ललितपुर। श्री रामलीला हनुमान जयंती महोत्सव समिति की बैठक में कई निर्णय लिए गए। समिति अध्यक्ष बृजेश चतुर्वेदी ने बताया कि कोरोना वायरस के कारण जिले में ऐतिहासिक विजयदशमी पर्व वैदिक रीति से मनाया जाएगा। 23 अक्तूबर को अष्टमी के दिन श्री रघुनाथ जी बड़ा मंदिर व काली बऊआ में पूजन-अर्चन किया जाएगा। वहीं, श्री रामेश्वरम पूजन पूरे वैदिक विधि विधान से किया जाएगा। 25 अक्तूबर को विजयादशमी के दिन रामलीला मैदान पर शमी पूजन, मां चंडी पूजन एवं रघुनाथ जी का तिलक समिति के सभी पदाधिकारियों और सम्मानीय जनों की उपस्थिति में संपन्न होगा। विजयादशमी पर्व जनपद का सबसे महत्वपूर्ण उत्सव है। समिति द्वारा हर वर्ष रावण, कुंभकरण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन किया जाता है, जिसे देखने के लिए हजारों लोगों का जनसमूह रामलीला मैदान पर एकत्रित होता है लेकिन इस बार कोरोना वायरस को देखते हुए शासन के सभी नियमों का पालन करते हुए पुतला दहन का कार्यक्रम निरस्त करना पड़ रहा है। समिति द्वारा सभी पूजन वैदिक रीति द्वारा किए जाएंगे। मां जगदंबा से प्रार्थना की जाएगी कि हे मां समूचे विश्व से कोरोना महामारी पूर्ण रूप से समाप्त हो और सभी प्राणी पूर्ण स्वस्थ हो। इस मौके पर श्यामाकांत चौबे, रमेश रावत, जगदीश पाठक, राजेश दुबे, अमित तिवारी, रत्नेश तिवारी, हरविंदर सलूजा, चंद्रशेखर राठौर, हरिमोहन चौरसिया, अवधेश कौशिक, धर्मेंद्र चौबे, राकेश तामिया, शिवकुमार शर्मा, भरत रिछारिया, मुन्ना त्यागी सहित समिति के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे। संचालन महामंत्री डा प्रबल सक्सेना ने किया।