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15 करोड़ की लागत से सही होंगी सड़कें
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 08 Apr 2017 12:34 AM IST
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road, lalitpur news
- फोटो : demo
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ललितपुर।
जिले में 801 किलोमीटर की 334 सड़कें की सड़कें गड्डा युक्त हैं। इनको ठीक करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने सरकार से 15 करोड़ 32 लाख रुपये की मांग की है। रुपये पास होते ही इन सड़कों की मरंमत का काम शुरू कर दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने यातायात को सुगम बनाने और खराब सड़कों से हो रही दुर्घटनाएं रोकने के लिए सड़कों को ठीक करने के निर्देश दिए है। इसके लिए सरकार ने सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग को 15 जून तक का समय निर्धारित किया है। इसके लिए जिले के पीडब्ल्यूडी विभाग ने जिले की खस्ताहाल सड़कों की सूची बना ली है। गड्ढा मुक्ति के लिए जिले की 334 सड़कों को चिह्नित किया गया है। इन सड़कों की लंबाई आठ सौ एक किलोमीटर और चार सौ तीस मीटर है।
इन सड़कों की मरम्मत करने के लिए विभाग ने सरकार से 15 करोड़ 32 लाख रुपये की मांग की है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 10 अप्रैल को होने वाली बैठक में बजट पास होने की उम्मीद है। इसके बाद ही सड़कों की मरम्मत का काम किया जाएगा। जिले में लोक निर्माण विभाग के दो खंड काम करते हैं। इन खंडों को तीन-तीन ब्लॉक का काम बांटा गया है। निर्माण खंड के अंतर्गत जिले के तालबेहट, बिरधा और जखौरा ब्लॉक आते हैं।
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इन ब्लॉक में 335 किलोमीटर की 173 सड़कें खस्ताहाल हैं। इनको ठीक करने के लिए छह करोड़ सात लाख 54 हजार रुपये की मांग की है। इसी तरह प्रांतीय निर्माण खंड में महरौनी, मड़ावरा और बार ब्लॉक आते हैं। इस ब्लॉक में 466 किलोमीटर की 161 सड़कें खस्ताहाल हैं। इसके लिए विभाग ने नौ करोड़ 25 लाख 23 हजार रुपये की मांग की है।
वर्जन
अभी सर्वे का काम पूरा नहीं हो पा रहा है। तीन-चार दिनों बाद ही फाइनल रिपोर्ट आएगी, उसके बाद तय होगा कि जिले की कितनी सड़कों पर मरम्मत का काम होना है।
- रामसूरत, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
बजट के अभाव में लटकीं तीन प्रमुख सड़कें
केंद्रीय मार्ग निधि से बनने वाली जिले की तीन सड़कें बजट के अभाव में दम तोड़ रही हैं। इन सड़कों को क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने मई महीने में स्वीकृति दिलवाई थी। 53 करोड़ 77 लाख की लागत से बनने वाली ललितपुर देवगढ़ की रोड के निर्माण के लिए अभी तक मात्र 69 लाख 90 हजार रुपये ही प्राप्त हुआ है। इस रोड की लंबाई 32 किलोमीटर से अधिक है। 21 करोड़ 56 लाख की लागत से बनने वाली ललितपुर-राजघाट रोड के लिए निधि से मात्र 49 लाख 17 हजार रुपये ही प्राप्त हुआ है।
इस रोड की लंबाई 21 किलोमीटर से अधिक है। 35 करोड़ 30 लाख की लागत से बनने वाली जखौरा-राजघाट रोड के लिए भी मात्र 45 लाख 90 हजार रुपये का बजट आया है। इस रोड की लंबाई 19 किलोमीटर है। अधिकारियों का कहना है कि रोड के लिए पर्याप्त बजट न मिलने के कारण तेजी से काम नहीं हो पा रहा है।
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जिले में 801 किलोमीटर की 334 सड़कें की सड़कें गड्डा युक्त हैं। इनको ठीक करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने सरकार से 15 करोड़ 32 लाख रुपये की मांग की है। रुपये पास होते ही इन सड़कों की मरंमत का काम शुरू कर दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने यातायात को सुगम बनाने और खराब सड़कों से हो रही दुर्घटनाएं रोकने के लिए सड़कों को ठीक करने के निर्देश दिए है। इसके लिए सरकार ने सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग को 15 जून तक का समय निर्धारित किया है। इसके लिए जिले के पीडब्ल्यूडी विभाग ने जिले की खस्ताहाल सड़कों की सूची बना ली है। गड्ढा मुक्ति के लिए जिले की 334 सड़कों को चिह्नित किया गया है। इन सड़कों की लंबाई आठ सौ एक किलोमीटर और चार सौ तीस मीटर है।
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इन सड़कों की मरम्मत करने के लिए विभाग ने सरकार से 15 करोड़ 32 लाख रुपये की मांग की है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 10 अप्रैल को होने वाली बैठक में बजट पास होने की उम्मीद है। इसके बाद ही सड़कों की मरम्मत का काम किया जाएगा। जिले में लोक निर्माण विभाग के दो खंड काम करते हैं। इन खंडों को तीन-तीन ब्लॉक का काम बांटा गया है। निर्माण खंड के अंतर्गत जिले के तालबेहट, बिरधा और जखौरा ब्लॉक आते हैं।
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इन ब्लॉक में 335 किलोमीटर की 173 सड़कें खस्ताहाल हैं। इनको ठीक करने के लिए छह करोड़ सात लाख 54 हजार रुपये की मांग की है। इसी तरह प्रांतीय निर्माण खंड में महरौनी, मड़ावरा और बार ब्लॉक आते हैं। इस ब्लॉक में 466 किलोमीटर की 161 सड़कें खस्ताहाल हैं। इसके लिए विभाग ने नौ करोड़ 25 लाख 23 हजार रुपये की मांग की है।
वर्जन
अभी सर्वे का काम पूरा नहीं हो पा रहा है। तीन-चार दिनों बाद ही फाइनल रिपोर्ट आएगी, उसके बाद तय होगा कि जिले की कितनी सड़कों पर मरम्मत का काम होना है।
- रामसूरत, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
बजट के अभाव में लटकीं तीन प्रमुख सड़कें
केंद्रीय मार्ग निधि से बनने वाली जिले की तीन सड़कें बजट के अभाव में दम तोड़ रही हैं। इन सड़कों को क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने मई महीने में स्वीकृति दिलवाई थी। 53 करोड़ 77 लाख की लागत से बनने वाली ललितपुर देवगढ़ की रोड के निर्माण के लिए अभी तक मात्र 69 लाख 90 हजार रुपये ही प्राप्त हुआ है। इस रोड की लंबाई 32 किलोमीटर से अधिक है। 21 करोड़ 56 लाख की लागत से बनने वाली ललितपुर-राजघाट रोड के लिए निधि से मात्र 49 लाख 17 हजार रुपये ही प्राप्त हुआ है।
इस रोड की लंबाई 21 किलोमीटर से अधिक है। 35 करोड़ 30 लाख की लागत से बनने वाली जखौरा-राजघाट रोड के लिए भी मात्र 45 लाख 90 हजार रुपये का बजट आया है। इस रोड की लंबाई 19 किलोमीटर है। अधिकारियों का कहना है कि रोड के लिए पर्याप्त बजट न मिलने के कारण तेजी से काम नहीं हो पा रहा है।