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आरटीई : 1291 बच्चों का हो चुका निजी विद्यालयों में प्रवेश
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ललितपुर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत चार चरणों में हुई आरटीई की प्रक्रिया में 1391 छात्रों को निजी विद्यालय आवंटित हुए थे। 1291 बच्चों को विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जा चुका है, शेष 100 बच्चों को प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया चल रही है।
निजी विद्यालयों में पहली कक्षा की 25 फीसदी सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश दिलाया जाता है। सरकार इन विद्यालयों को प्रतिपूर्ति के रूप में प्रति बच्चा निर्धारित रुपये हर माह देती है। एडमिशन के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया अपनाई जाती है। नवीन शैक्षिक सत्र के लिए वर्ष 2024 से आरटीई की प्रक्रिया चार चरणों में शुरू की गई थी। प्रथम चरण में 521 बच्चों को स्कूल आवंटित किए गए थे। दूसरे चरण में 352 बच्चे, तीसरे चरण में 273 बच्चों को निजी विद्यालय आवंटित किए गए थे। चौथे चरण में 24 मार्च को ऑनलाइन लॉटरी से 245 बच्चों का चयन करते हुए विद्यालय आवंटित किए गए थे। चार चरणों में कुल 1391 बच्चों को आरटीई के तहत निजी विद्यालय आवंटित किए गए।
इसके बाद निजी विद्यालयों में इन चयनित बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया की गई। अब तक 1291 बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जा चुका है। शेष 100 बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रणवीर सिंह ने मंगलवार को ब्लॉक जखौरा में मीटिंग की थी। उन्होंने एडमिशन न लेने वाले बच्चों का कारण मांगा है। कारण जानने के बाद मुख्यालय स्तर से इन बच्चों के अभिभावकों से संपर्क किया जाएगा और मॉनीटरिंग की जाएगी।
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फैक्ट फाइल
- आरटीई के तहत 372 निजी विद्यालयों में होना है प्रवेश।
- आरटीई के तहत निर्धारित हैं 3051 सीटें
- 1391 बच्चाें को लॉटरी से आवंटित हुए थे विद्यालय
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चार चरण की प्रक्रिया में 1391 बच्चों को लॉटरी पद्धति से निजी विद्यालय आवंटित हुए थे। अब तक 1291 बच्चों का दाखिला कराया जा चुका है। शेष बच्चों का प्रवेश कराने के लिए बीएसए ने अभिभावकों से संपर्क करने के निर्देश दिए हैं।
-प्रदीप कुमार, जिला समन्वयक, सामुदायिक सहभागिता
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निजी विद्यालयों में पहली कक्षा की 25 फीसदी सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश दिलाया जाता है। सरकार इन विद्यालयों को प्रतिपूर्ति के रूप में प्रति बच्चा निर्धारित रुपये हर माह देती है। एडमिशन के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया अपनाई जाती है। नवीन शैक्षिक सत्र के लिए वर्ष 2024 से आरटीई की प्रक्रिया चार चरणों में शुरू की गई थी। प्रथम चरण में 521 बच्चों को स्कूल आवंटित किए गए थे। दूसरे चरण में 352 बच्चे, तीसरे चरण में 273 बच्चों को निजी विद्यालय आवंटित किए गए थे। चौथे चरण में 24 मार्च को ऑनलाइन लॉटरी से 245 बच्चों का चयन करते हुए विद्यालय आवंटित किए गए थे। चार चरणों में कुल 1391 बच्चों को आरटीई के तहत निजी विद्यालय आवंटित किए गए।
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इसके बाद निजी विद्यालयों में इन चयनित बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया की गई। अब तक 1291 बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जा चुका है। शेष 100 बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रणवीर सिंह ने मंगलवार को ब्लॉक जखौरा में मीटिंग की थी। उन्होंने एडमिशन न लेने वाले बच्चों का कारण मांगा है। कारण जानने के बाद मुख्यालय स्तर से इन बच्चों के अभिभावकों से संपर्क किया जाएगा और मॉनीटरिंग की जाएगी।
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फैक्ट फाइल
- आरटीई के तहत 372 निजी विद्यालयों में होना है प्रवेश।
- आरटीई के तहत निर्धारित हैं 3051 सीटें
- 1391 बच्चाें को लॉटरी से आवंटित हुए थे विद्यालय
चार चरण की प्रक्रिया में 1391 बच्चों को लॉटरी पद्धति से निजी विद्यालय आवंटित हुए थे। अब तक 1291 बच्चों का दाखिला कराया जा चुका है। शेष बच्चों का प्रवेश कराने के लिए बीएसए ने अभिभावकों से संपर्क करने के निर्देश दिए हैं।
-प्रदीप कुमार, जिला समन्वयक, सामुदायिक सहभागिता