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पांच साल में दो गुनी हुई रोडवेज डिपो की निर्माण राशि
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bus stand
- फोटो : bus stand
ललितपुर। शहर के समीप ग्राम रोड़ा में रोडवेज डिपो का अधिकांश भवन बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन कुछ भवनों के निर्माण में ऊपर से निकली हाईटेंशन लाइन बाधा बनी हुई है। इससे रोडवेज डिपो की बस सेवा का संचालन नहीं हो पा रहा है। वहीं, तय समय में निर्माण न होने से एस्टीमेट को रिवाइज किया गया है। अब निर्माण राशि पांच से बढ़कर दस करोड़ तक पहुंच गई है।
जनपद में यातायात को सुगम बनाने के लिए शहर के समीप ग्राम रोड़ा में रोडवेज डिपों निर्माण को सात एकड़ जमीन चिह्नित की गई। इसका शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वर्ष 2015 में किया गया। इसके निर्माण के लिए चार करोड़ 99 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। डिपो निर्माण में मुख्य भवन के साथ ही कैंटीन, डीजल शेड, गार्ड रूम व कार्यशाला का निर्माण किया जाना था। लेकिन पांच वर्ष बीतने के बाद भी अब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। इनमें कार्यशाला निर्माण स्थल के पास हाइटेंशन लाइन होने से अधिक परेशानी हुई। इससे भी समय पर कार्य नहीं हो सका है। अब लाइन हटाने के लिए बिजली विभाग को एस्टीमेट के हिसाब से पैसा दिया गया है।
शुरुआत में डिपो को जनवरी 2018 में बन कर तैयार होना था, लेेकिन इसका निर्माण कार्य तय समय में पूरा नहीं किया गया। इसके बाद जुलाई 2018 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया। निर्माण की अगली तिथि बढ़ाकर मार्च 2019 कर दी गई, इसके बाद जून तय किया गया, लेकिन डेढ़ वर्ष के बाद भी निर्माण पूरा नहीं हो सका है। इससे डिपो संचालन से मिलने वाली सुविधाओं का अंदाजा लाया जा सकता है।
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तय समय में निर्माण न होने से दो गुनी हुई राशि
रोडवेज डिपो के निर्माण में शुरुआत में चार करोड़ 99 लाख रुपए एस्टीमेट पर स्वीकृत किए गए थे। जिसके निर्माण की अवधि वर्ष 2018 रखी गई थी। लेकिन तय समय अवधि में निर्माण नहीं होने व रास्ते में पत्थर व मिट्टी हटाने के कारण राशि कम पड़ गई है। अब लगभग पांच करोड़ रुपये का रिवाइज एस्टीमेट शासन को भेजा गया था। जिस पर अब राशि नौ करोड़ 37 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। जिसके टेंडर डाले जा चुके हैं।
वर्तमान में नियमित नहीं हो रहा बसों का संचालन
यातायात की सुविधा के लिए रोडवेज बसों का संचालन किया जा रहा है। अब 24 बसों का संचालन किया जा रहा है। लेकिन विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते बस चालक मनमाने तरीके से चला रहे हैं। वहीं वर्तमान में कई मार्गों पर रोडवेज की बसें नजर नहीं आ रही हैं। इससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। जबकि कई मार्ग ऐसे हैं जहां पर दिन में एक ही बस का संचालन होता है। ऐसे में यात्रियों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
रोडवेज डिपो निर्माण में मुख्य भवन का काम पूरा हो गया है। इसमें कैंटीन, डीजल शेड और वर्कशाप का कार्य अधूरा पड़ा है। इसके निर्माण में हाइटेंशन लाइन बाधा बनी हुई थी, जिस पर स्टीमेट राशि जमा की गई है। रिवाइज एस्टीमेट का टेंडर खुलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
- हरीओम वर्मा, अवर अभियंता, परिवहन निगम डिपो
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जनपद में यातायात को सुगम बनाने के लिए शहर के समीप ग्राम रोड़ा में रोडवेज डिपों निर्माण को सात एकड़ जमीन चिह्नित की गई। इसका शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वर्ष 2015 में किया गया। इसके निर्माण के लिए चार करोड़ 99 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। डिपो निर्माण में मुख्य भवन के साथ ही कैंटीन, डीजल शेड, गार्ड रूम व कार्यशाला का निर्माण किया जाना था। लेकिन पांच वर्ष बीतने के बाद भी अब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। इनमें कार्यशाला निर्माण स्थल के पास हाइटेंशन लाइन होने से अधिक परेशानी हुई। इससे भी समय पर कार्य नहीं हो सका है। अब लाइन हटाने के लिए बिजली विभाग को एस्टीमेट के हिसाब से पैसा दिया गया है।
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शुरुआत में डिपो को जनवरी 2018 में बन कर तैयार होना था, लेेकिन इसका निर्माण कार्य तय समय में पूरा नहीं किया गया। इसके बाद जुलाई 2018 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया। निर्माण की अगली तिथि बढ़ाकर मार्च 2019 कर दी गई, इसके बाद जून तय किया गया, लेकिन डेढ़ वर्ष के बाद भी निर्माण पूरा नहीं हो सका है। इससे डिपो संचालन से मिलने वाली सुविधाओं का अंदाजा लाया जा सकता है।
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तय समय में निर्माण न होने से दो गुनी हुई राशि
रोडवेज डिपो के निर्माण में शुरुआत में चार करोड़ 99 लाख रुपए एस्टीमेट पर स्वीकृत किए गए थे। जिसके निर्माण की अवधि वर्ष 2018 रखी गई थी। लेकिन तय समय अवधि में निर्माण नहीं होने व रास्ते में पत्थर व मिट्टी हटाने के कारण राशि कम पड़ गई है। अब लगभग पांच करोड़ रुपये का रिवाइज एस्टीमेट शासन को भेजा गया था। जिस पर अब राशि नौ करोड़ 37 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। जिसके टेंडर डाले जा चुके हैं।
वर्तमान में नियमित नहीं हो रहा बसों का संचालन
यातायात की सुविधा के लिए रोडवेज बसों का संचालन किया जा रहा है। अब 24 बसों का संचालन किया जा रहा है। लेकिन विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते बस चालक मनमाने तरीके से चला रहे हैं। वहीं वर्तमान में कई मार्गों पर रोडवेज की बसें नजर नहीं आ रही हैं। इससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। जबकि कई मार्ग ऐसे हैं जहां पर दिन में एक ही बस का संचालन होता है। ऐसे में यात्रियों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
रोडवेज डिपो निर्माण में मुख्य भवन का काम पूरा हो गया है। इसमें कैंटीन, डीजल शेड और वर्कशाप का कार्य अधूरा पड़ा है। इसके निर्माण में हाइटेंशन लाइन बाधा बनी हुई थी, जिस पर स्टीमेट राशि जमा की गई है। रिवाइज एस्टीमेट का टेंडर खुलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
- हरीओम वर्मा, अवर अभियंता, परिवहन निगम डिपो