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राहत : जल्द फर्राटा भरेंगी 40 नई रोडवेज बसें
Tue, 23 May 2023 01:13 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Tue, 23 May 2023 01:13 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। रोडवेज बसों की कमी से जूझ रहे जिले के लोगों को जल्द ही परिवहन निगम की तरफ से 40 रोडवेज बसों की सौगात मिलेगी। इसके लिए अफसरों ने प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेज दिया है। अफसरों का कहना है कि बसों के जल्द मिलने की उम्मीद है। इससे करीब तीन लाख की आबादी को फायदा मिलेगा।
रोडवेज डिपो का निर्माण अंतिम चरण में है। रंगरोगन का कार्य कराकर रोडवेज डिपो को परिवहन निगम के अधिकारियों को सुपुर्द कर दिया जाएगा। वहीं, 40 बसों के मिलने से यात्रियों को डग्गामार वाहनों से छुटकारा मिल जाएगा। वर्तमान में सिर्फ रोडवेज की चार बसों का संचालन किया जा रहा है। इनमें तीन झांसी से ललितपुर और एक बस ललितपुर से लखनऊ के लिए चलती है। इनमें में भी कभी-कभी बसों में तकनीकी खराबी होने से संचालन ठप हो जाता है। यात्रियों को मजबूरन डग्गामार बसों या टेंपो से जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ती है।
ग्रामीण मार्गों पर एक भी बस नहीं
ग्रामीण मार्गों पर अभी रोडवेज की एक भी सेवा नहीं है। डग्गामार वाहन ही यात्रियों का एकमात्र सहारा हैं। टेंपो-टैक्सी चालक मनमुताबिक किराया लेते हैं। ओवरलोड के चलते कई बार हादसे भी हो चुके हैं। इस मामले में एआरएम घनिष्ठानंद ने बताया कि 40 नई रोडवेज बसों के संचालन का प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा गया है, स्वीकृत होने पर बसों का संचालन किया जाएगा।
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ललितपुर। रोडवेज बसों की कमी से जूझ रहे जिले के लोगों को जल्द ही परिवहन निगम की तरफ से 40 रोडवेज बसों की सौगात मिलेगी। इसके लिए अफसरों ने प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेज दिया है। अफसरों का कहना है कि बसों के जल्द मिलने की उम्मीद है। इससे करीब तीन लाख की आबादी को फायदा मिलेगा।
रोडवेज डिपो का निर्माण अंतिम चरण में है। रंगरोगन का कार्य कराकर रोडवेज डिपो को परिवहन निगम के अधिकारियों को सुपुर्द कर दिया जाएगा। वहीं, 40 बसों के मिलने से यात्रियों को डग्गामार वाहनों से छुटकारा मिल जाएगा। वर्तमान में सिर्फ रोडवेज की चार बसों का संचालन किया जा रहा है। इनमें तीन झांसी से ललितपुर और एक बस ललितपुर से लखनऊ के लिए चलती है। इनमें में भी कभी-कभी बसों में तकनीकी खराबी होने से संचालन ठप हो जाता है। यात्रियों को मजबूरन डग्गामार बसों या टेंपो से जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ती है।
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ग्रामीण मार्गों पर एक भी बस नहीं
ग्रामीण मार्गों पर अभी रोडवेज की एक भी सेवा नहीं है। डग्गामार वाहन ही यात्रियों का एकमात्र सहारा हैं। टेंपो-टैक्सी चालक मनमुताबिक किराया लेते हैं। ओवरलोड के चलते कई बार हादसे भी हो चुके हैं। इस मामले में एआरएम घनिष्ठानंद ने बताया कि 40 नई रोडवेज बसों के संचालन का प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा गया है, स्वीकृत होने पर बसों का संचालन किया जाएगा।
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