत संयोजनों के रीडिंग के बिल नहीं बनाए जाने या बिल निर्गत नहीं होने की दशा में अवर अभियंताओं को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। वहीं, पांच किलोवाट से अधिक के समस्त विद्युत संयोजनों की रीडिंग के लिए उपखंड अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
मुख्यालय न छोड़ें अवर अभियंता
ललितपुर। जनपद में रोस्टिंग के अनुसार होने वाली बिजली कटौती के अलावा आए दिन होने वाले विद्युत फाल्टों के चलते घंटों बिजली आपूर्ति ठप बनी रहती है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए अधिशासी अभियंता ने उपखंड अधिकारियों को निर्देशित किया है कि उनके अधीनस्थ सभी अवर अभियंताओं को हेडक्वार्टर पर रहने को निर्देशित करें, ताकि लाइन में आने वाले फाल्टों को शीघ्र ठीक कराया जा सके और उपभोक्ताओं को सुचारु विद्युत आपूर्ति प्रदान की जा सके।
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विद्युत विभाग द्वारा शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में हर माह विद्युत मीटरों की रीडिंग करने के बाद उपभोक्ताओं को बिल मुहैया कराए जाते हैं। शहर में एक कार्यदाई संस्था द्वारा मीटर रीडरों के माध्यम से विद्युत बिलिंग का कार्य कराया जा रहा है। संस्था द्वारा हर माह करीब 20 से 30 प्रतिशत बिलिंग नहीं हो पा रही है, इसके कारण उपभोक्ताओं को एक साथ कई महीनों के बिल थमा दिए जाने से उन पर एकमुश्त हजारों रुपए का बिल जमा करने का संकट आ जाता है।
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इस संबंध में विभाग द्वारा तमाम प्रयास के बाद अब तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हो सका है, जहां मीटर रीडरों द्वारा शत-प्रतिशत बिलिंग नहीं हो पा रही है, वहीं बिलिंग के प्रभावित बने रहने के कारण विभाग पर भी हर माह वसूली का भार बढ़ता जाता है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए अब विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा विद्युत भार के हिसाब से बिलिंग करने और राजस्व वसूली निर्धारित करने की जिम्मेदारी विभागीय अफसरों को सौंप दी है।
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अधिशासी अभियंता प्रशांत सिंह ने उपखंड अधिकारी व अवर अभियंताओं को मीटर में रीडिंग के अनुसार वसूली करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने निर्देशित किया है कि पांच किलोवाट से अधिक भार के विद्युत संयोजनों के हर माह शत-प्रतिशत रीडिंग के बिल निर्गत किए जाएं। मीटर खराब होने पर सभी संयोजनधारकों के मीटर तत्काल बदलवाए जाएं। मीटर लगवाने के बाद उनके सीलिंग फीड कराई जाए, साथ ही पांच किलोवाट से 50 किलोवाट तक विद्युत संयोजनों के रीडिंग के बिल नहीं बनाए जाने या बिल निर्गत नहीं होने की दशा में अवर अभियंताओं को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। वहीं, पांच किलोवाट से अधिक के समस्त विद्युत संयोजनों की रीडिंग के लिए उपखंड अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
मुख्यालय न छोड़ें अवर अभियंता
ललितपुर। जनपद में रोस्टिंग के अनुसार होने वाली बिजली कटौती के अलावा आए दिन होने वाले विद्युत फाल्टों के चलते घंटों बिजली आपूर्ति ठप बनी रहती है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए अधिशासी अभियंता ने उपखंड अधिकारियों को निर्देशित किया है कि उनके अधीनस्थ सभी अवर अभियंताओं को हेडक्वार्टर पर रहने को निर्देशित करें, ताकि लाइन में आने वाले फाल्टों को शीघ्र ठीक कराया जा सके और उपभोक्ताओं को सुचारु विद्युत आपूर्ति प्रदान की जा सके।