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सहरिया परिवारों के आवास में अब तक नहीं पड़ी छत

Tue, 08 Nov 2022 12:05 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 08 Nov 2022 12:05 AM IST
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Roof not yet lying in the residence of Sahariya families
धौर्रा (ललितपुर)। मुख्यमंत्री आवास योजना में सहरिया परिवार को लाभान्वित तो किया लेकिन गया लेकिन उनके आशियाने पर छत नहीं पड़ सकीं हैं। ग्राम पंचायत में करीब 30 आवास दिए गए थे जिनमें अधिकांश की न तो छत पर लिंटर पड़ा और नहीं खिड़कियां और दरवाजे लगाए गए हैं। हैरत की बात तो है कि काम न मिलने से अधिकांश लाभार्थी बाहरी जनपदों में परिवार सहित पलायन कर गए।
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सरकार की मंशा है कि कोई भी परिवार खुले आसमान के नीचे न रहे इसके लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना में मकान बनवाने के लिए पैसा दिया जाता है। ग्राम पंचायत पिपरई में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत करीब 30 सहरिया परिवारों के लिए आवास मंजूर किए गए थे लेकिन अधिकांश आवास आधे अधूरे बने खड़े हैं। ग्राम प्रधान का कहना है कि लाभार्थियों के खाते में सीधा पैसा आया था कुछ ने पूरा पैसा मकान बनाने में खर्च नहीं किया बल्कि अन्य कामों में पैसा लगा दिया। वहीं कुछ लोगों की तीसरी किश्त बाकी है। उन्होंने कहा कि जिन घरों में छत पड़ गई है उनकी जियो टैगिंग कर दी गई है। ग्रामीणों के मुताबिक काम न मिलने पर अधिकांश सहरिया परिवार के साथ बाहरी जनपदों में पलायन कर गए हैं।
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जो पैसा मिला था वह हमने लगा दिया अब लिंटर के लिए और पैसा की जरूरत है। मिल जाएगा तो छत बनवा लेगें।-मोहन, लाभार्थी
पैसा पूरा नहीं मिला इसलिए छत का काम रह गया है। तीसरी किश्त मिलने पर छत को डलवाया जाएगा।-हरी सिंह, लाभार्थी
जिन आदिवासी सहरियों को सरकार द्वारा लाभ दिया गया है वो आज भी सिस्टम की कमी के कारण बेघर है प्रशासन को जल्द से जल्द कार्रवाई करना चाहिए। -जयराम रजक, पूर्व प्रधान पिपरई
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सभी आवासों की जिओ टैगिंग कागजों में पूर्ण कर दी गई है पर अभी भी कई आवास पूर्ण नहीं है। सरकार को इसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराना चाहिए।-आलोक शांडिल्य, पूर्व प्रधान पिपरई
लाभार्थियों के खाते में आवास बनाने के लिए सीधा पैसा आया है। कुछ लाभार्थियों ने जुआ खेल कर पैसा बर्बाद कर दिया और कुछ ने आवास बनाकर लिंटर डलवा लिया। जो मकान पूरे हो गए उनकी जियो टैगिंग कर दी गई है। जबकि अभी कई मकानों को जिओ टैगिंग होना बाकी है। अभी कुछ लाभर्थियों की तीसरी क़िस्त भी रुकी है।-नासिर खान, ग्राम प्रधान पिपरई

आवास की स्वीकृति होने पर तीन किस्तों में पैसा दिया जाता है। पहली किस्त 40 हजार की दूसरी किस्त 70 हजार की तीसरी किस्त 10 हजार की मिली है। यह पैसा सीधा लाभार्थियों के खाते में जाती है। पूरी क़िस्त जारी होने के बाद भी यदि आवास नहीं बना तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। -आलोक कुमार,बीडीओ बिरधा
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