{"_id":"5f0b64098ebc3e63b13abbb9","slug":"recomandation-to-removed-cms-taldehate-news-jhs171385316","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्पताल में खामियां मिलने पर चिकित्सा अधीक्षक को हटाने के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्पताल में खामियां मिलने पर चिकित्सा अधीक्षक को हटाने के निर्देश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तालबेहट। जनपद के नोडल अधिकारी प्रमोद कुुमार उपाध्याय ने रविवार को तीसरी बार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तालबेहट में बनाए गए कोविड एल- वन अस्पताल का निरीक्षण किया। गंदगी व कई खामियां मिलने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई और मुख्य चिकित्साधिकारी से चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरेंद्र कुमार को हटाने के निर्देश दिए।
कोरोना मरीजों के उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तालबेहट में कोविड लेवल-1 स्तर का अस्पताल बनाया गया है। जहां शुक्रवार से मरीजों का आना शुरू हो गया है। शनिवार को मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा और रविवार को नोडल अधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय ने निरीक्षण किया था। जब पिछली बार वह निरीक्षण को आए थे तो कई कमियों मिली थीं। उन्होंने कमियों को दूर करने के निर्देश दिए थे, लेकिन रविवार को निरीक्षण के बाद कमियों में सुधार नहीं मिलने पर उन्होंने सीएमओ डॉ. प्रताप सिंह से चिकित्सा अधीक्षक को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। अस्पताल में गंदगी, मरीजों को उचित खाना नहीं मिलने, शौचालय में गंदगी मिली और पानी की उचित सुविधा नहीं थी। इसके बाद वह अस्पताल भर्ती मरीजों को खाना बनाने वाले स्थान पर स्थान पर गए और वहां की साफ- सफाई एवं खाद्यान्न सामग्री की गुणवत्ता को देखा। इसके बाद वह राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय एल- वन अस्तपाल गए। वहां अस्पताल का रूप देने का काम चलता मिला। उन्होंने काम में तेेजी लाने के निर्देश दिए। इस मौके पर एडीएम अनिल कुमार मिश्र, सीडीओ अनिल कुमार पांडेय, सीएमओ डा. प्रताप सिंह, एसडीएम मोहम्मद कमर सहित कई अधीनस्थ विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
सोशल मीडिया पर चर्चा में रहे चिकित्सा अधीक्षक
तालबेहट। हमेशा चर्चाओं में रहने वाले चिकित्सा अधीक्षक रविवार को अपनी एक पोस्ट सोशल मीडिया पर डालने के कारण चर्चाओं में रहें। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कोरोना रहित मरीज स्वयं अपनी गंदगी साफ करें। उनकी पोस्ट पर कई लोगों ने कमेंट किए। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रताप सिंह ने कहा कि ललितपुर चिकित्सा अधीक्षक तालबेहट द्वारा सोशल मीडिया पर इस तरह की पोस्ट डालना गलत है। यदि कोई लिखित में शिकायत करेगा तो हम कार्रवाई करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना मरीजों के उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तालबेहट में कोविड लेवल-1 स्तर का अस्पताल बनाया गया है। जहां शुक्रवार से मरीजों का आना शुरू हो गया है। शनिवार को मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा और रविवार को नोडल अधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय ने निरीक्षण किया था। जब पिछली बार वह निरीक्षण को आए थे तो कई कमियों मिली थीं। उन्होंने कमियों को दूर करने के निर्देश दिए थे, लेकिन रविवार को निरीक्षण के बाद कमियों में सुधार नहीं मिलने पर उन्होंने सीएमओ डॉ. प्रताप सिंह से चिकित्सा अधीक्षक को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। अस्पताल में गंदगी, मरीजों को उचित खाना नहीं मिलने, शौचालय में गंदगी मिली और पानी की उचित सुविधा नहीं थी। इसके बाद वह अस्पताल भर्ती मरीजों को खाना बनाने वाले स्थान पर स्थान पर गए और वहां की साफ- सफाई एवं खाद्यान्न सामग्री की गुणवत्ता को देखा। इसके बाद वह राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय एल- वन अस्तपाल गए। वहां अस्पताल का रूप देने का काम चलता मिला। उन्होंने काम में तेेजी लाने के निर्देश दिए। इस मौके पर एडीएम अनिल कुमार मिश्र, सीडीओ अनिल कुमार पांडेय, सीएमओ डा. प्रताप सिंह, एसडीएम मोहम्मद कमर सहित कई अधीनस्थ विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
सोशल मीडिया पर चर्चा में रहे चिकित्सा अधीक्षक
तालबेहट। हमेशा चर्चाओं में रहने वाले चिकित्सा अधीक्षक रविवार को अपनी एक पोस्ट सोशल मीडिया पर डालने के कारण चर्चाओं में रहें। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कोरोना रहित मरीज स्वयं अपनी गंदगी साफ करें। उनकी पोस्ट पर कई लोगों ने कमेंट किए। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रताप सिंह ने कहा कि ललितपुर चिकित्सा अधीक्षक तालबेहट द्वारा सोशल मीडिया पर इस तरह की पोस्ट डालना गलत है। यदि कोई लिखित में शिकायत करेगा तो हम कार्रवाई करेंगे।
विज्ञापन