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Lalitpur News: 106 आउटसोर्सकर्मी हटाने से प्रभावित हुआ विद्युत कार्य
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- मुख्यालय से इस बार 358 की जगह हुआ मात्र 192 कर्मचारियों का अनुमोदन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बिजली विभाग में आउटसोर्स पर कार्यरत 106 लाइनमैन और सब स्टेशनों पर कार्यरत कर्मचारियों के हटाने से जहां कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट छा गया है। वहीं जिले की बिजली व्यवस्था भी प्रभावित होने लगी है।
विभाग पूरे जिले को बीस विद्युत सब स्टेशनों के माध्यम से बिजली आपूर्ति मुहैया कराता है। प्रत्येक बिजली घर में तीन-तीन परिचालक सहायक तैनात थे, यानि सभी बिजली घरों पर कुल साठ परिचालक सहायक तैनात थे, लेकिन अब इनमें से चालीस परिचालक सहायकों काे हटा दिया है, जिसकेे चलते अब मात्र बीस परिचालक सहायक ही बचे हैं। बताया गया पूर्व में लाइनमैन की 86 गैंग तैनात थीं और प्रत्येक गैंग में तीन कर्मचारी होते हैं। इस प्रकार 86 गैंग में कुल 258 कर्मचारी तैनात थे, लेकिन इस बार मुख्यालय से मात्र 64 गैंग यानि 192 कर्मचारियों का ही अनुमोदन आया है। यानि इसमें 22 गैंग यानि 66 कर्मचारियों को हटा दिया गया है। जबकि सब स्टेशनों पर तैनात चालीस परिचालक सहायकों को भी हटाया गया है। इस प्रकार बिजली विभाग में तैनात 106 आउटसोर्स कर्मचारियों को हटा दिया गया है। ऐसे में अब इन कर्मचारियों के सामने रोजी रोटी का संकट आ गया है। ये लोग दस-पंद्रह वर्ष से बिजली विभाग में सेवाएं दे रहे थे, अचानक हटाए जाने से खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं और अब वह खुद की रोजी रोटी बचाने के लिए आंदोलन की राह पर जाने की तैयारी में हैं। वहीं, बिजली विभाग में भी बिजली संबंधी कार्य भी बाधित होने लगा है। अधिकांश सब स्टेशनों पर ही अब तीन की जगह एक-एक सहायक परिचालक कर्मचारी काम कर हैं। हालांकि विभाग द्वारा उन्हें आश्वस्त किया है कि वह उनके हक केे लिए मुख्यालय स्तर पर वार्ता करेंगे, जिससे उन्हें आस लगी हुई है कि एक बार फिर से उनकी वापसी हो सकती है।
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विभाग ने मुख्यालय किया पत्राचार
बिजली विभाग द्वारा कर्मचारियों को बढ़ाने के लिए मुख्यालय स्तर के अधिकारियों को पत्राचार भी किया गया है। ऐसे में हटाए गए बहुत से कर्मचारियों को फिर से बिजली विभाग में वापसी की उम्मीद भी जागी है। हालांकि मुख्यालय द्वारा पत्राचार पर कितना विचार किया जाता है, वह कर्मचारियों की तैनाती को और अनुमोदन मिलने के बाद ही तय हो सकेगा।
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उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन निविदा, संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष संदीप विदुआ ने कहा कि बिजली विभाग में वर्षाें से काम कर रहे एक सैकड़ा से अधिक संविदा कर्मचारियों को हटाने से उनके रोजगार का संकट आ गया है। यदि जल्द ही हटाए गए कर्मचारियों को वापस नहीं लिया जाता है तो सभी कर्मचारियों द्वारा एकजुट होकर पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा। अभी विभाग द्वारा आश्वासन दिया गया है और वह विभाग की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बिजली विभाग में आउटसोर्स पर कार्यरत 106 लाइनमैन और सब स्टेशनों पर कार्यरत कर्मचारियों के हटाने से जहां कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट छा गया है। वहीं जिले की बिजली व्यवस्था भी प्रभावित होने लगी है।
विभाग पूरे जिले को बीस विद्युत सब स्टेशनों के माध्यम से बिजली आपूर्ति मुहैया कराता है। प्रत्येक बिजली घर में तीन-तीन परिचालक सहायक तैनात थे, यानि सभी बिजली घरों पर कुल साठ परिचालक सहायक तैनात थे, लेकिन अब इनमें से चालीस परिचालक सहायकों काे हटा दिया है, जिसकेे चलते अब मात्र बीस परिचालक सहायक ही बचे हैं। बताया गया पूर्व में लाइनमैन की 86 गैंग तैनात थीं और प्रत्येक गैंग में तीन कर्मचारी होते हैं। इस प्रकार 86 गैंग में कुल 258 कर्मचारी तैनात थे, लेकिन इस बार मुख्यालय से मात्र 64 गैंग यानि 192 कर्मचारियों का ही अनुमोदन आया है। यानि इसमें 22 गैंग यानि 66 कर्मचारियों को हटा दिया गया है। जबकि सब स्टेशनों पर तैनात चालीस परिचालक सहायकों को भी हटाया गया है। इस प्रकार बिजली विभाग में तैनात 106 आउटसोर्स कर्मचारियों को हटा दिया गया है। ऐसे में अब इन कर्मचारियों के सामने रोजी रोटी का संकट आ गया है। ये लोग दस-पंद्रह वर्ष से बिजली विभाग में सेवाएं दे रहे थे, अचानक हटाए जाने से खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं और अब वह खुद की रोजी रोटी बचाने के लिए आंदोलन की राह पर जाने की तैयारी में हैं। वहीं, बिजली विभाग में भी बिजली संबंधी कार्य भी बाधित होने लगा है। अधिकांश सब स्टेशनों पर ही अब तीन की जगह एक-एक सहायक परिचालक कर्मचारी काम कर हैं। हालांकि विभाग द्वारा उन्हें आश्वस्त किया है कि वह उनके हक केे लिए मुख्यालय स्तर पर वार्ता करेंगे, जिससे उन्हें आस लगी हुई है कि एक बार फिर से उनकी वापसी हो सकती है।
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विभाग ने मुख्यालय किया पत्राचार
बिजली विभाग द्वारा कर्मचारियों को बढ़ाने के लिए मुख्यालय स्तर के अधिकारियों को पत्राचार भी किया गया है। ऐसे में हटाए गए बहुत से कर्मचारियों को फिर से बिजली विभाग में वापसी की उम्मीद भी जागी है। हालांकि मुख्यालय द्वारा पत्राचार पर कितना विचार किया जाता है, वह कर्मचारियों की तैनाती को और अनुमोदन मिलने के बाद ही तय हो सकेगा।
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उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन निविदा, संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष संदीप विदुआ ने कहा कि बिजली विभाग में वर्षाें से काम कर रहे एक सैकड़ा से अधिक संविदा कर्मचारियों को हटाने से उनके रोजगार का संकट आ गया है। यदि जल्द ही हटाए गए कर्मचारियों को वापस नहीं लिया जाता है तो सभी कर्मचारियों द्वारा एकजुट होकर पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा। अभी विभाग द्वारा आश्वासन दिया गया है और वह विभाग की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।