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अब गल्ला मंडी में नीलामी चबूतरा से हटेगा अतिक्रमण
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ललितपुर। नवीन कृषि उत्पादन मंडी में अब व्यापारियों का माल नीलामी चबूतरों पर नजर नहीं आएगा। जिसके चलते जिला प्रशासन ने इस मामले में सख्त रुख अपना लिया है। उन्होंने किसानों के लिए बने नीलामी चबूतरों से अतिक्रमण हटाने का अल्टीमेटम दिया है। इसके बाद प्रशासन द्वारा उसे हटा दिया जाएगा।
गल्ला मंडी में किसानों को सुविधाओं के लिए तमाम व्यवस्थाएं की गई हैं। उनके लिए विश्राम गृह बनाया गया है, जहां पर किसान रात्रि में विश्राम कर सके। साथ ही शौच क्रियाओं के लिए सुलभ कांप्लेक्स बनाए गए हैं। किसानों को उपज बेचने के लिए छांव व बरसात से बचाने के लिए नीलामी चबूतरा बनाए गए हैं। जहां पर किसान अपनी उपज को रखकर बेच सकेंगे। साथ ही सड़क पर उपज डालने से लगने वाले जाम से बचा जा सके।
लेकिन, वर्तमान में गल्ला मंडी के सभी चबूतरों पर व्यापारियों का कब्जा बना हुआ है। चबूतरों पर किसानों को माल रखा हुुआ है। चबूतरों पर जगह न होने से किसान अपनी उपज को सड़कों पर डालकर बेचने के लिए मजबूर हैं। जबकि सड़क पर उपज डली होने से मंडी में जाम की स्थिति बन जाती है। जाम के झाम में फंसकर किसानों को घंटो तक धूप में खड़ा रहना पड़ता है। साथ ही घंटो तक जाम में फंसे रहना पड़ता है। कई बार तो किसानों के वाहन मंडी में सड़क पर पड़े अनाज से अंदर नहीं पहुंच पाते हैं। इससे सड़क पर जाम लग जाता है। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी अनदेखा कर रहे हैं।
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हालांकि, अब जिला प्रशासन के निर्देशन पर मंडी में निर्मित नीलामी चबूतरों पर रखे व्यापारियों के माल को हटाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके लिए व्यापारियों को दो दिन का समय दिया गया है। इसके बाद व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इन चबूतरों पर समर्थन योजना के अंतर्गत गेहूं क्रय केंद्र से खरीदे गए गेहूं के भंडारण संरक्षण के लिए सभी चबूतरे भारतीय खाद निगम को उपलब्ध कराए जाना है।
मंडी के सभी नीलामी चबूतरों पर व्यापारियों का माल रखा हुआ है। जिसे हटाए जाने के लिए व्यापारियों को दो दिन का समय दिया गया है। इसके बाद कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- एसपी सिंह, अपर उपजिलाधिकारी/ प्रभारी मंडी सचिव
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गल्ला मंडी में किसानों को सुविधाओं के लिए तमाम व्यवस्थाएं की गई हैं। उनके लिए विश्राम गृह बनाया गया है, जहां पर किसान रात्रि में विश्राम कर सके। साथ ही शौच क्रियाओं के लिए सुलभ कांप्लेक्स बनाए गए हैं। किसानों को उपज बेचने के लिए छांव व बरसात से बचाने के लिए नीलामी चबूतरा बनाए गए हैं। जहां पर किसान अपनी उपज को रखकर बेच सकेंगे। साथ ही सड़क पर उपज डालने से लगने वाले जाम से बचा जा सके।
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लेकिन, वर्तमान में गल्ला मंडी के सभी चबूतरों पर व्यापारियों का कब्जा बना हुआ है। चबूतरों पर किसानों को माल रखा हुुआ है। चबूतरों पर जगह न होने से किसान अपनी उपज को सड़कों पर डालकर बेचने के लिए मजबूर हैं। जबकि सड़क पर उपज डली होने से मंडी में जाम की स्थिति बन जाती है। जाम के झाम में फंसकर किसानों को घंटो तक धूप में खड़ा रहना पड़ता है। साथ ही घंटो तक जाम में फंसे रहना पड़ता है। कई बार तो किसानों के वाहन मंडी में सड़क पर पड़े अनाज से अंदर नहीं पहुंच पाते हैं। इससे सड़क पर जाम लग जाता है। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी अनदेखा कर रहे हैं।
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हालांकि, अब जिला प्रशासन के निर्देशन पर मंडी में निर्मित नीलामी चबूतरों पर रखे व्यापारियों के माल को हटाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके लिए व्यापारियों को दो दिन का समय दिया गया है। इसके बाद व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इन चबूतरों पर समर्थन योजना के अंतर्गत गेहूं क्रय केंद्र से खरीदे गए गेहूं के भंडारण संरक्षण के लिए सभी चबूतरे भारतीय खाद निगम को उपलब्ध कराए जाना है।
मंडी के सभी नीलामी चबूतरों पर व्यापारियों का माल रखा हुआ है। जिसे हटाए जाने के लिए व्यापारियों को दो दिन का समय दिया गया है। इसके बाद कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- एसपी सिंह, अपर उपजिलाधिकारी/ प्रभारी मंडी सचिव