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आजादपुरा में पानी पहुंचाने के लिए डेढ़ साल से संघर्ष कर रहे सभासद

Fri, 20 Sep 2019 11:57 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 20 Sep 2019 11:57 PM IST
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sabasad stragle for water problem in  one fifty year
ललितपुर। शहर के कई मोहल्लों के लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। आदमपुरा वार्ड के सभासद ने अनशन भी किया लेकिन समस्या दूर नहीं हो सकी। अधिकारी सिर्फ आश्वासन ही देते रहे जबकि
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योगी सरकार घरों में पानी पहुंचाने का दावा कर रही है। गर्मी के बाद अब बारिश में भी पानी का संकट बना हुआ है।
शहर के लिए पेयजल समस्या कोई नई नहीं है। यहां के लोग वर्षों से इस समस्या से जूझ रहे हैं। हालांकि, मोहल्ला नेहरू नगर, सिविल लाइन व चांदमारी क्षेत्र की पेयजल समस्या के निवारण के आसार बढ़ गए हैं। यहां टंकी निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण हो गई है। अन्य क्षेत्रों के लोग आए दिन पेयजल के लिए परेशान होते नजर आते हैं। पिछले कई दिनों से लोअर जोन के विभिन्न मोहल्लों में पेयजल की समस्या बनी हुई है। वार्ड नंबर सोलह आजादपुरा प्रथम में पानी नहीं पहुंचने की समस्या काफी पुरानी है। यहां के सभासद हरिओम कुशवाहा अपने वार्ड में पानी पहुंचाने के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। वह डेढ़ वर्ष में विधायक, मंत्री, पालिकाध्यक्ष, ईओ सहित विभिन्न अधिकारियों को कई ज्ञापन दे चुके हैं। इतना ही नहीं, छह माह पहले घंटाघर प्रांगण में वार्ड के लोगों के साथ अनशन भी किया था। इसके बाद भी समस्या जस की तस है। बीते दिनों प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव को अपनी पीड़ा सुनाई। सभासद का कहना है कि जिस समय उन्होंने अनशन किया था, तब जल संस्थान के अधिकारियों ने टौरिया मोहल्ला में विभिन्न घरों में पानी पहुंचाने का लिखित पत्र दिया था। एक दो दिन पाइपों में पानी पहुंचा लेकिन इसके बाद पाइप लाइनें पानी के अभाव में दोबारा सूख गई। इस कारण क्षेत्रवासियों को हैंडपंप से पानी जुटाना पड़ता है। कई लोग आधा किलोमीटर दूरी पर पानी भरते हैं, इसमें छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल रहते हैं। अमृत योजना में कइयों को कनेक्शन दिए गए लेकिन वह भी शोपीस बनकर रह गई हैं।
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होली की दूज को पाइप लाइन से पानी मिला था, उसके बाद से नल में एक बूंद नहीं टपकी। घर के पास लगा हैंडपंप पानी कम देता है। इस कारण फिल्टर का पानी मंगा रहे हैं। बीते दिनों जल संस्थान ने नौ सौ रुपये का बिल थमा दिया है। जब पानी नहीं दे रहे हैं तो बिल भेजने का क्या औचित्य? जल संस्थान को चाहिए कि पहले पानी उपलब्ध कराएं। अनुराग उपाध्याय
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देहरे बाबा के पास लगे हैंडपंप से पानी भरते हैं। घर से उसकी दूरी करीब आधा किलोमीटर है। गर्मियों में कतार में खड़े होकर पानी भरा पड़ा। बरसात में भी पेयजल समस्या से राहत नहीं मिल पाई है। जल संस्थान के अधिकारियों को केवल बिल भेजने से मतलब है। यदि पानी नहीं दे पा रहे हैं तो उन्हें बिल भी नहीं देना चाहिए। गिरजा
टौरिया मोहल्ला में पानी की भीषण समस्या है। यहां हैंडपंप से दो बाल्टी पानी ले लिया तो फिर आधा घंटे तक पानी के लिए इंतजार करना पड़ता है। एक हैंडपंप से दूषित पानी निकलता है, जिसे कोई देखने के लिए नहीं आता है। बरसात के समय में कम से कम शुद्ध पानी पीना चाहिए लेकिन शुद्ध पानी लेने के लिए कहां जाए? अशोक रानी
वार्ड के सभासद भी पानी के लिए परेशान हैं, वह रात दिन वार्ड की समस्या को उठा रहे हैं लेकिन इसका समाधान नहीं हो पा रहा है। जल संस्थान के अधिकारियों ने तो भरोसा ही तोड़ दिया है। अमृत योजना में पाइप लाइनें बिछा दी, उनमें भी पानी की बूंद नहीं टपकती है। रामकली
वार्ड में देहरे की टोरिया व आसपास के क्षेत्रों में पेयजल की समस्या कई सालों से चली आ रही है। इस संबंध में जल निगम एवं जल संस्थान को कई पत्र दे चुके हैं। गत दिवस जिले के प्रभारी मंत्री को भी ज्ञापन सौंपा था। इससे पहले पेयजल के लिए अनशन कर चुके हैं लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। जल संस्थान पानी की जगह बिल लगातार भेज रहा है। जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश पनप रहा है।
हरिओम कुशवाहा, सभासद, आजादपुरा प्रथम, वार्ड नंबर सोलह।
आंदोलन की चेतावनी
नगर कांग्रेस कमेटी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर जल संस्थान के अधिकारियों पर पेयजल आपूर्ति में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। इसमें कहा गया कि एक हफ्ते से मोहल्ला सुभाषपुरा, महावीरपुरा, सरदारपुरा, विष्णुपुरा, कसाई मंडी, चौबयाना, झांसीपुरा, अजीतापुरा में पेयजल की समस्या बनी हुई है। नलों में पानी की जगह हवा निकल रही है, ऐसी स्थिति में लोग बरसात का पानी पीने के लिए मजबूर हैं। इससे संचारी रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जलापूर्ति सुचारु नहीं की गई तो कांग्रेस आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएगी। ज्ञापन पर नगराध्यक्ष हरीबाबू शर्मा, संजय जाटव, ऊदल सिंह पटेल, जीवनलाल बड़कुल के हस्ताक्षर बने हैं।

जल निगम लोअर जोन के लिए एक नया पंप स्थापित कर रहा है, जिस वजह से तीन की जगह दो पंप से जलापूर्ति हो पा रही है। गत दिवस गोविंद सागर बांध के गेट खोले गए थे, जिसका पानी पंप हाउस में घुस गया था। इस वजह से जलापूर्ति को सुचारु बनाने में समस्या आई है। संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
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