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दुष्कर्मियों को दी जानी चाहिए खुलेआम फांसी की सजा

Tue, 03 Dec 2019 11:27 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 03 Dec 2019 11:27 PM IST
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Rapist would hangout
नेहरू महाविद्यालय में अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद छात्राएं व शिक्षक - फोटो : LALITPUR
ललितपुर। हैदराबाद में डॉक्टर बिटिया से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की दिल दहलाने वाली घटना पर संसद से लेकर सड़क तक आक्रोश है। शिक्षिकाओं व छात्राओं ने इस जघन्य अपराध के दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। छात्राओं ने ‘अपराजिता’ के शपथ पत्र भी भरे। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा हरहाल में हो तथा दुष्कर्मियों को फांसी की सजा दी जाए।
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बीते वर्षों में निर्भया के साथ दरिंदगी हुई थी, तब भी पूरे देश में इसी तरह के प्रदर्शन हुए थे। इस पर सरकार को कड़े कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा था। अब हैदराबाद की घटना को लेकर देश भर में आक्रोश है। जगह-जगह कैंडल मार्च व गोष्ठियों के माध्यम से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। नेहरू महाविद्यालय के संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. ओमप्रकाश शास्त्री ने ‘अपराजिता 100 मिलियंस स्माइल’ के छात्राओं से शपथ पत्र भरवाने में सहयोग प्रदान किया।
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औरतों को दबाएं नहीं, बल्कि उन्हें स्वतंत्र तरीके से जीने का अधिकार मिलना चाहिए। महिलाओं व छात्राओं को कराटे जैसी शिक्षा मिलना चाहिए। आत्म सुरक्षा के और भी जो टिप्स हैं, उन्हें बताए जाना चाहिए। उन्होंने कराटे को अनिवार्य शिक्षा बनाने की जरूरत बताई।
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- डॉ. ऋचा साहनी
समाज में जितने भी नियम कायदे बने हैं, वे लड़कियों पर ही लागू होते हैं। क्या पहनना है, कहां जाना है, किससे बात करना है? अकेली नहीं जाना है, ये सब लड़कियों को बताया जाता है। लेकिन, लड़कों को कभी नहीं कहा जाता है कि उन्हें किससे और कैसी बात करना है। जब तक लोगों को भय व्याप्त नहीं होगा, तब तक जघन्य अपराधों पर अंकुश लगना मुश्किल है। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जरूरत है।
- मीरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोटबंदी की कार्रवाई बड़ी तेजी से की गई, ऐसी ही कार्रवाई महिलाओं के साथ होने वाले दुर्व्यवहार के मामले में होना चाहिए। सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। चाहे वह बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन हों या कालेज, रैन बसेरा आदि। दरिंदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
- आरती
हैदराबाद की घटना पर अपनी बात पंक्तियों के माध्यम से कही। मां दुर्गा की पूजा करके भक्त बड़े कहलाते हो, कहां गई वो ऐसी भक्ति जो बेटी को मार गिराते हो। इसका मतलब यह है कि इस तरह लोगों का दोहरा चरित्र सामने आ रहा है। इससे बचने की जरूरत है।
- शिवांगी पांडे
श्रीराम मंदिर बनाकर हम क्या कर लेंगे, जब आंगन में रहने वाली सीता ही सुरक्षित नहीं है। सबसे पहले हमें महिलाओं की सुरक्षा पुख्ता करनी होगी, उसके बाद अन्य कामों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
- उमा सूर्या
वर्तमान सरकार बेटियों के लिए तमाम कार्यक्रम चला रही है, इसमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ शामिल है। जब तक महिलाओं को भयमुक्त माहौल नहीं मिलेगा, तब तक बेटी बचाओ बेटी बचाओ जैसे कार्यक्रम पर सवाल उठते रहेंगे।
- अर्चना
हैदराबाद में बहुत दुखद घटना घटित हुई है। इस तरह की घटनाओं से महिलाओं में असुरक्षा की भावना पनपती है, अभिभावक भी चिंतित रहते हैं। इस घटना के आरोपियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए, ताकि लोगों का दिल दहल जाए।

- डॉ. ऋचा राज सक्सेना
हैदराबाद की घटना आज देशभर में सुर्खियों में है, जबकि इस तरह की घटनाएं देश के विभिन्न हिस्सों में होती रहती हैं। सरकार को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े से कड़े कानून बनना चाहिए, ताकि कोई दोबारा जघन्य अपराध करने की कोई भी सोचे नहीं। सभी चारों आरोपियों को खुले मैदान में सजा देनी चाहिए।
- श्वेता आनंद
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