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त्योहार पर खली बसों की कमी, डग्गामार वाहन बने सहारा
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त्योहार पर खली बसों की कमी, डग्गामार वाहन बने सहारा
ललितपुर। जिले में यातायात व्यवस्थाएं अब तक दुरुस्त नहीं हो पाई है। यहां पर दीपावली जैसे त्योहार पर भी रोडवेज बसों का संचालन नहीं किया गया। ऐसे में बस स्टैंड आए यात्री बसों के इंतजार में बैठे रहे। काफी देर बाद इस नहीं चलने की जानकारी मिलने से मायूस होकर डग्गामार वाहनों के सहारे अपने गंतव्य को रवाना हो गए।
जनपद में यातायात की सुविधा के लिए रोडवेज बसों का संचालन किया गया है। प्रत्येक रूट पर बसों के संचालन के लिए परमिट जारी किए गए हैं, जिसमें संचालन का रूट और आने जाने का समय तय किया गया। बसों में सवारियों की संख्या भी निर्धारित की है। जनपद में डेढ़ सौ से अधिक निजी बसों के परमिट जारी हैं। वहीं परिवहन निगम द्वारा भी चौबीस रोडवेज बसों का संचालन हो रहा है। लेकिन इनमें अधिकांश बसें विभागीय दस्तावेजों तक ही सीमित हैं। सड़कों पर बसें नजर नहीं आ रही हैं। कई मार्गों पर इकलौती ही बस का संचालन हो रहा था, अब बंद होने से बसें नजर नहीं आ रही हैं। वहीं कुछ रूट पर एक दिन में एक ही बस नजर आ रही है। कई मार्गों के परमिट हैं, लेकिन तय गंतव्य तक बसें जा नहीं रहीं है। अधिक कमाई के चक्कर में आधे रूट से ही वापस लौट रहीं है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मजबूरन ही बसों ठस कर यात्रा करना पड़ती है।
बृहस्पतिवार को दीपावली के दिन लोग अपने घरों को जाने के लिए बस स्टैंड पहुंचे। जहां पर सीमित मात्रा में बसें मिली। यात्रियों ने काफी देर बसों का इंतजार किया, जिसके बाद मायूस होकर लौट गए। सड़कों पर खड़े होकर डग्गामार वाहनों से अपने गंतव्यत क पहुंचे। कइयों को वाहन मिलने के लिए काफी देर तक सड़कों पर खड़ रहना पड़ा। अधिक देर बाद डग्गामार वाहनों से घर पहुंचे। ऐसे में अधिक यात्रियों सवार होने से दुर्घटनाएं के भय में यात्रा करने को मजबूर हो गए। इसके बाद भी जिम्मेदार उदासीन बने हुए हैं।
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लोहिया बसें भी कम चलीं
परिवहन निगम द्वारा 24 बसों के संचालन किया जाता था, इनमें 20 बसें लोहिया ग्रामीण बस सेवा की और चार परिवहन निगम की रोडवेज बसें हैं, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते बसों का संचालन सीमित हो जा रहा है। शुरूआती दौर में 20 बसें चलीं, जिसके बाद 12 चलाई गईं। इनमें चार बसें बंद हो गईं और अब मात्र चार बसें ही चल रहीं है। त्योहार पर भी सभी बसों का संचालन नहीं किया गया। इससे यात्रियों को वाहनों के लिए परेशान होना पड़ा।
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रोडवेज बसों के संचालन के लिए टायरों की कमी बनी हुई है। सामान के अभाव में बसों का संचालन सीमित हो रहा है। सामान व बजट आते ही बसों का संचालन शुरू कराया जाएगा।
- प्रियम श्रीवास्तव , सहायक प्रबंधक , रोडवेज डिपो झांसी
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ललितपुर। जिले में यातायात व्यवस्थाएं अब तक दुरुस्त नहीं हो पाई है। यहां पर दीपावली जैसे त्योहार पर भी रोडवेज बसों का संचालन नहीं किया गया। ऐसे में बस स्टैंड आए यात्री बसों के इंतजार में बैठे रहे। काफी देर बाद इस नहीं चलने की जानकारी मिलने से मायूस होकर डग्गामार वाहनों के सहारे अपने गंतव्य को रवाना हो गए।
जनपद में यातायात की सुविधा के लिए रोडवेज बसों का संचालन किया गया है। प्रत्येक रूट पर बसों के संचालन के लिए परमिट जारी किए गए हैं, जिसमें संचालन का रूट और आने जाने का समय तय किया गया। बसों में सवारियों की संख्या भी निर्धारित की है। जनपद में डेढ़ सौ से अधिक निजी बसों के परमिट जारी हैं। वहीं परिवहन निगम द्वारा भी चौबीस रोडवेज बसों का संचालन हो रहा है। लेकिन इनमें अधिकांश बसें विभागीय दस्तावेजों तक ही सीमित हैं। सड़कों पर बसें नजर नहीं आ रही हैं। कई मार्गों पर इकलौती ही बस का संचालन हो रहा था, अब बंद होने से बसें नजर नहीं आ रही हैं। वहीं कुछ रूट पर एक दिन में एक ही बस नजर आ रही है। कई मार्गों के परमिट हैं, लेकिन तय गंतव्य तक बसें जा नहीं रहीं है। अधिक कमाई के चक्कर में आधे रूट से ही वापस लौट रहीं है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मजबूरन ही बसों ठस कर यात्रा करना पड़ती है।
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बृहस्पतिवार को दीपावली के दिन लोग अपने घरों को जाने के लिए बस स्टैंड पहुंचे। जहां पर सीमित मात्रा में बसें मिली। यात्रियों ने काफी देर बसों का इंतजार किया, जिसके बाद मायूस होकर लौट गए। सड़कों पर खड़े होकर डग्गामार वाहनों से अपने गंतव्यत क पहुंचे। कइयों को वाहन मिलने के लिए काफी देर तक सड़कों पर खड़ रहना पड़ा। अधिक देर बाद डग्गामार वाहनों से घर पहुंचे। ऐसे में अधिक यात्रियों सवार होने से दुर्घटनाएं के भय में यात्रा करने को मजबूर हो गए। इसके बाद भी जिम्मेदार उदासीन बने हुए हैं।
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लोहिया बसें भी कम चलीं
परिवहन निगम द्वारा 24 बसों के संचालन किया जाता था, इनमें 20 बसें लोहिया ग्रामीण बस सेवा की और चार परिवहन निगम की रोडवेज बसें हैं, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते बसों का संचालन सीमित हो जा रहा है। शुरूआती दौर में 20 बसें चलीं, जिसके बाद 12 चलाई गईं। इनमें चार बसें बंद हो गईं और अब मात्र चार बसें ही चल रहीं है। त्योहार पर भी सभी बसों का संचालन नहीं किया गया। इससे यात्रियों को वाहनों के लिए परेशान होना पड़ा।
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रोडवेज बसों के संचालन के लिए टायरों की कमी बनी हुई है। सामान के अभाव में बसों का संचालन सीमित हो रहा है। सामान व बजट आते ही बसों का संचालन शुरू कराया जाएगा।
- प्रियम श्रीवास्तव , सहायक प्रबंधक , रोडवेज डिपो झांसी