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पूर्व दशम छात्रवृत्ति में उजागर हुई गड़बड़ी
ब्यूरो
Updated Sat, 26 Dec 2015 12:47 AM IST
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ललितपुर। दशमोत्तर के बाद अब पूर्व दशम की छात्रवृत्ति में भी गड़बड़ी उजागर हुई है। इस पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने जांच शुरू करा दी है। इसके लिए जांच अधिकारी नामित कर दिए गए हैं। उन्होंने जांच अधिकारियों को नवीन प्रवेश लेने के सापेक्ष नवीनीकृत छात्रों की संख्या में आए अंतर का परीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
छात्रवृत्ति की आवेदन प्रक्रिया आनलाइन होने से गड़बड़ियां सामने आने लगी हैं। पहले दशमोत्तर छात्रवृत्ति में गड़बड़ी उजागर हुई थी, अब पूर्व दशम छात्रवृत्ति में गड़बड़ियां सामने आई हैं। इसमें गत वर्ष नामांकित छात्रों के सापेक्ष वर्तमान शैक्षिक सत्र में उनके अग्रसारित फार्मों की संख्या कम हो गई है, जबकि नवीन प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या अग्रसारित फार्मों से कहीं अधिक है।
वर्ष 2014-15 में जिले की विभिन्न शैक्षिक संस्थाओं ने दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए 10,650 आवेदन पत्र भरे थे। वर्ष 2015-16 में इतनी ही संख्या में फार्म अग्रसारित किए जाने थे, लेकिन सिर्फ 4,283 फार्म ही अग्रसारित किए गए हैं। इस तरह 6,615 छात्र-छात्राओं के फार्मों का रिन्युअल नहीं किया जा सका है।
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वहीं, नवीन छात्रों के आवेदन पत्रों की संख्या 6,828 है, जिससे अग्रसारित और नवीन प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या का अंतर स्पष्ट हो गया है। यही नहीं, 2,332 फार्मों का अनुपलब्ध रिकार्ड संस्थाओं के सामने नया सिरदर्द बन गया है।
गत दिनों समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सुनील कुमार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर सक्सपेक्ट डेटा का वेरीफिकेशन कराने के निर्देश दिए थे, जिसके अनुपालन में डीआईओएस श्याम प्रकाश यादव ने 18 विद्यालयों की जांच शुरू करा दी थी। यह जांच अभी पूरी नहीं हो पाई है कि पूर्व दशम छात्रवृत्ति में गड़बड़ी सामने आ गई है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि पूर्व दशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति की गड़बड़ी लगभग एक समान है। पूर्व दशम छात्रवृत्ति में जिले के 13 विद्यालय चिह्नित हुए हैं, जिनका या तो रिकार्ड संदेह के घेरे में है या फिर उनका रिकार्ड नहीं मिल रहा है। इन स्थितियों में समूची छात्रवृत्ति वितरण पर अंगुलियां उठने लगी हैं।
यह है जांच कमेटी
पूर्व दशम छात्रवृत्ति मामले में राजकीय हाईस्कूल के प्रधानाचार्य राजेंद्र कुमार त्रिपाठी को दीवान रघुनाथ सिंह इंटर कालेज, राजकीय बालिका इंटर कालेज ललितपुर, राजकीय इंटर कालेज ललितपुर, श्री वर्णी जैन इंटर कालेज, राजकीय हाईस्कूल दूधई के प्रधानाचार्य श्रीराम समाधिया को नगर पालिका बालिका इंटर कालेज, पीएन इंटर कालेज, राजकीय इंटर कालेज बार,
राजकीय इंटर कालेज ललितपुर के प्रवक्ता अरुण बाबू शर्मा को राजकीय बालिका इंटर कालेज महरौनी, राजकीय हाईस्कूल पठा, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज महरौनी, शांति निकेतन इंटर कालेज महरौनी, राजकीय हाईस्कूल हाईस्कूल दूधई के प्रधानाचार्य शहीद खां मंसूरी को हरभजन प्रजापति कन्या हाईस्कूल लागौन व किसान इंटर कालेज बिरधा के जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।
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छात्रवृत्ति की आवेदन प्रक्रिया आनलाइन होने से गड़बड़ियां सामने आने लगी हैं। पहले दशमोत्तर छात्रवृत्ति में गड़बड़ी उजागर हुई थी, अब पूर्व दशम छात्रवृत्ति में गड़बड़ियां सामने आई हैं। इसमें गत वर्ष नामांकित छात्रों के सापेक्ष वर्तमान शैक्षिक सत्र में उनके अग्रसारित फार्मों की संख्या कम हो गई है, जबकि नवीन प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या अग्रसारित फार्मों से कहीं अधिक है।
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वर्ष 2014-15 में जिले की विभिन्न शैक्षिक संस्थाओं ने दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए 10,650 आवेदन पत्र भरे थे। वर्ष 2015-16 में इतनी ही संख्या में फार्म अग्रसारित किए जाने थे, लेकिन सिर्फ 4,283 फार्म ही अग्रसारित किए गए हैं। इस तरह 6,615 छात्र-छात्राओं के फार्मों का रिन्युअल नहीं किया जा सका है।
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वहीं, नवीन छात्रों के आवेदन पत्रों की संख्या 6,828 है, जिससे अग्रसारित और नवीन प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या का अंतर स्पष्ट हो गया है। यही नहीं, 2,332 फार्मों का अनुपलब्ध रिकार्ड संस्थाओं के सामने नया सिरदर्द बन गया है।
गत दिनों समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सुनील कुमार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर सक्सपेक्ट डेटा का वेरीफिकेशन कराने के निर्देश दिए थे, जिसके अनुपालन में डीआईओएस श्याम प्रकाश यादव ने 18 विद्यालयों की जांच शुरू करा दी थी। यह जांच अभी पूरी नहीं हो पाई है कि पूर्व दशम छात्रवृत्ति में गड़बड़ी सामने आ गई है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि पूर्व दशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति की गड़बड़ी लगभग एक समान है। पूर्व दशम छात्रवृत्ति में जिले के 13 विद्यालय चिह्नित हुए हैं, जिनका या तो रिकार्ड संदेह के घेरे में है या फिर उनका रिकार्ड नहीं मिल रहा है। इन स्थितियों में समूची छात्रवृत्ति वितरण पर अंगुलियां उठने लगी हैं।
यह है जांच कमेटी
पूर्व दशम छात्रवृत्ति मामले में राजकीय हाईस्कूल के प्रधानाचार्य राजेंद्र कुमार त्रिपाठी को दीवान रघुनाथ सिंह इंटर कालेज, राजकीय बालिका इंटर कालेज ललितपुर, राजकीय इंटर कालेज ललितपुर, श्री वर्णी जैन इंटर कालेज, राजकीय हाईस्कूल दूधई के प्रधानाचार्य श्रीराम समाधिया को नगर पालिका बालिका इंटर कालेज, पीएन इंटर कालेज, राजकीय इंटर कालेज बार,
राजकीय इंटर कालेज ललितपुर के प्रवक्ता अरुण बाबू शर्मा को राजकीय बालिका इंटर कालेज महरौनी, राजकीय हाईस्कूल पठा, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज महरौनी, शांति निकेतन इंटर कालेज महरौनी, राजकीय हाईस्कूल हाईस्कूल दूधई के प्रधानाचार्य शहीद खां मंसूरी को हरभजन प्रजापति कन्या हाईस्कूल लागौन व किसान इंटर कालेज बिरधा के जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।